कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार जिला प्रशासन एक्शन में। जिले के 189 पेट्रोल और डीजल पंपों पर तेल कंपनियों द्वारा आपूर्ति जारी।
- जिले में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता।
- जिला प्रशासन ने नागरिकों से धैर्य रखने और अफवाहों से बचने की अपील की।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। अचानक से पेट्रोल पंपों पर लग रही लंबी लाइन का राज खुल गया है। यह खेल बिलासपुर से शुरू हुआ। भिलाई सेक्टर 4 वाघेला फिलिंग स्टेशन के संचालक ने राज खोलते हुए बताया कि तेल की कोई किल्लत नहीं है।
बिलासपुर के कुछ पेट्रोल पंप संचालकों का बकाया होने की वजह से एजेंसी ने पेट्रोल की सप्लाई को रोक दिया था। इसकी वजह से पेट्रोल पंप ड्राइ हो गए। इसको लेकर अफवाह उड़ा दी गई कि पेट्रोल की किल्लत शुरू हो गई, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं था। मीडिया में गलत खबर प्रसारित होने से लोगों को भ्रम हुआ और पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइन लगनी शुरू हो गई। इसी बीच दाम भी बढ़ गया। पेट्रोल 3 रुपए 11 पैसे और डीजल 3 रुपए 16 पैसे महंगा हा गया है।
भिलाई टाउनशिप के 10 पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइन लगी हुई है। संचालक खुद लोगों को समझा रहे हैं। पीएम मोदी की अपील और डीजल-पेट्रोल का रेट बढ़ने से लोगों ने अफवाहों को यकीन समझ लिया। यही वजह है कि आधी रात तक वाहनों की लाइन पेट्रोल पंप पर लगी रही।
एक पेट्रोल पंप पर औसतन 3 हजार से लेकर 7-8 हजार लीटर प्रतिदिन पेट्रोल की खपत होती है। जबकि टैंकर की क्षमता 20 हजार लीटर की होती है। भीड़ की वजह से टैंकर खाली होते जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ पेट्रोल डीलर एसोसिएशन के सदस्य दिलीप वाघेला ने सूचनाजी.कॉम से बातचीत में बताया कि एक टैंकर को फुल करने में 18 से 19 लाख रुपए की बिल बनती है। एक दिन पहले डिमांड और पैसा भेजना होता है, तभी सप्लाई होती है। बिलासपुर में पेट्रोल पंप ड्राइ होने के पीछे भी यही वजह थी। पेट्रोल-डीजल की कोई किल्लत नहीं है, लाइन लगाने की किसी को कोई जरूरत नहीं है।
इधर-कलेक्टर की ये अपील
दुर्ग जिले में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी भी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा पेट्रोल पंपों की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। वर्तमान में जिले के 189 पेट्रोल और डीजल पंपों पर तेल कंपनियों द्वारा निरंतर आपूर्ति जारी है।
जिला प्रशासन का ये भी दावा
जिले में पेट्रोल का 1421 किलोलीटर और डीजल का 1678 किलोलीटर स्टॉक उपलब्ध है, जो अगले 5 दिनों से अधिक की आवश्यकता के लिए पर्याप्त है। जिले में पेट्रोल की दैनिक औसत खपत 293 किलोलीटर और डीजल की 374 किलोलीटर है।
अफवाहों से बिगड़े माहौल
अफवाहों के कारण उपभोक्ताओं द्वारा सामान्य से दोगुना ईंधन खरीदने से कुछ पंपों पर अस्थायी दबाव की स्थिति बन रही है। जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ईंधन की जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी।
नागरिकों से अपील की गई है कि वे घबराहट में आकर अनावश्यक संग्रहण न करें और केवल आवश्यकतानुसार ही ईंधन खरीदें। तेल कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर सभी पंपों पर सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

