भिलाई स्टील प्लांट की सीजीएम सेफ्टी पुष्पा एम्ब्रोस से भिलाई कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों ने मुलाकात कर सुरक्षा संबंधी मांग पत्र सौंपा।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई कर्मचारी यूनियन ने संयंत्र में सेफ्टी से जुड़े विभिन्न विषयों पर मुख्य महाप्रबंधक सेफ्टी से मुलाकात की। सर्व प्रथम उन्हें प्रोमोशन की बधाई दी। साथ ही निम्न बिंदुओं पर सिलसिलेवार चर्चा की।
1. एम आर डी विभाग के सामने स्थित रेलवे क्रॉसिंग के आसपास बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे वहां से गुजरने वाले कर्मचारियों को बहुत परेशानी हो रही है। कई लोग छोटी मोटी दुर्घटना के शिकार भी हो रहे हैं। तत्काल उन्हें भरा जाए।
2. संयंत्र में चलने वाली सभी क्रेनों एवं उनके हुक में रेडियम पट्टी लगाई जाए, जिससे रात के समय वहां से गुजरने वाले कर्मचारियों को स्पष्ट रूप से क्रेन मोमेंट समझ आए।
3.संयत्र में काम करने वालेसभी ठेका श्रमिकों के हेलमेट की समय समय पर जांच किए जाने की व्यवस्था की जाए। शिकायत मिल रही है ठेकेदार निम्न गुणवत्ता का हेलमेट अपने श्रमिकों को दे रहे है।
4. जनरल शिफ्ट ड्यूटी आते समय चाइना बाजार के आसपास अव्यवस्थित टेलर, ट्रकों का जमावड़ा लगा रहता है। इस कारण आने वाले कर्मचारियों के साथ हमेशा दुर्घटना का भय रहता है इस पर ध्यान दिया जाए।
5. शाम के समय जेपी चौक के आसपास भारी वाहन और चौक के आगे लगने वाले फल फ्रूट सब्जियों के ठेलों के कारण रोड जाम रहता है जो किसी दिन बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
6. संयंत्र के भीतर बढ़ती जानवरों की संख्या जैसे कुत्ते,सुअर,गाय जो इधर उधर भटकते रहते हैं। इनके कारण सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही है और भविष्य में दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है। इन पर लगाम लगाई जाए।
7. सेफ्टी विभाग द्वारा संयंत्र के भीतर ओवर स्पीड के लिए कर्मियों को वार्निंग लेटर दिए जा रहे हैं, पर ध्यान दिये जाने वाली बात है कि ड्यूटी आते समय हो रही देरी के लिए जिम्मेदार कौन है,सड़क पर खड़े बेतरतीब वाहन,गेट पर कम संख्या में सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी, जल्दी पहुंचने की आपाधापी।
8. संयंत्र के बाहर ओवर स्पीड एवं नो एंट्री टाइम की भारी वाहन सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं? क्या संयंत्र के बाहर कर्मचारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रबंधन की नहीं है। संयंत्र के परिसर में इतने कड़े नियम और बाहर सुरक्षा की कोई जिम्मेदारी नहीं।
9. संयंत्र के बाहर नो एंट्री टाईम 5 बजे से 6:30 तक किया जाए, क्योंकि अभी वर्तमान में अंधेरा जल्दी होता है तथा इस्पात भवन एवं एचआरडी का ड्यूटी से लौटने का समय 5:45 कर दिया गया है इस कारण लौटने में रोड पर देरी होती है और इसी बीच भारी वाहनों का आवागमन शुरू हो जाता है जो कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
10. सुरक्षा की दृष्टि से सभी रेलवे क्रॉसिंग के लेवल को ठीक किया जाना आवश्यक है अक्सर लेवल के पास दुर्घटनाएं होती रहती है।
11. सभी स्पीड ब्रेकर तथा डिवाइडर के शुरूआत को रेडियम पट्टी से पेंट किया जाये।
12. बोरिया गेट पर बारिश के दौरान पानी जमा हो जाता है। इससे कर्मियों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है उचित पानी निकास की व्यवस्था किए जाने की आवश्यकता है।
उपरोक्त सभी विषयों बहुत ही सकारात्मक चर्चा हुई उन्होंने बताया कि सभी ठेकेदारों को कहा गया है कि अपने श्रमिकों को आईएसआई सेफ्टी नार्मस वाले हेलमेट जल्दी उपलब्ध करवायें अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई होगी, कुछ ठेकेदारों ने इसे लागू भी कर दिया है, अन्य बिंदुओं पर उन्होंने संबंधित विभागों से चर्चा कर सामाधान का भरोसा दिलाया।
बैठक में अध्यक्ष राजेश चौहान, महामंत्री अशोक माहौर, कार्यकारी अध्यक्ष आनंद पाण्डेय, श्रीनिवास मिश्रा, उपाध्यक्ष अवधेश पाण्डेय, ओम प्रकाश तीतरमारे, डीजीएस संजय शाह, अनुराग महुलकर,एस एस यादव,बिष्णु साहू उपस्थित थे।
