भिलाई महापौर चुनाव: ऐसा क्या हुआ कि BSP Officers Association अध्यक्ष एनके बंछोर चुनावी मैदान से हट गए पीछे
समर्थकों का दबाव, दोनों प्रमुख दलों में नाम की चर्चा; एनके बंछोर बोले-फिलहाल किसी पार्टी से दावेदारी नहीं।
अज़मत अली, भिलाई। भिलाई, रिसाली और भिलाई-चरोदा नगर निगम में इस साल चुनाव होने हैं। निकाय चुनाव के साथ महापौर पद के लिए भी सियासी तस्वीर साफ होगी। चुनावी बिसात बिछने से पहले ही कांग्रेस और भाजपा
- समर्थकों का दबाव, दोनों प्रमुख दलों में नाम की चर्चा; एनके बंछोर बोले-फिलहाल किसी पार्टी से दावेदारी नहीं।
अज़मत अली, भिलाई। भिलाई, रिसाली और भिलाई-चरोदा नगर निगम में इस साल चुनाव होने हैं। निकाय चुनाव के साथ महापौर पद के लिए भी सियासी तस्वीर साफ होगी। चुनावी बिसात बिछने से पहले ही कांग्रेस और भाजपा के दावेदार सक्रिय हो गए हैं। टिकट के लिए नेताओं की दौड़ शुरू है और अपने-अपने स्तर पर जैक लगाए जा रहे।
इसी सियासी हलचल के बीच एक ऐसा नाम भी चर्चा में है, जो किसी राजनीतिक दल का सदस्य नहीं है, लेकिन कांग्रेस और भाजपा, दोनों खेमों के नेताओं से उसकी नजदीकी की चर्चा होती रही है। यह नाम है स्टील एग्जीक्यूटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया (SEFI) के चेयरमैन और भिलाई स्टील प्लांट ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार बंछोर (एनके बंछोर) का।
ओबीसी चेहरे के तौर पर एनके बंछोर का नाम पिछले कुछ समय से राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। समर्थकों की ओर से भी उन्हें चुनावी मैदान में उतारने की पैरवी किए जाने की बात सामने आ रही है। ऐसे में सवाल सीधा था- क्या एनके बंछोर खुद चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं?
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इसी सवाल का जवाब जानने के लिए सूचनाजी.कॉम ने एनके बंछोर से सीधे बातचीत की। बातचीत में उन्होंने स्वीकार किया कि समर्थकों की ओर से चुनाव लड़ने के लिए दबाव है, लेकिन फिलहाल उन्होंने किसी राजनीतिक दल से दावेदारी नहीं की है।
एनके बंछोर ने कहा कि वह अभी सियासी मैदान में उतरने की तैयारी नहीं कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल उनके पास एसडीएम की ओर से जारी ओबीसी प्रमाणपत्र नहीं है। ऐसे में उन्होंने किसी पार्टी से महापौर पद के लिए अपनी दावेदारी नहीं की है। यानी जिस नाम को लेकर भिलाई की सियासत में चर्चाओं का बाजार गर्म था, उस पर खुद एनके बंछोर ने फिलहाल विराम लगा दिया है।
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विधानसभा चुनाव में भी सामने आया था नाम
एनके बंछोर के राजनीतिक कनेक्शन की चर्चा नई नहीं है। बीएसपी के अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच यह चर्चा रही है कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान उनका नाम दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों में चला था। टिकट के लिए चर्चा में आया था। भाजपा की ओर से दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से टिकट की पेशकश किए जाने की चर्चा भी सामने आई थी। वहीं कांग्रेस ने भिलाई नगर सीट से देवेंद्र यादव को उम्मीदवार बनाया था। इसके बाद एनके बंछोर के चुनाव लड़ने की अटकलें थम गई थीं।
अब निकाय चुनाव की आहट के साथ एक बार फिर उनका नाम राजनीतिक गलियारों में उछला। लेकिन इस बार भी सूचनाजी.कॉम से बातचीत में एनके बंछोर ने चुनाव लड़ने की अटकलों पर फिलहाल विराम लगा दिया है।
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फिर भी खत्म नहीं हुई सियासी चर्चा
एनके बंछोर के पीछे हटने के बाद भी भिलाई की राजनीतिक चर्चा खत्म होती नजर नहीं आ रही। भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही खेमों में महापौर पद के लिए कई नामों की चर्चा है। मौजूदा महापौर समेत कई चेहरे अपनी-अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी दल ने महापौर पद के लिए अपने उम्मीदवार का औपचारिक ऐलान नहीं किया है। ऐसे में टिकट की तस्वीर आने वाले दिनों में ही साफ होगी।
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एनके बंछोर ने फिलहाल चुनाव से दूरी बना ली है, लेकिन राजनीति में नाम एक बार उछल जाए तो उसकी गूंज जल्दी खत्म नहीं होती। निकाय चुनाव के साथ यह नाम फिर किस मोड़ पर सामने आता है, इस पर भिलाई की सियासत की नजर रहेगी।
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