- पीबीएस में जनसभा के माध्यम से सुरक्षा संस्कृति परिवर्तन का दिखा प्रभाव, टीम ‘सुरक्षा शक्ति’ प्रथम स्थान पर।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। क्वालिटी सर्कल फोरम ऑफ इंडिया द्वारा ग्रेटर नोएडा में आयोजित नेशनल कन्वेंशन ऑन क्वालिटी कॉन्सेप्ट्स में भिलाई इस्पात संयंत्र के पीबीएस विभाग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय सफलता अर्जित की। पीबीएस विभाग की टीम “सुरक्षा शक्ति” ने प्रभावशाली प्रस्तुति के आधार पर सुरक्षा सर्किल में बीएसपी की तरफ से प्रथम स्थान प्राप्त किया।
इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के 601 संगठनों ने भाग लिया। सम्मेलन के दौरान 2209 भौतिक एवं 179 वर्चुअल केस स्टडी, 125 काइज़न एवं मॉडल डिस्प्ले प्रस्तुत किए गए। आयोजन में 11296 भौतिक तथा 824 वर्चुअल प्रतिनिधियों की सहभागिता रही, जो सम्मेलन के व्यापक स्वरूप को दर्शाता है।
पीबीएस विभाग की “सुरक्षा शक्ति” टीम ने सुरक्षा सुधार, नवाचार एवं गुणवत्ता पर आधारित अपनी केस स्टडी से निर्णायकों को अत्यंत प्रभावित किया।
इस टीम में फैसिलिटेटर अंकुर राठौर, टीम लीडर पंकज राठौर, डिप्टी लीडर मोहम्मद रफ़ी तथा सदस्य मानस कुंभकार, रवि चौधरी एवं चंद्रकांत घागरे शामिल थे।
इसके अतिरिक्त पीबीएस विभाग की टीम “सेफ टेक इनोवेटर” ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। वहीं बीआरएम विभाग की टीम “आरोहण” एवं कोक ओवन विभाग की टीम “अनुसंधान” ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान हासिल किया।
पीबीएस विभाग की यह उपलब्धि विभाग में किए गए सुरक्षा संस्कृति में सकारात्मक परिवर्तन का प्रत्यक्ष परिणाम मानी जा रही है। पूर्व मुख्य महाप्रबंधक (पावर फैसिलिटी) एवं वर्तमान ईडी एचआर राजीव पांडे के मार्गदर्शन में पीबीएस विभाग में प्रारंभ की गई “जनसभा” जैसी अभिनव पहल के माध्यम से कर्मचारियों एवं ठेका कर्मियों के साथ सीधा संवाद स्थापित हुआ, जिससे सुरक्षित आचरण एवं व्यवहार आधारित सुरक्षा को मजबूती मिली।
इस दौरान विभाग प्रमुख शेख ज़ाकिर, टर्बाइन सेक्शन प्रमुख वी. एस. देवांगन तथा बॉयलर सेक्शन प्रमुख संजय अग्रवाल का निरंतर मार्गदर्शन एवं सहयोग टीमों को मिलता रहा, जिससे पीबीएस विभाग में सकारात्मक कार्य-संस्कृति एवं सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और सुदृढ़ हुई।
पीबीएस विभाग में विकसित हुई इस सशक्त सुरक्षा संस्कृति का प्रभाव राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में टीमों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के रूप में स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ।











