- बीएसपी की संयुक्त यूनियन इंटक, सीटू, एचएमएस, एटक, एक्टू, लोइमू, स्टील वर्कर्स यूनियन ने हड़ताल का समर्थन किया है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। मोदी की सरकार की नीतियों के खिलाफ देशव्याही हड़ताल का आह्वान है। 4 लेबर समेत अन्य मुद्दों पर हड़ताल का हिस्सा सेल भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारी नहीं बने। फर्स्ट शिफ्ट सुबह 6 बजे और जनरल शिफ्ट 9 बजे ड्यूटी पहुचंने वाले कार्मिक रात के अंधेरे में ही ड्यूटी पहुंच गए। प्रोडक्शन बहाल है। किसी तरह का उत्पादन पर असर नहीं पड़ा।

दूसरी ओर राजहरा माइंस में अकेले सीटू के बैनर तले कर्मचारियों से अपील होती रही। बाकी यूनियनों ने हड़ताल से खुद को अलग किया हुआ है। इसी तरह नंदिनी माइंस से भी प्रबंधन के लिए अच्छी खबर रही।

सेल भिलाई स्टील प्लांट के मुर्गा चौक पर संयुक्त यूनियन के नेता भोर में साढ़े 5 बजे से पहुंचना शुरू हुए। इससे पहले ही कर्मचारी और अधिकारी आराम से ड्यूटी पहुंच चुके थे। जब तक यूनियन नेता झंडा निकालकर मुस्तैद होते मैदान खाली हो चुका था।

ड्यूटी से वापस लौटने वाले कर्मचारियों को कुछ देर तक रोका गया। पुलिस कर्मियों ने हस्तक्षेप की कोशिश की, लेकिन, यूनियन नेताओं के आक्रोश को देखते हुए वे भी पीछे हट गए। पुलिस की दखल से टकराव की स्थिति बनी थी। लेकिन, हालात को संभाल लिया गया।

इसके बाद प्रबंधन ने इस्पात भवन के सामने स्मारक चौक से ही कार्मिकों को बोरिया गेट की तरफ डायवर्ट करना शुरू कर दिया। कुछ टीपीएल के रास्ते तो कुछ बोरिया गेट होते हुए घरों की ओर रवाना हो गए।

गुरुवार भोर में 4 बजे से ही कार्मिकों को ड्यूटी बुला लिया गया था। बोरिया गेट पर पर्सनल डिपार्टमेंट के डीजीएम बीपी नायक मातहत कार्मिकों के साथ मुस्तैद नजर आए। यहां पुलिस कर्मी भी रहे, पर गेट जाम करने वाला कोई नजर नहीं आया।

इसी तरह सवा 5 बजे मुर्गा चौक पर एजीएम रोहित हरित और सीनियर मैनेजर आइआर प्रियंका मीणा ने मोर्चा संभाला था। अंधेरे में ही एटक के विनोद कुमार सोनी, एनजेसीएस सदस्य वंश बहादुर सिंह, एचएमएस महासचिव प्रमोद कुमार मिश्र, सीटू से टी. जोगा राव, डीवीएस रेड्डी, जेपी त्रिवेदी, लोइमू के सुरेंद्र मोहंती, एक्टू के बृजेंद्र तिवारी हाथों में झंडा लिए रास्ता को जाम किया।

ये सारी कवायद चल रही थी, तभी 5.58 बजे इंटक महासचिव संजय साहू भी पदाधिकारियों के साथ पहुंचे। मुर्गा चौक पर ही कुछ समय के लिए पुलिस, बीएसपी अधिकारियों के सामने हड़ताल में शामिल यूनियन नेता डटे दिखे। मोदी सरकार और सेल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी होती रही। 39 माह के बकाया एरियर और लंबित वेज रिवीजन को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की गई।











