Bhilai News: हॉस्पिटल सेक्टर के परिवारों के समर्थन में रैली, भिलाई स्टील प्लांट और कलेक्टर से ये मांग

Bhilai News Rally in Support of Families of Hospital Sector Demands from Bhilai Steel Plant and Collector
  • संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि आश्वासनों पर अमल नहीं हुआ तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई हॉस्पिटल सेक्टर में निवासरत सैकड़ों परिवारों को बेदखल किए जाने की कार्रवाई के विरोध में सोमवार को शहर में आवास अधिकार को लेकर बड़ा प्रदर्शन हुआ। मेहनतकश आवास अधिकार संघ के नेतृत्व में भिलाई पावर हाउस से विशाल रैली एवं सभा का आयोजन किया गया, जिसमें हॉस्पिटल सेक्टर के निवासियों के साथ विभिन्न बस्तियों के मजदूर और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने Bhilai Steel Plant प्रबंधन की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उनका कहना था कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के वर्षों से बसे परिवारों को बेघर करना उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। इससे गरीब परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा और बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित होगी।

प्रतिनिधियों ने कहा कि एक ओर सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सभी को आवास देने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर गरीब बस्तियों को उजाड़ा जा रहा है। इसे उन्होंने “आवास के अधिकार” और जमीनी सच्चाई के बीच स्पष्ट विरोधाभास बताया।

सभा के बाद पावर हाउस चौक से भगत सिंह चौक तक रैली निकाली गई, जिसमें सैकड़ों लोगों ने नारों के जरिए अपने अधिकारों के प्रति एकजुटता जताई।

सोमवार को जिला कलेक्टर से संगठन के पदाधिकारियों ने मुलाकात कर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। उन्होंने मुख्यमंत्री से प्रतिनिधिमंडल की भेंट कराने की भी बात कही। संगठन ने प्रशासन के आश्वासन का स्वागत किया, लेकिन चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा मजदूर कार्यकर्ता समिति, महिला मुक्ति मोर्चा, मेहनतकश आवास अधिकार संघ सहित विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

रमाकांत बंजारे, महेश साहू, नारायण राव, कल्याण पटेल, लक्ष्मण, बसंती, सारदा, नीरा, संजना, अरूणा, भावना, शांति, बेबी खातून, संदीप, मन्नू ठाकुर, ब्रह्मा, मोहन, मैरी, रतम्मा, नकुल साहू, प्रेम किशन, सुरेंद्र मोहंती, कलादास डेहरिया सहित सैकड़ों मजदूरों ने भागीदारी की।