- श्रम, वस्त्र एवं कौशल विकास संबंधी संसदीय समिति की हालिया सिफारिशों को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की गई है।
सूचनाजी न्यूज, रायपुर। कर्मचारी पेंशन योजना 1995 के तहत ईपीएस 95 न्यूनतम पेंशन को लेकर देशभर में आंदोलन हो रहे हैं। देशव्यापी अभियान के क्रम में राष्ट्रीय संघर्ष समिति छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा राज्य अध्यक्ष एलएम सिद्दीकी के नेतृत्व में भविष्य निधि संगठन (EPFO) कार्यालय रायपुर के समक्ष लगभग दो घंटे का शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया गया।
धरना उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-1 से भेंट कर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय संघर्ष समिति के राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत आयोजित किया गया, जिसके अंतर्गत देशभर में EPFO कार्यालयों में जाकर आयुक्तों के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किए जा रहे हैं।
ज्ञापन में “श्रम, वस्त्र एवं कौशल विकास संबंधी संसदीय समिति” की हालिया सिफारिशों को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की गई है। उक्त समिति, जिसके अध्यक्ष भाजपा सांसद बसवराज हैं, ने 17 मार्च 2026 को अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख किया है कि ईपीएस-95 पेंशनर्स को वर्तमान में प्राप्त ₹1000 की न्यूनतम पेंशन अत्यंत अपर्याप्त है। अतः, यथार्थवादी दृष्टिकोण अपनाते हुए न्यूनतम पेंशन में शीघ्र एवं समुचित वृद्धि की आवश्यकता पर बल दिया गया है तथा इस विषय पर तत्काल समीक्षा की अनुशंसा की गई है।
राष्ट्रीय स्तर पर समिति के अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत एवं महासचिव वीरेंद्र सिंह राजावत के नेतृत्व में चलाया जा रहा यह अभियान सरकार पर सकारात्मक दबाव बनाकर पेंशन वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री के नाम भी देशभर में जिला कलेक्टरों के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किए जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में राज्य अध्यक्ष एलएम सिद्दीकी के निर्देशन में विभिन्न जिलों में ज्ञापन सौंपने का क्रम निरंतर जारी है। अब तक कांकेर में पी. आर. वट्टी, दुर्ग में उमेश उपाध्याय, बचेली (दंतेवाड़ा) में एस. सी. सिंह, कोरबा में पी. एल. सोनी, जगदलपुर में एम. एम. जिलान, किरंदुल (दंतेवाड़ा) में एस. आर. कश्यप तथा राजनांदगांव में आर. के. वर्मा के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। यह अभियान आगामी दिनों में भी जारी रहेगा।














