राउरकेला श्रमिक संघ के महासचिव प्रशांत कुमार बेहरा के नेतृत्व में RLC कार्यालय के समक्ष जनविरोध प्रदर्शन किया गया।
- महासचिव प्रशांत कुमार बेहरा ने कहा-ट्रांसफर की मनमानी कार्रवाई भविष्य में किसी भी अप्रिय स्थिति को जन्म दे सकती है।
सूचनाजी न्यूज, राउरकेला। इस्पात सचिव संदीप पौंड्रिक के आदेश के बाद जिस रफ्तार से कर्मचारियों का ट्रांसफर किया, उसको लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। सेल राउरकेला स्टील प्लांट के कर्मचारियों का ट्रांसफर मामला उलझ गया है। राउरकेला श्रमिक संघ के महासचिव प्रशांत कुमार बेहरा के नेतृत्व में सेक्टर-5 स्थित RLC कार्यालय के समक्ष जनविरोध प्रदर्शन किया गया। जनविरोध प्रदर्शन में कर्मचारियों की स्वतःस्फूर्त भागीदारी और समर्थन ने कर्मचारियों के आक्रोश एवं एकता को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया।
राउरकेला श्रमिक संघ के प्रशांत कुमार बेहरा का कहना है कि RLC के निर्देश के बावजूद राउरकेला इस्पात संयंत्र प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों का अलोकतांत्रिक एवं एकपक्षीय तरीके से मनमाना स्थानांतरण किया है। इसके विरोध में यह जनविरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया।
एक LOP से दूसरे LOP में स्थानांतरण का कोई नियम न होने के बावजूद, 24-09-2025 को प्रबंधन ने विभिन्न विभागों से 18 कर्मचारियों का SMS-II विभाग में स्थानांतरण कर दिया था। इसके विरोध में 25-09-2025 को राउरकेला श्रमिक संघ ने औद्योगिक विवाद अधिनियम के तहत RLC के समक्ष एक मामला (ID No.-300150228, Reference No.-RSS/10/2025/74) दायर किया था।
उक्त मामले की सुलह (Conciliation) प्रक्रिया जारी रहने के दौरान, 09-05-2026 को प्रबंधन ने पुनः 35 कर्मचारियों को टाउनशिप से प्लांट तथा प्लांट से टाउनशिप में स्थानांतरित कर दिया। इस विषय में संघ द्वारा RLC का ध्यान आकर्षित किए जाने पर, RLC ने 12-05-2026 को राउरकेला इस्पात संयंत्र प्रबंधन को यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया था।
इसके बावजूद, 02-06-2026 को पुनः 30 कर्मचारियों को प्लांट तथा 30 कर्मचारियों को टाउनशिप में स्थानांतरित कर दिया गया। इस संबंध में संघ द्वारा RLC को अवगत कराने के बाद, RLC ने दोनों पक्षों को 08-06-2026 को सुलह-वार्ता के लिए बुलाया।
इस बैठक में प्रबंधन की ओर से GM (HR) तथा संघ की ओर से महासचिव प्रशांत कुमार बेहरा ने हस्ताक्षर कर यथास्थिति बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की थी। साथ ही, अगली सुलह-वार्ता 30-06-2026 को आयोजित करने का निर्णय लिया गया था। किन्तु, इससे पूर्व ही 10-06-2026 को प्रबंधन ने पूर्व में स्थगित सभी स्थानांतरण आदेशों को लागू कर दिया।
राउरकेला श्रमिक संघ ने इसे एक अनैतिक, अलोकतांत्रिक एवं एकाधिकारवादी कदम बताया है। संघ के महासचिव प्रशांत कुमार बेहरा ने कहा कि इस प्रकार की मनमानी कार्रवाई भविष्य में किसी भी अप्रिय स्थिति को जन्म दे सकती है, जिसके लिए राउरकेला इस्पात संयंत्र प्रबंधन पूर्णतः जिम्मेदार होगा।
इस जनविरोध प्रदर्शन को सफल बनाने में संघ के उपमहासचिव दिलीप कुमार महापात्र, चक्रधर प्रधान, उपाध्यक्ष आर.के. पंडा, अक्षय जेना, सुदान चौधरी, निहार दास, सत्य साहू, सुरेश पाणिग्राही, सुरेश किशन, मनोज किशन, दुशासन नायक, विकास बेहुरिया, सौम्य ढल, पद्मालया धर, रघुनाथ प्रधान, प्रफुल्ल दास, सरोज दास, सरोज मिश्र, विश्व मोहन पुहान, सुजीत नायक, विनोद तंती, मनमोहन बेहरा, अखिल पृष्टि, पी.के. साहू, दिलीप मलिक, तुषार साहू, ब्रह्मानंद बेहरा, दीपक दे, बंधु लाकड़ा, के.सी. आचार्य, टी.एस. मधुसूदन, लिटु मानसिंह, सुधांशु खुंटिया, सुकांत कुमार नायक, आर. राजीव, मनोज पटनायक, संजीत मलिक एवं अग्नि गोछायत सहित अनेक सदस्यों ने सहयोग किया।

