इंटक बोला-Gen-Z जैसा आंदोलन करने के लिए कर्मचारी तैयार हो जाएं। कर्मचारियों के पैसे को दबाकर रखने नहीं देंगे।
- इंटक, सीटू, बीएमएस, एचएमएस, एटक के केंद्रीय नेताओं से सूचनाजी.कॉम ने की बातचीत। सेल प्रबंधन की ढिलाई पर सबसे ज्यादा गुस्सा।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के कर्मचारियों में काफी नाराजगी देखी जा रही है। 39 माह के बकाया एरियर और बोनस फॉर्मूला बदलने की मांग तेज हो गई है। लंबे समय से एनजेसीएस मीटिंग तक प्रबंधन नहीं कर रहा है। एकतरफा फैसले लिए जा रहे हैं। ऐसे में एनजेसीएस सदस्य क्या कर रहे हैं। सेल प्रबंधन के साथ किस तरह की बातचीत हो रही है। इसकी पड़ताल सूचनाजी.कॉम ने की।
एचएमएस से एनजेसीएस सदस्य संजय वढावकर ने स्पष्ट रूप से कहा-हम लगातार इस्पात मंत्रालय और सेल प्रबंधन को पत्र लिख रहे हैं। कर्मचारियों के लंबित मुद्दों को अब टाला नहीं जा सकता है। जल्द ही इस्पात मंत्री एचडी कुमार स्वामी से मुलाकात होनी है। एचएमएस के पदाधिकारी दिल्ली में मुलाकात करेंगे। सेल के चेयरमैन के साथ भी हम लोग मुलाकात के लिए जा रहे हैं।
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एनजेसीएस सदस्य इंटक बोकारो के महासचिव बीएन चौबे ने दो-टूक कहा-प्रबंधन अब हिटलरशाही कर रहा है। जेन-जी जैसा आंदोलन करने के लिए कर्मचारी तैयार हो जाएं। कर्मचारियों के पैसे को दबाकर रखने की हरकत के खिलाफ गुस्सा अब सड़क पर दिखेगा।
वहीं, एनजेसीएस सदस्य बर्नपुर इंटक के वरिष्ठ नेता हरजीत सिंह ने कहा-17 तारीख को राष्ट्रीय अध्यक्ष डाक्टर जी. संजीवा रेड्डी सेल सीएमडी और डायरेक्टर पर्सनल से मिले हैं। जल्द एनजेसीएस मीटिंग बुलाकर लंबित मामलों को हल कराने की बात की। बकाया एरियर, बोनस फॉर्मूला, पुराने वेतन समझौते को फाइनल करने आदि विषय पर खुलकर बात हुई। प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि जल्द मीटिंग बुलाई जाएगी। लेकिन, अब तक कोई खबर नहीं आई है।
सीटू के वरिष्ठ नेता, पूर्व सांसद व एनजेसीएस सदस्य तपन सेन भी सेल प्रबंधन के रवैये से खासा नाराज हैं। उनका कहना है कि सीटू लगातार जमीनी आंदोलन चला रहा है। कर्मचारियों के बीच मुहिम चल रही है। सभी यूनियन के साथ बातचीत का दौर भी जारी है। आंदोलन जल्द ही एक निर्णायक रूप लेगा।
एसडब्ल्यूएफआई के महासचिव ललित मोहन मिश्र ने कहा-प्रबंधन लगातार सुविधाओं को काटने में जुटी है। ठेका मजदूरों के एडब्ल्यूए को लेकर सीएमओ प्रबंधन का फैसला हैरान करने वाला है। वहीं, नियमित कर्मचारियों के मुद्दे पर सीटू हस्ताक्षर अभियान चला रहा है। दिल्ली की तरफ हम सब रूख करने जा रहे हैं।
बीएमएस के सह उद्योग प्रभारी इस्पात हिमांशु शेखर बल का कहना है कि सेल कर्मचारियों के मुद्दे पर राउरकेला इस्पात कारखाना कर्मचारी संघ प्रबंधन को लगातार पत्र लिख रहा है। कानूनी लड़ाई भी लड़ रहा है। सेल प्रबंधन के साथ बातचीत आदि को लेकर बीएमएस का केंद्रीय नेतृत्व नज़र बनाए हुए है।
बोकारो एटक के महासचिव व एनजेसीएस सदस्य रामाश्रय प्रसाद सिंह का कहना है कि कर्मचारियों को प्लांट स्तर पर एकजुट किया जा रहा है। प्लांट में आंदोलन चल रहा है। पिछला वेज रिवीजन अधूरा है। अब नए वेज का मामला भी फंसेगा। सेल प्रबंधन के रवैये से सारे हालात खराब होते जा रहे हैं।
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