भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन की ओर से दुकानदारों को देय राशि की गणना कर नहीं बताया गया है कि लीज नवीनीकरण का कितना पैसा जमा करना है।
- दुकानदार को लीज नवीनीकरण के लिए देय राशि की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल जाती, तब तक वे लीज नवीनीकरण के संबंध में जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें और राशि जमा करने से पहले पूरी जानकारी प्राप्त करें।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई टाउनशिप के व्यापारियों के लीज प्रकरण को लेकर असमंजस और असंतोष बढ़ता जा रहा है। भिलाई इस्पात संयंत्र की ओर से लीज नवीनीकरण के संबंध में सार्वजनिक सूचना जारी किए जाने के बावजूद अब तक प्रभावित दुकानदारों को यह स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है कि उन्हें कितनी राशि जमा करनी है। भिलाई स्टील सिटी चैंबर ऑफ कॉमर्स ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए प्रत्येक प्रभावित दुकानदार को व्यक्तिगत रूप से सूचना पत्र भेजने की मांग की है।
चैंबर के अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवा विभाग के महाप्रबंधक (लीज/दुकान) की ओर से जारी परिपत्र को सार्वजनिक किया गया है, लेकिन इसकी प्रति प्रत्येक दुकान तक नहीं पहुंची है। इसके अलावा, दुकानदारों के लिए देय राशि की गणना कर उन्हें अब तक यह भी नहीं बताया गया है कि लीज नवीनीकरण के लिए उन्हें कितनी रकम जमा करनी होगी।
2008 की नीति वापस, 2026 में जारी हुई नई नीति
स्टील सिटी चैंबर के अनुसार, भारतीय इस्पात प्राधिकरण (SAIL) ने वर्ष 2008 की नीति को वापस लेने के बाद 15 मई 2026 को नई लीज नीति जारी की थी। इसी के तहत भिलाई इस्पात संयंत्र ने 3 अगस्त 2026 को लीज नवीनीकरण के संबंध में समाचार पत्रों में सार्वजनिक सूचना प्रकाशित कराई। यह सूचना कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर भी लगाई गई।
चैंबर का कहना है कि इसके बावजूद अधिकारियों की ओर से दुकानदारों को कार्यालय आकर जानकारी लेने के लिए कहा जा रहा है। चैंबर ने इसे प्रभावित दुकानदारों के प्रति उचित प्रक्रिया नहीं बताया है।
हर दुकानदार को व्यक्तिगत पत्र भेजने की मांग
ज्ञानचंद जैन ने कहा कि संयंत्र प्रबंधन को पहले प्रभावित दुकानदारों की सूची तैयार करनी चाहिए और प्रत्येक दुकानदार को पत्र भेजकर यह स्पष्ट करना चाहिए कि लीज नवीनीकरण के लिए उसे कितनी राशि जमा करनी है। इसके बाद दुकानदार उस राशि को देखकर निर्णय ले सकेंगे कि वह उनके लिए न्यायसंगत है या नहीं। यदि किसी राशि या शर्त को लेकर आपत्ति है तो चैंबर के माध्यम से उस पर पुनर्विचार किया जा सकता है।
नौ पृष्ठ का पत्र भेजकर संशोधन की मांग
ज्ञानचंद जैन ने बताया कि स्टील सिटी चैंबर की ओर से भारतीय इस्पात प्राधिकरण, भारत सरकार के इस्पात मंत्री, इस्पात सचिव, भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी तथा नगर सेवा विभाग के मुख्य महाप्रबंधक को नौ पृष्ठ का विस्तृत पत्र पंजीकृत डाक से भेजा गया है।
पत्र में दोनों परिपत्रों में मौजूद विसंगतियों का उल्लेख करते हुए समय रहते आवश्यक संशोधन कर व्यापारियों को सूचित करने का अनुरोध किया गया है। चैंबर ने स्थानीय प्रबंधन से यह भी जानना चाहा है कि इस मामले में अब तक क्या पहल की गई है और आगे क्या कार्रवाई की जा रही है। जैन के अनुसार, अभी तक भिलाई इस्पात संयंत्र अथवा संबंधित किसी अन्य एजेंसी से चैंबर को पत्र का जवाब नहीं मिला है। चैंबर अब प्रबंधन के जवाब का इंतजार कर रहा है।
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सांसद के सामने भी उठेगा मामला
ज्ञानचंद जैन ने कहा कि चैंबर इस मामले को अगस्त के दूसरे सप्ताह में दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल के संज्ञान में भी पुनः लाएगा। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान में सांसद का सहयोग मिलता रहा है और इस मामले में भी उनसे हस्तक्षेप की अपेक्षा है।
चैंबर की व्यापारियों से अपील
स्टील सिटी चैंबर ऑफ कॉमर्स ने टाउनशिप के व्यापारियों से अपील की है कि जब तक प्रत्येक दुकानदार को लीज नवीनीकरण के लिए देय राशि की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल जाती, तब तक वे लीज नवीनीकरण के संबंध में जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें और राशि जमा करने से पहले पूरी जानकारी प्राप्त करें।
