SAIL Bokaro Township: BAKS ने मांग की है कि बोकारो टाउनशिप के जर्जर और जोखिम वाले सभी आवासों का तत्काल सर्वे कराया जाए।
- हरिओम बोले-कर्मचारी अपनी समस्याएं लगातार अधिकारियों तक पहुंचाते हैं, लेकिन कई मामलों में समय पर सुनवाई नहीं होती।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। सेल बोकारो स्टील प्लांट टाउनशिप में कर्मचारियों के आवासों के अनुरक्षण को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सेक्टर-4A स्थित आवास संख्या 3090 के बाथरूम की छत का प्लास्टर टूटकर गिरने की घटना सामने आई है। गनीमत रही कि इस दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। घटना के बाद आवासों के रखरखाव और सिविल अनुरक्षण विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है।
बोकारो जनरल हॉस्पिटल के ब्लड बैंक में कार्यरत मनीष ने बताया कि आवास की खराब स्थिति को लेकर कई दिन पहले ही शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं किया गया। हाल ही में दोबारा शिकायत करने पर विभाग की ओर से कथित तौर पर कहा गया कि अभी बारिश का मौसम है और बारिश बंद होने के बाद मरम्मत का काम किया जाएगा।
इस स्थिति ने अनुरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यदि बारिश से पहले जर्जर आवासों की मरम्मत नहीं की जाती और बारिश के दौरान भी काम रोक दिया जाता है, तो फिर ऐसे आवासों में रहने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी?
सेक्टर-12 की घटना के बाद भी नहीं लिया सबक
बोकारो टाउनशिप में आवासों की जर्जर स्थिति का मामला नया नहीं है। हाल ही में सेक्टर-12 में एक अनुरक्षित ब्लॉक के गिरने की खबर सामने आई थी। इसके बावजूद टाउनशिप के कई अन्य ब्लॉकों और आवासों में मरम्मत से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं। कर्मचारी और उनके परिजन ऐसे आवासों में रहने को मजबूर हैं।
कर्मचारियों का आरोप है कि सिविल अनुरक्षण विभाग के पास करोड़ों रुपये का बजट होने के बावजूद छोटी-छोटी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए भी उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अनुरक्षण के लिए आवंटित बजट का कितना हिस्सा वास्तव में जर्जर आवासों की मरम्मत पर खर्च हो रहा है।
बड़ी दुर्घटना हुई तो जिम्मेदारी किसकी
बोकारो अनाधिशासी कर्मचारी संघ (BAKS) के महासचिव हरिओम ने कहा कि कर्मचारियों की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई नहीं होने से स्थिति गंभीर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि करोड़ों रुपये का बजट खर्च होने के बावजूद कर्मचारियों की बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तो सिविल अनुरक्षण अनुभाग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपनी समस्याएं लगातार अधिकारियों तक पहुंचाते हैं, लेकिन कई मामलों में समय पर सुनवाई नहीं होती। जर्जर आवासों में रहने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। यदि किसी जर्जर आवास की छत या ब्लॉक गिरने से कोई बड़ी दुर्घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
BAKS ने मांग की है कि बोकारो टाउनशिप के जर्जर और जोखिम वाले सभी आवासों का तत्काल सर्वे कराया जाए और प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराई जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले समस्या का समाधान हो सके।








