महारत्न कंपनी SAIL के लिए यह उपलब्धि उसे ‘Employer of Choice’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।
- देशभर में एकीकृत इस्पात संयंत्रों और विभिन्न इकाइयों में 47,000 से अधिक कर्मचारियों के साथ काम करने वाली SAIL के लिए एक साथ दोनों प्रमाणपत्र हासिल करना महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
सूचनाजी न्यूज, नई दिल्ली। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने प्रतिष्ठित ‘टॉप एम्प्लॉयर’ (Top Employer) सर्टिफिकेशन हासिल किया है। देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की इस्पात निर्माता और महारत्न CPSE SAIL को यह प्रमाणन Top Employers Institute की ओर से 24 अगस्त 2026 को प्रदान किया गया। यह सर्टिफिकेशन दिसंबर 2027 तक मान्य रहेगा।
इस उपलब्धि की खास बात यह है कि SAIL के पास लगातार तीसरी बार ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क’ (Great Place To Work) का प्रमाणन भी है, जो फरवरी 2027 तक मान्य है। इस तरह SAIL उन चुनिंदा CPSE में शामिल हो गया है, जिनके पास एक ही समय में दुनिया के दो प्रतिष्ठित और स्वतंत्र रूप से मान्य कार्यस्थल प्रमाणपत्र हैं।
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छह प्रमुख क्षेत्रों में परखी गई HR व्यवस्था
‘टॉप एम्प्लॉयर’ सर्टिफिकेशन किसी संगठन की मानव संसाधन (HR) व्यवस्थाओं के तथ्य आधारित और व्यापक मूल्यांकन के बाद दिया जाता है। इसके लिए HR Best Practices Survey के माध्यम से छह प्रमुख HR क्षेत्रों और 20 रणनीतिक विषयों में संगठन की नीतियों एवं प्रक्रियाओं का आकलन किया जाता है। इसमें कर्मचारी के संगठन से जुड़ने से लेकर उसके पूरे कार्यकाल तक की HR प्रक्रिया शामिल होती है।
प्रस्तुत की गई जानकारी का योग्य HR ऑडिटरों द्वारा स्वतंत्र रूप से सत्यापन किया जाता है, ताकि मूल्यांकन में सटीकता, विश्वसनीयता और निरंतरता बनी रहे। इसके साथ ही SAIL की HR व्यवस्थाओं की तुलना 131 देशों में प्रमाणित करीब 2,500 नियोक्ताओं के वैश्विक मानकों से की गई।
कर्मचारी विकास और कल्याण पर जोर
यह प्रमाणन SAIL में वर्षों से लागू की जा रही प्रगतिशील HR पहलों को दर्शाता है। इनमें वर्कप्लेस फ्लेक्सिबिलिटी, परफॉर्मेंस मैनेजमेंट, सेल्फ-पेस्ड लर्निंग, सक्सेशन प्लानिंग, लीडरशिप डेवलपमेंट, संगठनात्मक संस्कृति, कर्मचारी सहभागिता और वेलबीइंग जैसे पहलू शामिल हैं। इसके अलावा उद्योग जगत की अग्रणी कंपनियों और प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ सहयोग के जरिए HR प्रक्रियाओं की लगातार बेंचमार्किंग और उनमें सुधार पर भी जोर दिया जा रहा है।
‘ग्रेट प्लेस टू वर्क’ और ‘टॉप एम्प्लॉयर’ में अंतर
दोनों प्रमाणपत्र कार्यस्थल के अलग-अलग पहलुओं का मूल्यांकन करते हैं। Great Place To Work मुख्य रूप से Trust Index पर आधारित है। इसमें गोपनीय कर्मचारी सर्वे के माध्यम से नेतृत्व की विश्वसनीयता, निष्पक्षता और संगठन के प्रति कर्मचारियों के गौरव जैसे पहलुओं को समझा जाता है। यानी यह इस बात पर केंद्रित है कि कर्मचारी वास्तव में संगठन में अपने कार्यस्थल को किस तरह अनुभव करते हैं।
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वहीं Top Employer Certification संगठन की HR नीतियों और प्रणालियों की मजबूती एवं परिपक्वता का आकलन करता है। इसमें देखा जाता है कि कर्मचारियों से जुड़ी प्रक्रियाएं कितनी व्यवस्थित हैं, उन्हें कितनी निरंतरता से लागू किया जाता है और वे वैश्विक मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।
सरल शब्दों में कहा जाए तो ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क’ यह बताता है कि कर्मचारी कार्यस्थल को किस तरह अनुभव करते हैं, जबकि ‘टॉप एम्प्लॉयर’ यह परखता है कि उस अनुभव को मजबूत बनाने वाली HR प्रणालियां कितनी प्रभावी और मजबूत हैं।
47 हजार से ज्यादा कर्मचारियों वाली SAIL के लिए बड़ी उपलब्धि
देशभर में एकीकृत इस्पात संयंत्रों और विभिन्न इकाइयों में 47,000 से अधिक कर्मचारियों के साथ काम करने वाली SAIL के लिए एक साथ दोनों प्रमाणपत्र हासिल करना महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। यह कंपनी के कर्मचारी अनुभव के साथ-साथ उसकी HR प्रणालियों और कार्यप्रणालियों की मजबूती को भी स्वतंत्र बाहरी संस्थाओं से मिली मान्यता को दर्शाता है। महारत्न कंपनी SAIL के लिए यह उपलब्धि उसे ‘Employer of Choice’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।
