28% पर्क्स, एरियर, भत्ता, ट्रांसफर पर BMS ने Bhilai में किया शक्ति प्रदर्शन, बोरिया गेट का घेराव, पढ़िए डिटेल
भारतीय मजदूर संघ ने कहा-हमारी मांग 28% पर्क्स की है, जबकि प्रबंधन कुछ केंद्रीय संगठन की सहमति बनाकर 26.5% की दर से कर्मचारियों को पर्क का भुगतान कर रहा है, जिससे कर्मचारी भी सहमत नहीं है। सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (Bhilai Steel Plant) के कर्मचारियों एवं सेल कर्मचारियों के लंबित वेतन समझौते एवं स्थानीय मुद्दों को लेकर भिलाई इस्पात मजदूर संघ (Bhilai Steel Workers Union) ने सड़क की लड़ाई शुरू की है। कर्मचारियों एवं एचएसएलटी ठेका श्रमिकों के साथ मिलकर अपनी मांगों पर प्रबंधन के आइडियल
- भारतीय मजदूर संघ ने कहा-हमारी मांग 28% पर्क्स की है, जबकि प्रबंधन कुछ केंद्रीय संगठन की सहमति बनाकर 26.5% की दर से कर्मचारियों को पर्क का भुगतान कर रहा है, जिससे कर्मचारी भी सहमत नहीं है।
ये खबर भी पढ़ें : Good News: कोलकाता में दौड़ी देश की पहली अंडर वाटर ट्रेन, दुनिया में सबसे गहराई में बना मेट्रो स्टेशन, जानिए खास बातें
प्रबंधन को कर्मचारी के वित्तीय मामलों का निपटारा तुरंत करना चाहिए, जिससे कर्मचारियों की विश्वसनीयता बनी रहेगी। कर्मचारियों द्वारा अपने वेतन समझौते की माग के लिए प्रदर्शन करने पर दो कर्मचारी रामकेश मीणा व पवन देशवाल का स्थानांतरण सेल की दूसरी इकाई में कर दिया गया, जो कि कर्मचारियों के अधिकारों का हनन है। इन दोनों कर्मचारियों का भिलाई स्थानांतरण करना होगा।
ये खबर भी पढ़ें : Good News: कोलकाता में दौड़ी देश की पहली अंडर वाटर ट्रेन, दुनिया में सबसे गहराई में बना मेट्रो स्टेशन, जानिए खास बातें
भारतीय मजदूर संघ की मांग 28% पर्क्स की
यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष रवि शंकर सिंह ने आधा-अधूरा वेतन समझौता लागू करने को गलत बताया। कहा-भारतीय मजदूर संघ की मांग 28% पर्क्स की है, जबकि प्रबंधन कुछ केंद्रीय संगठन की सहमति बनाकर 26.5% की दर से कर्मचारियों को पर्क का भुगतान कर रहा है, जिससे कर्मचारी भी सहमत नहीं है।
ये खबर भी पढ़ें : BIG NEWS: भिलाई स्टील प्लांट को मिली 65वीं रिफ्रैक्टरी संचालन समिति बैठक की मेजबानी
प्रबंधन द्वारा पहली बार बिना यूनियन की सहमति के बोनस का भुगतान किया गया, जो कि कर्मचारी विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। इसे यूनियन किसी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।
ये खबर भी पढ़ें : BIG NEWS: भिलाई स्टील प्लांट को मिली 65वीं रिफ्रैक्टरी संचालन समिति बैठक की मेजबानी
स्थानीय स्तर पर भी कर्मचारी की सुविधाओं को रोका-चन्ना केशवलू
यूनियन के महामंत्री चन्ना केशवलू ने कहा कि प्रबंधन केंद्रीय मुद्दों को रोकने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी कर्मचारी की सुविधाओं को रोककर रखा है। एक तरफ प्रबंधन रोज उत्पादन के कीर्तिमान कर्मचारियों के सहयोग से बना रहा है। परंतु 2007 मैं बने इंसेंटिव स्कीम को रिवाइज नहीं किया है, जिसके कारण हर महीने कर्मचारियों को हजारों रुपए का नुकसान हो रहा है।
ये खबर भी पढ़ें : Bhilai Township में हादसा, हाइड्रोलिक सिस्टम फेल, बिजली के पोल से टकराया हाइवा, सेक्टर 5 में अंधेरा
कर्मचारी जिस आवास को अपने परिवार के लिए सुरक्षित मानकर परिवार को जिस संयंत्र प्रबंधन द्वारा उपलब्ध कराए गए आवास में छोड़कर ड्यूटी जाता है वह आवास आज जर्जर स्थिति में पहुंच चुके हैं। मेंटेनेंस की शिकायत करने पर मेंटेनेंस होने में वर्षों लग जाते हैं।
ये खबर भी पढ़ें : भिलाई स्टील प्लांट के पूर्व ईडी वर्क्स बीएमके बाजपेयी ने अब कही बड़ी बात, पढ़िए डिटेल
आवास, पानी, भत्ता पर भी जागो प्रबंधन
कर्मचारियों द्वारा नए 3 बीएचके आवास की मांग लगातार की जा रही है, जिसकी आवाज यूनियन लगातार हर प्रबंधन के फोरम पर रखी है। लेकिन उच्च प्रबंधन नये आवास को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं किया है। इसी प्रकार रात्रि पाली भत्ता, एचआरए पर भी अभी तक कोई निर्णय नहीं किया है। इन सारे विषयों को लेकर कर्मचारियों में बहुत आक्रोश है, जिसके लिए आज यूनियन को सड़क पर आंदोलन के लिए आना पड़ा। कर्मचारी सुविधा की यह स्थिति है कि टाउनशिप में आज सिर्फ एक वक्त की पानी सप्लाई होता है। जबकि कर्मचारी दो वक्त पानी सप्लाई चाहते हैं। यह छोटी मांग भी प्रबंधन पूरी नहीं कर रहा है।
ये खबर भी पढ़ें : बीएसपी का एक्शन: टाउनशिप की सड़कों पर जहां कब्जेदार लगाते हैं ठेला, वहीं, खुदाई शुरू
केंद्रीय यूनिट और मजदूरी राज्य सरकार की
भारतीय मजदूर संघ प्रदेश के पूर्व संगठन मंत्री योगेश दत्त मिश्रा ने कहा कि प्रबंध मानो एक तरफ कर्मचारियों की मांगों को ना मानने की जिद पकड़ लिया है। लेकिन ऐसा नहीं हो सकता। भारतीय मजदूर संघ भिलाई इस्पात संयंत्र कर्मचारियों की मांगों को मनवाने के लिए हर संघर्ष के लिए तैयार है। भिलाई इस्पात संयंत्र में ठेका श्रमिकों को राज्य सरकार का न्यूनतम वेतन दिया जाता है, जबकि भिलाई इस्पात संयंत्र केंद्र सरकार का उपक्रम है। इसलिए यहां केंद्रीय वेतन दर लागू होनी चाहिए, जिससे ठेका श्रमिकों को हर महीने हजारों रुपए का लाभ होगा। भारतीय मजदूर संघ भिलाई इस्पात संयंत्र में ठेका श्रमिकों के लिए केंद्रीय दर लागू करने का हर संभव प्रयास करेगा।
ये खबर भी पढ़ें : SAIL कर्मचारियों को हर महीने 1 हजार से ज्यादा का नुकसान, Bhilai BMS 6 को घेरेगी बोरिया गेट