आयुर्वेद मेडिकल आफिसर पद से इस्तीफा देने वाली पार्वती कुर्रे ने बढ़ाई राजनीतिक सक्रियता, पति चीफ लोको इंस्पेक्टर, जेठ BSP में ऑफिसर।
- महापौर पद की दौड़ में संभावित चेहरों की सूची लंबी होने लगी है।
- रिसाली में महापौर की रेस में डॉ. पार्वती कुर्रे की एंट्री।
- इंटरनल और डिजिटल प्रचार अभियान किया तेज़।
- सतनामी समाज ने टिकट के लिए झोंकी पूरी ताकत।
अज़मत अली, भिलाई। रिसाली नगर निगम में महापौर पद को लेकर सियासी हलचल अभी तेज होने की शुरुआत ही हुई है, लेकिन दावेदारों ने अपनी मौजूदगी दर्ज करानी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में डॉ. पार्वती कुर्रे का नाम भी सामने आया है। सतनामी समाज से आने वाली कुर्रे ने महापौर पद के लिए अपनी दावेदारी ठोक दी है। बाकायदा अपना बायोडाटा तैयार कराया है। इसमें सामाजिक, संगठनात्मक और जनसेवा से जुड़ी उनकी सक्रियता को प्रमुखता दी गई है।
पूर्व आयुर्वेद मेडिकल आफिसर पार्वती कुर्रे की दावेदारी का एक अहम पहलू उनका पारिवारिक प्रोफाइल भी है। बायोडाटा में उनके पति महेश्वर कुर्रे का पद रेलवे में चीफ लोको इंस्पेक्टर बताया गया है। वहीं उनके जेठ मुंगेश कुर्रे भिलाई स्टील प्लांट में ऑफिसर हैं। यानी परिवार का जुड़ाव रेलवे और बीएसपी जैसे बड़े सार्वजनिक उपक्रमों से है।
रिसाली और भिलाई की सामाजिक-पारिवारिक संरचना में यह कनेक्शन भी उनकी पहचान का एक हिस्सा बनकर सामने आ रहा है। Suchnaji.com ने डाक्टर पार्वती कुर्रे से मेयर पद के लिए दावेदारी और सियासी सफर पर बातचीत की। पार्वती कुर्रे ने बेबाकी से सवालों का जवाब दिया और खुद को रिसाली की बहू बताया। पढ़ें विस्तार से स्टोरी…।
नौकरी छोड़कर राजनीति में क्यों
डॉ. पार्वती कुर्रे का कहना है कि उनका उद्देश्य राजनीति के जरिए पैसा कमाना नहीं, बल्कि समाज सेवा करना है। वह नौकरी छोड़कर राजनीति में सक्रिय हुई हैं। उनका दावा है कि यदि जिम्मेदारी मिलती है तो पूरी ताकत के साथ काम करेंगी।
16 साल की सरकारी सेवा, अंबिकापुर से शुरू हुआ सफर, पाटन में भी रहीं
डॉ. पार्वती कुर्रे ने रायपुर से BAMS की पढ़ाई की। वर्ष 2010 में लोक सेवा आयोग के माध्यम से उनकी पहली पोस्टिंग अंबिकापुर में हुई। इसके बाद पाटन में सेवाएं दीं। वह करीब 16 साल तक अधिकारी के रूप में नौकरी कर चुकी हैं। अपने पद से इस्तीफा देकर भाजपा के बैनर तले सियासी मैदान में उतर चुकी हैं।
2017 की घटना ने बदली सोच: MD की सीट हाथ से गई, राजनीति की ताकत समझ आई
डॉ. पार्वती कुर्रे के राजनीतिक सफर की कहानी में वर्ष 2017 का एक घटनाक्रम अहम मोड़ बनकर सामने आता है। उनके मुताबिक MD में उनका चयन हो गया था और सीट भी उनकी थी, लेकिन बाद में विवाद और हुई राजनीति के कारण मामला बिगड़ गया। इस घटना ने उन्हें भीतर तक प्रभावित किया। वह कहती हैं कि तभी महसूस हुआ कि राजनीति में पकड़ नहीं होगी तो बहुत कुछ करने की क्षमता के बावजूद आगे बढ़ना मुश्किल है।
सतनामी समाज को लेकर बड़ा लक्ष्य: सिर्फ वोट बैंक नहीं, 10 विधायक बनाने का लक्ष्य
डॉ. पार्वती कुर्रे सतनामी समाज को लेकर बड़ा राजनीतिक लक्ष्य सामने रख रही हैं। उनका कहना है कि समाज को सिर्फ वोट बैंक बनाकर नहीं रखा जाना चाहिए। उनका लक्ष्य आने वाले समय में समाज से 10 विधायक जीताकर भाजपा को मजबूत करना है।
पांच साल का दावा: इतना काम करूंगी कि लोग याद रखेंगे
रिसाली नगर निगम में महापौर पद का टिकट मांगने वाली डॉ. पार्वती कुर्रे कहती हैं कि पांच साल में बड़े काम करके दिखाऊंगी। उनका कहना है कि वह ऐसा काम करना चाहती हैं, जिसे लोग लंबे समय तक याद रखें।
भाजपा से उम्मीद: भाजपा को शहर का भविष्य देखकर टिकट देगी
मेयर टिकट को लेकर डॉ. पार्वती कुर्रे का आत्मविश्वास भी सामने आ रहा है। उनका कहना है कि भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों का कहना है कि भाजपा भविष्य की राजनीति को देखते हुए मुझे टिकट दे सकती है। अगर, मौका मिला तो काम करके दिखाऊंगी।
अहिवारा से रिसाली तक: अहिवारा में मौका चूका, अब रिसाली पर नजर
राजनीतिक सफर में अहिवारा से चूकने के बाद अब डॉ. पार्वती कुर्रे ने रिसाली नगर निगम पर फोकस किया है। उनका कहना है कि अब रिसाली में सक्रियता बढ़ाई गई है और इंटरनल के साथ डिजिटल प्रचार-प्रसार भी शुरू हो चुका है।
राजनीतिक सफर: भाजपा से उम्मीद
डॉ. पार्वती कुर्रे के अनुसार वह भाजपा से जुड़ीं तो सतनामी समाज के लिए किए जा रहे कार्यों और स्पष्ट राजनीतिक से काफी प्रभावित हुई। यही वजह है कि भाजपा को अब अपना परिवार बना चुकी हैं।
परिवार की पृष्ठभूमि: रिसाली की बहू, पति चरोदा में लोको इंस्पेक्टर, जेठ बीएसपी में
डॉ. पार्वती कुर्रे का पारिवारिक जुड़ाव भी रिसाली से है। उनके ससुर हरिदास कुर्रे स्टेशन मरोदा में रहते थे। भिलाई स्टील प्लांट से नाता रहा। उनके पति महेश्वर कुर्रे चरोदा में लोको इंस्पेक्टर हैं। उनके दो बेटे और एक बेटी हैं। जेठ मुंगेश कुर्रे भिलाई स्टील प्लांट में अधिकारी हैं।
समाज सेवा का लंबा अनुभव: 16 साल से समाज सेवा, अब राजनीति में बड़ा लक्ष्य
डॉ. पार्वती कुर्रे के मुताबिक वह करीब 16 साल से लगातार समाज सेवा से जुड़ी हैं। वह सतनामी समाज की प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। अब समाज सेवा के अनुभव को राजनीतिक जिम्मेदारी के जरिए बड़े स्तर पर ले जाने की कोशिश कर रही हैं।
आप भी पढ़िए डाक्टर पार्वती कुर्रे का बायोडाटा
डॉ. पार्वती कुर्रे ने अपने बायोडाटा में पिछले 15 वर्षों से सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय होने का उल्लेख किया है।
इसमें महिला सशक्तिकरण, शिक्षा एवं छात्र सहयोग, स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद सेवा तथा सामाजिक समरसता जैसे क्षेत्रों में काम करने का दावा किया गया है।
बायोडाटा में उन्हें सतनामी समाज छत्तीसगढ़ की महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष भी बताया गया है। उनकी दावेदारी का सामाजिक आधार केवल रिसाली तक सीमित रखने के बजाय समाज और संगठन के स्तर पर भी पेश करने की कोशिश नजर आती है।
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जनता के बीच पहचान बनाने की तैयारी
रिसाली नगर निगम में महापौर पद को लेकर अभी राजनीतिक दलों की ओर से अंतिम तस्वीर साफ नहीं हुई है। ऐसे में संभावित दावेदारों की सक्रियता को टिकट की घोषणा के बजाय अपनी जमीन तैयार करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
रिसाली की राजनीति में सतनामी समाज की सामाजिक मौजूदगी को देखते हुए कुर्रे की सक्रियता आने वाले दिनों में किस दिशा में जाती है, यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल इतना साफ है कि महापौर पद की दौड़ में संभावित चेहरों की सूची लंबी होने लगी है और डॉ. पार्वती कुर्रे ने अपना बायोडाटा सामने रखकर इस दौड़ में दस्तक दे दी है।

