- भारतीय रेलवे ने पिछले साल 14 लाख 45 हजार टन का ऑर्डर दिया था।
अज़मत अली, भिलाई। BIG NEWS: स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल की एक बड़ी कमाई का हिस्सा भारतीय रेलवे से आता है। सेल बीएसपी का सबसे बड़ा ग्राहक रेलवे है। सन 1960 से आज तक रेल-सेल का रिश्ता बना हुआ है। इस बार भी रेलवे ने बीएसपी को 14 लाख टन रेलवे सप्लाई का ऑर्डर दिया है। सालभर के लिए बीएसपी को बड़ा ऑर्डर मिला है।
बीएसपी का अर्थतंत्र रेलवे से होने वाली आय पर ही टिका है। रेल पटरी प्रोडक्शन से जुड़े एक जीएम स्तर के अधिकारी ने बताया यही वजह है कि बीएसपी अधिकारियों के साथ रिव्यू मीटिंग में इस्पात सचिव संदीप पौंड्रिक ने भी बोल दिया था कि रेल पटरी के सहारे ही भिलाई स्टील प्लांट की पहचान है। अगर, रेल न होती तो शायद बीएसपी के हालात आरआइएनल जैसे होते।
अबकी बार ऑर्डर भी घटा
भारतीय रेलवे ने पिछले साल 14 लाख 45 हजार टन का ऑर्डर दिया था। इसमें से रेलवे को करीब 12 लाख टन सप्लाई हो चुका है। करीब एक लाख टन नॉन रेलवे को गया, जो रेलवे को ही सप्लाई की गई थी।
रेलवे अपने प्रोजेक्ट की जरूरत के हिसाब से बीएसपी को रेल पटरी का ऑर्डर देता है। किस जोन में कितनी जरूरत है, उसी हिसाब से ऑर्डर दिया जाता है। अबकी बार 14 लाख 23 हजार 332 टन रेल पटरी का ऑर्डर दिया गया है। इस बार जरूरत कम होने से ऑर्डर कम कर दिया गया है।
75 हजार रेलवे, 85 हजार नॉन रेलवे का रेट
सेल भिलाई स्टील प्लांट रेलवे को 75 हजार रुपए प्रति टन के भाव से सप्लाई करता है। जबकि नॉन रेलवे को यही कीमत 85 हजार रुपए प्रति टन अदा करनी पड़ती है। रेल-सेल के रिश्ते की वजह से प्रति 10 हजार रुपए भाव कम होता है।
14 लाख 23 हजार 332 टन रेल पटरी का ऑर्डर बीएसपी को मिला है। प्रति टन पटरी का भाव 75 हजार रुपए है। इसलिए 14,23,332 × 75,000 = 10,674,99,00,000 रुपए कुल ऑर्डर की कीमत हुई। यानी 10675 करोड़ रुपए। इसके अलावा नॉन रेलवे का करीब एक लाख टन रेल पटरी का ऑर्डर मिलता है। नॉन रेलवे का रेट 85 हजार रुपए प्रति टन है।
दुनिया की सबसे लंबी रेल पटरी बीएसपी में बनती है
दुनिया की सबसे लंबे रेल पटरी सेल भिलाई स्टील प्लांट में बनाई जाती है। 130 मीटर लंबी रेल पटरी की ढलाई बीएसपी के यूनिवर्सल रेल मिल-यूआरए में होती है। वहीं, छोटी साइज की रेल पटरी का प्रोडक्शन रेल एंड स्ट्रक्चरल मिल में होता है। यहां 13 मीटर, 26 मीटर की पटरी की ढलाई होती है। बीएसपी में बनने वाली छोटी साइज की रेल को साबरमति वेल्डिंग प्लांट भेजा जाता है। रेलवे के इस प्लांट को सेल बीएसपी ही संचालित करता है। करीब 55 हजार टन वहां वेल्डिंग करके 260 मीटर लंबी पटरी बनाकर रेलवे को हैंडओवर करते हैं।












