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ईपीएस 95 न्यूनतम पेंशन 7500 की मांग, ट्रेड यूनियनों पर फूट रहा गुस्सा

25/02/2025 1 minute read
EPS 95 demands minimum pension of Rs 7500, pensioners angry at trade unions

सरकार मौजूदा पेंशन में मात्र 1000 रुपये जोड़ सकती है। ईएसआईसी या अन्य योजनाओं के माध्यम से चिकित्सा लाभ बढ़ा सकती है।

  • एनएसी समर्थक ने कहा-ट्रेड यूनियन की मांग केवल 5,000 रुपये की है। सभी ट्रेड यूनियन को एनएसी का समर्थन करना चाहिए।

सूचनाजी न्यूज, दिल्ली। कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (Employee Pension Scheme 1995): न्यूनतम पेंशन को लेकर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन-ईपीएफओ (Employees Provident Fund Organization), केंद्र सरकार के बाद अब ट्रेड यूनियन पर गुस्सा उतारा जा रहा है। पेंशनभोगी लगातार ट्रेड यूनियनों की कार्य संस्कृति पर सवाल उठा रहे हैं। पेंशनर क्या सोच रहे हैं। क्या मांग है। कौन-क्या कह रहा है, इसको विस्तार से आप यहां पढ़िए।

ये खबर भी पढ़ें: Employees Provident Fund Organization: ईपीएस 95 हायर और न्यूनतम पेंशन पर भड़के पेंशनर, नहीं चाहिए पेंशन, EPFO वापस करे पैसा

पेंशनभोगी गौतम चक्रवर्ती ने कहा-कई ट्रेड यूनियनों ने न्यूनतम पेंशन 5000 रुपये की मांग की है। हरियाणा और महाराष्ट्र (एनएसी आंदोलन का जन्मस्थान) में जीत और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस द्वारा किए गए गलत कामों से उत्साहित, जहां मुफ्तखोरी ने खजाने को सूखा दिया है, टीम मोदी या तो ईपीएस 95 मुद्दे को अनदेखा कर देगी या लाभार्थियों की मौजूदा पेंशन में मात्र 1000 रुपये जोड़ सकती है। ईएसआईसी या अन्य योजनाओं के माध्यम से चिकित्सा लाभ बढ़ाया जाएगा।

ये खबर भी पढ़ें: EPS 95 Higher Pension: इन बातों को नहीं कर सकते नज़र-अंदाज़,भेदभाव का आरोप

सनत रावल बोले-ट्रेड यूनियन की मांग केवल 5,000 रुपये की है। सभी ट्रेड यूनियन को एनएसी का समर्थन करना चाहिए और कामगारों/कर्मचारियों के कल्याण के लिए एक आवाज बनना चाहिए। एकजुट होकर हम खड़े हैं, विभाजित होकर हम गिरेंगे।

ये खबर भी पढ़ें: श्रम एवं रोजगार मंत्रालय: नौकरी के अवसरों को बढ़ावा देने एपीएनए के साथ समझौता

ट्रेड यूनियन सरकार के पिट्ठू हैं। यूनियनों की मांग 5000 रुपये की है। जब एनएसी की 7500+महंगाई भत्ता+चिकित्सा भत्ता की है। फिर ट्रेड यूनियन केवल 5,000/- रुपये की मांग क्यों कर रही है?

ये खबर भी पढ़ें: Mutual Credit Guarantee Scheme: बजट 2025 में MSME की घोषणा पर अमल, 100 करोड़ तक का ऋण

सत्यनारायण हेगड़े का कहना है कि ट्रेड यूनियन हमेशा से ही ईपीएफओ 95 योजना की शुरुआत से ही कर्मचारियों के खिलाफ रही है। वे भ्रष्ट हैं और नियोक्ताओं और ईपीएफओ के लोगों के साथ घनिष्ठ संबंध रखते हैं और किसी तरह से योजना को विफल करना चाहते हैं। वे पहले दर्जे के बदमाश और कर्मचारी विरोधी हैं।

ये खबर भी पढ़ें: EPS 95 Minimum Pension: पेंशनर्स ने किया सरकार-EPFO का भंडाफोड़

संतोष स्वरूप ने भी गुससे में कहा-ट्रेड यूनियन ईपीएफओ-95 पेंशनभोगियों की लड़ाई को खराब कर रहे हैं और कमांडर न्यूनतम 7500 रुपये+डीए के लिए लड़ाई के प्रयासों को विफल कर रहे हैं।

ये खबर भी पढ़ें: ईपीएस 95 न्यूनतम पेंशन 7500 का मामला सुप्रीम कोर्ट गया ही नहीं…! इसलिए सरकार का आया ऐसा जवाब

वादिराज राव ने कहा-हमें ट्रेड यूनियन नेताओं पर विश्वास नहीं करना चाहिए, क्योंकि वे दिखावे में माहिर हैं। वहीं, एक पेंशनर ने सवाल दाग दिया कि क्या EPS-95 के तहत दी जाने वाली विधवा पेंशन भी बढ़ेगी?

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पेंशनभोगी बीजीवी नरसिंह राव का कहना है कि पहले ट्रेड यूनियनों ने 3,000 रुपये के भुगतान पर सफलता प्राप्त की थी, लेकिन उस समय पेंशन सेनानियों ने उस सौदे को बिगाड़ दिया। चलो, चाहे 7500 हो या 5000, बिना आईजीओ के कुछ न होने से कुछ बेहतर है।

ये खबर भी पढ़ें: Employees Provident Fund Organization: केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे का लोकसभा में ईपीएफओ पोर्टल पर बड़ा जवाब

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