कलकत्ता हाईकोर्ट अपडेट: अनुपालन न करने पर EPFO को कड़ी फटकार। सेफी ने सेल के मामले को पूर्व सीएमडी के समक्ष उठाया था।
- कलकत्ता हाई कोर्ट की डबल बेंच में EPS-95 उच्च पेंशन मामले की सुनवाई।
- अदालत ने चेतावनी दी कि आदेशों का अनुपालन नहीं किए जाने पर एक्शन होगा।
- सभी अधिकारियों/कर्मचारियों के वेतन को रोका जा सकता है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। कर्मचारी पेंशन योजना 1995 के तहत ईपीएस 95 हायर पेंशन मामले में ईपीएफओ फंसता दिख रहा है। सेल कर्मचारियों और अधिकारियों को उच्च पेंशन से वंचित करने पर कलकत्ता हाईकोर्ट कर्मचारी भविष्य निधि संगठन-ईपीएफओ पर भड़क गया है। पिछली सुनवाई में जमकर फटकार लगाई गई है। अब 14 सितंबर 2026 को अगली सुनवाई होने जा रही है।
अनुपालन की समय-सीमा तय की जा रही है। अदालत ने EPFO को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई की तारीख तक उसके अंतरिम आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इस मामले को स्टील एग्जीक्यूटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया-सेफी पदाधिकारियों ने सेल प्रबंधन के सामने उठाया था। पूर्व सीएमडी अमरेंदु प्रकाश की पहल के बाद मामला कोर्ट में गया था।
पेंशन ऑन हायर वेजेज (PoHW-Pension on Higher Wages) से संबंधित मामलों की सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट की डबल बेंच ने EPFO के प्रति कड़ी नाराज़गी व्यक्त की। कोर्ट ने विशेष रूप से उन वापस लिए गए मामलों में अपने अंतरिम आदेशों का अनुपालन नहीं किए जाने पर गंभीर अप्रसन्नता जताई।
कोर्ट में हुई सुनवाई के मुख्य बिंदु
1. अवमानना की कड़ी चेतावनी
अदालत ने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो वह स्वतः संज्ञान (Suo Motu Cognizance) लेते हुए अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के लिए तैयार है।
2. EPFO अधिकारियों के वेतन रोकने की चेतावनी
अदालत ने चेतावनी दी कि आदेशों का अनुपालन नहीं किए जाने की स्थिति में CPFC से लेकर ग्रुप-D कर्मचारियों तक EPFO के सभी अधिकारियों/कर्मचारियों के वेतन को रोका जा सकता है।
3. EPFO की कड़ी आलोचना
अदालत ने EPFO द्वारा वरिष्ठ नागरिकों और उनके परिवारों के साथ किए जा रहे कथित लापरवाह एवं असंवेदनशील व्यवहार पर कड़ी नाराज़गी व्यक्त की। अदालत ने टिप्पणी की कि अब समय आ गया है कि संगठन को “आईना दिखाया जाए” और उसके रवैये पर सख्त कार्रवाई की जाए। अदालत ने अपने रूपकात्मक और कड़े शब्दों में संगठन के रवैये को “टुकड़ों में काटने” जैसी टिप्पणी भी की।
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