ट्रस्ट रुल पर दलील के समय जज साहब ने पीएफ और ईपीएफ के संबंध में ईपीएफओ के वकील की दलील की तुलना किराना शाप के कारोबार से की।
- जब तक पेंशनर जीवित है उसे 100%, उसके मृत्यु के पश्चात् स्पाउस को 50% तथा दोनो के नहीं रहने पर पूरा पेंशन फंड सीज हो जाता है और वह रकम ईपीएफओ के पास ही रहता है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। कर्मचारी पेंशन योजना 1995: ईपीएस 95 हायर पेंशन को लेकर Calcutta High Court से बड़ा अपडेट है। सेल कर्मचारियों और अधिकारियों के मामले में सुनवाई हुई। एक बार फिर कोर्ट के निशाने पर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन-ईपीएफओ था। काफी फटकार के बाद कोर्ट की अगली सुनवाई 25 नवंबर 2026 को तय की गई।
14 सितंबर को कोलकाता हाईकोर्ट में जज राजशेखर मंथा और अनुज सिंह की अदालत में सुनवाई हुई। सेफी की अपील पर सेल प्रबंधन मामले को लेकर हाईकोर्ट पहुंचा हुआ है। सुनवाई के दौरान ईपीएफओ के वकील ने कहा कि जिनके भी हायर पेंशन को रोका गया, उन्हें रिफंड दे दिया गया है। इस दलील को सुनने के बाद पेंशनर्स के वकील ने नकार दिया।
ट्रस्ट रुल से संबंधित दलील के समय जज साहब ने पीएफ और ईपीएफ के संबंध में ईपीएफओ के वकील की दलील की तुलना किराना शाप के कारोबार से कर दिया गया। इसको लेकर ईपीएफओ की काफी किरकिरी भी हुई है।
हायर पेंशन के संबंध में जब ईपीएफओ के वकील ने फंड के खत्म हो जाने का दावा किया तो जज साहब ने केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के विभिन्न योजनाओं को गिनाया, जिसमें लाडली बहना योजना के लिए दिए जा रहे पैसा का उल्लेख किया गया।
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पढ़िए कोर्ट रूम में और क्या हुआ…
-न्यायालय की ओर से पेंशनर्स के वकील को कनटेम्पट एप्लिकेशन देने के लिए भी कहा गया।
-ईपीएफओ के वकील को संबंधित एफीडेविट 3 दिन के अंदर दाखिल करने को कहा गया।
-ईपीएफओ के वकील को पूर्व में उनके वकील द्वारा कोर्ट से बार्गेन करने की बात करते हुए हिदायत दी गई।
-विभिन्न हाईकोर्ट द्वारा पेंशनरों के पक्ष में दिए गए निर्णयों का उल्लेख भी जज साहब ने किया।
-ईपीएफओ की मनमानी के संबंध में पोर्ट ब्लेयर कोर्ट का एक उदाहरण दिया गया।
-वकील अनिरुद्ध ने ईपीएस 95 के पेंशन देने के संबंध में यह बताया कि जब तक पेंशनर जीवित है उसे 100%, उसके मृत्यु के पश्चात् स्पाउस को 50% तथा दोनो के नहीं रहने पर पूरा पेंशन फंड सीज हो जाता है और वह रकम ईपीएफओ के पास ही रहता है।
– कोर्ट की अगली सुनवाई 25/11/2026 को तय की गई।




