सूचनाजी.कॉम ने बीएसपी के पूर्व प्रभारी सीजीएम एचआर जेएन ठाकुर से सीडीए रूल्स और भविष्य की संभावनाओं पर बातचीत की।
- अब सबकी नजर इस बात पर है कि जमानत के बाद बीएसपी प्रबंधन हिमांशु मलिक के सस्पेंशन पर क्या फैसला लेता है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल भिलाई स्टील प्लांट के जीएम हिमांश मलिक को जमानत मिल गई। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने ज़मानत को मंजूरी दी। मंगलवार को जेल से बाहर भी आ जाएंगे। स्क्रैप चोरी मामले में अन्य आरोपियों के साथ पुलिस ने 9 जुलाई को जीएम को गिरफ्तार किया था।
इससे पहले ही यानी 4 जुलाई को भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन ने हिमांशु मलिक समेत 3 लोगों को सस्पेंड किया था। अब सवाल ये है कि हाईकोर्ट से ज़मानत मिलने के बाद सेल बीएसपी में दोबारा नौकरी कर सकेंगे या नहीं। बीएसपी सस्पेंशन ऑर्डर वापस लेगा या नहीं…। सीडीए रूल्स क्या बोलता है। इसको जानने के लिए सूचनाजी.कॉम ने बीएसपी से रिटायर्ड प्रभारी सीजीएम एचआर जेएन ठाकुर से बातचीत की। कानूनी पक्ष के बारे में तकनीकी पहलुओं को भी समझा।
जमानत के बाद क्या होगा
पूर्व जीएम इंचार्ज एचआर जेएन ठाकुर बताते हैं कि अगर सस्पेंशन अरेस्ट के कारण किया है तो सस्पेंशन वापस होगा।अगर डिपार्टमेंटल इन्क्वारी के कारण हुआ है तो सस्पेंशन इन्क्वारी तक जारी रह सकता है। जेल से बाहर आने के बाद हिमांशु मलिक को एक आवेदन बीएसपी प्रबंधन को देना होगा। हाईकोर्ट के ऑर्डर के साथ आवेदन पत्र लगाना होगा कि उन्हें जमानत मिल गई। इसलिए सस्पेंड किए जाने का आदेश वापस लिया जाए और उन्हें उनके विभाग में दोबारा काम करने का अवसर मिले।
इस पत्र के आधार पर भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन सेवा बहाली का आदेश जारी कर सकता है। वहीं, बीएसपी की ओर से चल रही डिपार्टमेंटल इंक्वायरी चलती रहेगी। जब तक कोर्ट से फैसला नहीं हो जाता, हिमांशु मलिक को बीएसपी प्रबंधन नौकरी करने से नहीं रोक सकता है। जब तक केस का फैसला नहीं हो जाता, तब तक नौकरी करते रहेंगे। पूछताछ के लिए कस्टडी में लिए गए थे। अब कोर्ट ने ज़मानत दी है। इसलिए परिवार के लिए भी काफी राहत भरी खबर है। वैसे, कानूनी नजर और अंतिम फैसला बीएसपी प्रबंधन का ही होगा। जमानत की शर्ताें का अध्ययन करके ही अंतिम निर्णय प्रबंधन लेगा।
हिमांशु मलिक ने ही साक्ष्य पुलिस को दिए थे
बता दें कि बीएसपी के एसएमएस 3 में कार्यरत हिमांशु मलिक को दुर्ग पुलिस ने स्क्रैप चोरी केस के आरोप में गिरफ्तार किया था। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जीएम हिमांशु मलिक ने ही पुलिस को सारे साक्ष्य दिए थे। साई एसोसिएट के सुपरवाइजर ने लिखित में संलिप्ता की बात स्वीकारी थी। इसका साक्ष्य जीएम ने ही पुलिस को सौंपा था। परिवार के सदस्यों के बैंक एकाउंट नंबर आदि भी पुलिस ने लिए थे।

