डीए बढ़ाने का सर्कुलर अब तक नहीं, कर्मचारियों-अधिकारियों का बढ़ा तनाव, रिटायर्ड हो रहे कार्मिक परेशान

No Circular to Increase DA Stress Among Employees and Officers and Retiring Personnel Worried
  • इस महीने सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को भी महंगाई भत्ता बढ़े हुए दर के अनुसार नहीं मिलने की उम्मीद।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। डीए बढ़ने की खबर आने के 2 महीने बाद भी डीए को बढ़ाकर भुगतान करने संबंधी सर्कुलर केंद्र से नहीं आया है। इस आड़े हाथों लेते हुए सीटू ने कहा कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर जनवरी-फरवरी-मार्च माह के लिए 1.6% डीए बढ़ाने की खबर सभी कर्मियों के बीच पिछले माह ही आ चुका है। किंतु इसके संबंध में अभी तक सर्कुलर नहीं आना उच्च प्रबंधन अथवा उच्च सरकारी प्रबंधन की ओर से कामगारों के प्रति की जा रही लापरवाही को ही दिखाता है। इस लापरवाही का जवाब उन्हीं को देना होगा, जो इस तरह के गैर जवाबदारी वाला काम कर रहे हैं।

पहले हुई थी इस तरह की घटना

ज्ञात हो कि पहले भी महंगाई भत्ता बढ़ाने के एक माह बाद अथवा पेमेंट स्लिप बनने के आखिरी दिन तक सर्कुलर ना भेजने की घटना हो चुकी है। कर्मचारी स्थानीय स्तर पर पूछते रहे और स्थानीय प्रबंधन बताता रहा कि केंद्र से सर्कुलर नहीं आया है और केंद्र के तरफ से जवाब आया कि सरकारी दफ्तर से उनके पास महंगाई भत्ता बढ़ाने संबंधी सर्कुलर प्राप्त नहीं हुआ था। इसीलिए वे नीचे संयंत्र के स्तर पर सर्कुलर जारी नहीं कर पाए।

आज सेवानिवृत्त हो रहे कर्मियों का रुक सकता है पेमेंट
जनवरी का पेमेंट जो फरवरी में प्राप्त हुआ उसमें बढ़ी हुई महंगाई भत्ता नहीं दी गई और बताया गया कि ऊपर से सर्कुलर नहीं आया है। इसीलिए बड़े हुए महंगाई भत्ता को भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। सर्कुलर आने के बाद अगले माह के वेतन में एरियर्स के साथ बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता दिया जाएगा।

और जो कर्मी सेवानिवृत्त हुए उन्हें बढ़े हुए दर से महंगाई भत्ते का भुगतान नहीं किया गया था। यदि यही स्थिति रही तो इस महीने सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को भी महंगाई भत्ता बढ़े हुए दर के अनुसार नहीं होगा या बड़े हुए दर से महंगाई भत्ता देने के लिए कुछ समय के लिए अंतिम भुगतान को विलंब किए जाने की आशंका है।

डीए को लेकर बड़ा खेल कर रहा है केंद्र सरकार
सीटू के सहायक महासचिव जगन्नाथ प्रसाद त्रिवेदी ने कहा-महंगाई भत्ते को लेकर जो गणना की जाती है, उस गणना का आधार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक होता है, जिसमें मार्केट में बढ़ रहे महंगाई का प्रतिबिंब दिखता है। इसके आधार पर गणना करने से महंगाई भत्ता निकलता है।

इसे मूल वेतन पर गणना कर देना होता है। किंतु केंद्र सरकार इस उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में ही बहुत से हेर फेर करना शुरू कर दिया है, जिसे लेकर सीटू केंद्र ने सरकार को विरोध पत्र जारी किया है। यदि केंद्र सरकार यह नया गणना पद्धति को लागू करता है तो आने वाले दिनों में महंगाई तो बढ़ेगी, लेकिन महंगाई भत्ता बढ़ाने की दर आनुपातिक रूप से कम हो जाएगा।