पहली बार ISP के कर्मचारी एक निर्धारित लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से अपनी पसंद की ट्रेड यूनियन का चुनाव करेंगे।
सूचनाजी न्यूज, बर्नपुर। SAIL इस्को स्टील प्लांट में पहली बार मान्यता प्राप्त यूनियन का चुनाव होने जा रहा है। 24 सितंबर को कर्मचारी मतदान करेंगे। जिस यूनियन को 51 प्रतिशत वोट मिलेगा, उसे मान्यता प्राप्त यूनियन का दर्जा हासिल हो जाएगा। चुनाव की तारीख तय करने के लिए गुरुवार को उप मुख्य श्रम आयुक्त (केन्द्रीय), आसनसोल (Dy. CLC) के नेतृत्व में अहम बैठक हुई। SAIL IISCO Steel Plant (ISP) बर्नपुर में ट्रेड यूनियन चुनाव को लेकर सभी ट्रेड यूनियनों एवं ISP प्रबंधन के प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सभी पक्षों के बीच चर्चा के पश्चात सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि ISP में “एक प्लांट – एक यूनियन” के आधार पर ट्रेड यूनियन चुनाव 24 सितंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा। मतदान का समय सुबह 8:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। ISP परिसर में विभिन्न मतदान केंद्रों पर कर्मचारी अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
इंटक का कहना है कि “One Industry, One Union” के तहत चुनाव की तारीख 24 सितंबर घोषित हो गई है। यह चुनाव केवल प्रतिनिधि चुनने का नहीं, बल्कि मजदूरों की एकता, अधिकारों और मजबूत आवाज़ को मजबूत करने का अवसर है। आइए, सभी मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट होकर अपने भविष्य के लिए सही नेतृत्व चुनें।
दो वर्षों के संघर्ष का ऐतिहासिक परिणाम
Burnpur Ispat Karmachari Sangh (BMS) का कहना है कि ISP कर्मचारियों को उनके लोकतांत्रिक अधिकार दिलाने के लिए पिछले दो वर्षों से लगातार संघर्ष किया है। प्रबंधन एवं संबंधित सभी कार्यालयों के समक्ष आवाज उठाने से लेकर माननीय उच्च न्यायालय तक इस मुद्दे को मजबूती से उठाया गया।
BMS के निरंतर संघर्ष का उद्देश्य यही था कि ISP के कर्मचारी स्वयं अपने प्रतिनिधि ट्रेड यूनियन का चुनाव अपने मत के माध्यम से कर सकें। 24 सितंबर को चुनाव की घोषणा इस लंबे लोकतांत्रिक संघर्ष की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
ISP के इतिहास में पहली बार चुनाव
आगामी 24 सितंबर 2026 ISP के इतिहास में एक ऐतिहासिक दिन होगा। पहली बार ISP के कर्मचारी एक निर्धारित लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से अपनी पसंद की ट्रेड यूनियन का चुनाव करेंगे। इस चुनाव को लेकर ISP के सभी कर्मचारियों में भारी उत्साह और उमंग देखने को मिल रही है। कर्मचारियों को अब अपने मताधिकार का प्रयोग कर यह तय करने का अवसर मिलेगा कि उनके हितों की आवाज प्रबंधन के समक्ष कौन-सी यूनियन मजबूती से उठाएगी।
