बोकारो, राउरकेला, इस्को बर्नपुर, दुर्गापुर, सेलम, विश्वेश्वरैया स्टील प्लांट, सीएमओ, रांची, चंद्रपुर और खदान के अधिकारियों पर नज़र।
- जिस दफ्तर से आदेश निकलना है, वहां की गोपनीयता ऐसी है कि लोग मजाक में उसे “मोसाद लेवल सिक्योरिटी” बताने लगे हैं।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल (Steel Authority of India Limited-SAIL) में ट्रांसफर का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। टाउनशिप से अधिकारियों को हटाने की प्रक्रिया लगातार जारी है। कुछ अफसर हटाए जा चुके हैं। कई अब भी इंतजार में हैं।
इसी बीच ट्रांसफर लिस्ट लीक होने की चर्चा ने माहौल गर्म कर दिया है। दावा किया जा रहा है कि कई अधिकारियों तक संभावित सूची की जानकारी पहुंच चुकी है। अब ट्रांसफर रुकवाने के लिए दिल्ली तक पैरवी शुरू हो गई है।
बोकारो, राउरकेला, इस्को बर्नपुर, दुर्गापुर, सेलम, विश्वेश्वरैया स्टील प्लांट, सीएमओ, रांची, चंद्रपुर और खदान क्षेत्रों से अधिकारियों का इंटर प्लांट ट्रांसफर किया जाना है। कहा जा रहा है कि सूची लगभग तैयार है। किसी भी समय आदेश जारी हो सकते हैं।
एक स्टील प्लांट में तो लिस्ट लीक होने का दावा भी कर दिया गया। इसके बाद कई अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। कोई पहचान तलाश रहा है। कोई सिफारिश। कोई दिल्ली की दौड़ लगा रहा है।
चर्चा यह भी है कि कुछ लोग बड़े अधिकारियों तक पहुंच बनाने के चक्कर में दलालों के जाल में फंस रहे हैं। हालांकि असली तस्वीर लिस्ट जारी होने के बाद ही साफ होगी। सेक्टर 1 की गलियों में काफी चर्चा है।
ये खबर भी पढ़ें: सेक्टर 9 अस्पताल हो सकता है कॉर्पोरेट हॉस्पिटल जैसा स्मार्ट, CITU के सुझाव में दम…
हर अधिकारी चाहता है कि जिस यूनिट में वर्षों से जमे हैं, वहीं बने रहें। लेकिन इस्पात सचिव Sandeep Poundrik की सीधी निगरानी और सेल की नई नीति के चलते इंटर प्लांट ट्रांसफर को गंभीरता से आगे बढ़ाया जा रहा है। सीजीएम प्रमोशन के लिए दो प्लांट का अनुभव जरूरी है। इसी वजह से कुछ अधिकारियों को दूसरे प्लांट और खदानों में भेजने की चर्चा तेज है।
अब सबकी नजर दिल्ली से जारी होने वाली सूची पर टिकी है। लिस्ट कब आएगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। जिस दफ्तर से आदेश निकलना है, वहां की गोपनीयता ऐसी है कि लोग मजाक में उसे “मोसाद लेवल सिक्योरिटी” बताने लगे हैं।
सेल अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करने वालों ने उच्च प्रबंधन से अपील किया है कि जो लोग दूसरे प्लांट जाना चाहते हैं, उन्हीं को भेजें। ऐसा फैसला न लें, जिससे व्यक्तिगत रूप से नुकसान हो और कंपनी को फायदा भी न हो सके। यही वजह है कि लिस्ट पर दोबारा रिव्यू किए जाने की बात भी कही जा रही।
ये खबर भी पढ़ें: NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को, 2027 से ऑनलाइन होगा एग्जाम

