SAIL अस्पतालों के आउटसोर्सिंग निर्णय से पहले सभी कार्मिकों, पूर्व कार्मिकों एवं आश्रितों का ध्यान रखें। एसोसिएशन/यूनियन से चर्चा करें।
- सेफी ने सेल के उच्च प्रबंधन से अधिकारियों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर की चर्चा।
- जेओ 2018 बैच का नोशनल पदोन्नति, समय पूर्व सेवानिवृत्ति पर बातचीत की।
- वित्तीय वर्ष 2024-25 के पीआरपी का भुगतान शीघ्र करें। डीपीई गाइडलाइन अनुसार एमओयू रेटिंग आने पर पीआरपी दे सकते हैं।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल के अधिकारियों से जुड़े मुद्दों को लेकर स्टील एक्जीक्यूटिव फेडेरेशन आफ इंडिया-सेफी के चेयरमेन व बीएसपी ओए अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार बंछोर एवं सेफी उपाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह ने सेल के सीएमडी डॉ. अशोक पंडा एवं निदेशक (कार्मिक) केके सिंह से इस्पात भवन नई दिल्ली में चर्चा की।
सेफी प्रतिनिधिमंडल ने सेल पेंशन स्कीम, सेल मेडिक्लेम स्कीम, यूनिफार्म एचआरए, वित्तीय वर्ष 2024-25 के पीआरपी का भुगतान, सेल अस्पतालों में सुविधाओं में बढ़ोत्तरी, जेओ 2018 बैच का नोशनल पदोन्नति, समय पूर्व सेवानिवृत्ति का विरोध, इंक्रीमेंटल पीआरपी, सेल के कोलिरिस के अधिकारियों को सेल पेंशन की सुविधा (2007 से 2017 तक), टाउनशिप की सुविधाओं में विस्तार, लीजिंग व लाईसेंसिंग स्कीम के तहत टाउनशिप की सम्पदा का सही उपयोग, जेओ-2008 एवं जेओ-2010 बैच के वेतन विसंगतियों सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
सेल पेंशन स्कीम में संशोधन
सेफी ने सेल प्रबंधन से आग्रह किया कि डीपीई दिशानिर्देशों के अनुसार सेल में 30 प्रतिशत सेवानिवृत्ति लाभ सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशानिर्देश जारी करें। जिससे डीपीई दिशानिर्देशों की सही भावना के अनुरूप मासिक आधार पर 9 प्रतिशत की दर से पेंशन का अंशदान हस्तांतरित किया जाए।
इसके साथ ही एनपीएस में सेल द्वारा निधि हस्तांतरण की वास्तविक तिथि 01/01/2007 से है परंतु सेल ने यह राशि अत्यधिक विलंब से प्रदान की है। अतः इस राशि पर सेल को प्रतिपूरक/उपार्जित ब्याज प्रदान किया जाना चाहिए। सेल पेंशन योजना को समय पर लागू नहीं किया गया और यह द्वितीय वेतन संशोधन के डीपीई दिशानिर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन था। चूंकि पेंशन कर्मचारी का अधिकार है, ताकि वह अपने स्वर्णिम वर्षों को संगठन को समर्पित करने के बाद सम्मानजनक जीवन जी सके।
सेल मेडिक्लेम स्कीम में संशोधन
सेफी ने सेल प्रबंधन से सेल मेडिक्लेम स्कीम में आईपीडी व ओपीडी सुविधा में आवश्यक वृद्धि के साथ-साथ कारपोरेट बफर में वृद्धि, कुछ चिकित्सा उपचारों में कैपिंग की सीमा बढ़ाने, उन्नत उपचार (जैसे रोबोटिक सर्जरी) को शामिल करने तथा मेडिक्लेम प्रीमियम को कम करने हेतु निवेदन किया।
सेल प्रबंधन ने बताया कि नई सेल मेडिक्लेम स्कीम में कारपोरेट बफर में वृद्धि की है, मेडिक्लेम प्रीमियम को पिछले वर्ष से कम किया है एवं कुछ चिकित्सा उपचारों में कैपिंग की सीमा बढ़ाई है।
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वित्तीय वर्ष 2024-25 के पीआरपी का भुगतान
सेफी ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के पीआरपी का भुगतान शीघ्र करने का आग्रह किया। डीपीई के दिशानिर्देशों के अनुसार सेल का एमओयू रेटिंग आने के बाद पीआरपी का भुगतान किया जा सकता है। सेल प्रबंधन ने आश्वस्त किया कि पीआरपी भुगतान हेतु शीघ्र ही आदेश जारी किया जाएगा।
सेल अस्पतालों को लेकर स्पष्टता की मांग
सेफी ने कहा कि सेल अस्पतालों के आउटसोर्सिंग से संबंधित किसी भी निर्णय से पहले सभी हितधारकों, मौजूदा कार्मिकों, पूर्व कार्मिकों एवं आश्रितों का ध्यान रखते हुए एसोसिएशन/यूनियन से व्यापक चर्चा आवश्यक है। सेफी चेयरमैन एनके बंछोर ने अनुरोध किया है कि मौजूदा अस्पताल कार्मिकों को मैनेजमेंट के उन फैसलों के बारे में जानकारी दी जाए, जो उनके कैरियर की संभावनाओं पर असर डाल सकते हैं।
एक समान एचआरए
सेफी ने सेल में डीपीई दिशानिर्देशों के अनुरूप एक समान एचआर लागू करवाने हेतु अनुरोध किया।
जेओ 2018 बैच का नोशनल पदोन्नति
सेफी ने जेओ 2018 बैच का नोशनल पदोन्नति हेतु प्रबंधन से आग्रह किया कि इन अधिकारियों को 2012, 2014 व 2016 में जेओ परीक्षा नहीं होने के कारण 2018 में ही पदोन्नति का मौका मिला। अतः पात्रता में 6 माह की छूट देते हुए इन अधिकारियों को नोशनल पदोन्नति ई2 से ई3 में मिलना चाहिए।
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जेओ-2008 एवं 2010 बैच में वेतन विसंगति
सेफी पदाधिकारियों ने बताया कि कुछ वरिष्ठ अधिकारी (ई-4/ई-5) अपने जूनियर कर्मचारियों/अधिकारियों से भी कम वेतन पा रहे हैं, जो गंभीर वेतन असमानता है। 1 जनवरी 2023 से प्रभावी इस विसंगति को दूर करने हेतु निदेशक कार्मिक से हस्तक्षेप की मांग की गई।
टाउनशिप की सुविधाओं में विस्तार, थर्ड पार्टी आवंटन करें निरस्त
सेफी ने सेल प्रबंधन से सेल के सभी टाउनशिप के सम्पदाओं का समुचित उपयोग करने का अनुरोध किया। टाउनशिप के खाली पड़े भूमि, भवनों तथा मकानों का लीजिंग व लाईसेंस के माध्यम से समुचित उपयोग करने का आग्रह किया ताकि अवैध कब्जों से इन राष्ट्रीय सम्पत्तियों को बचाया जा सके। लीजिंग व लाईसेंस के अवरोधों को शीघ्र निराकरण हेतु आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया।
इसी क्रम वर्तमान कार्मिकों को बेहतर आवास सुविधा उपलब्ध कराने हेतु नए सुविधायुक्त भवनों का निर्माण करने का आग्रह किया। पूर्व कार्मिकों को टाउनशिप के खाली मकानों को लाइसेंस में देने का अनुरोध किया ताकि अवैध कब्जों से बचा जा सके। साथ ही साथ सेफी ने अनुरोध किया कि थर्ड पार्टी आबंटन हेतु नीतियों को संशोधित किया जाए जिससे थर्ड पार्टी आबंटन को सीमित किया जा सके।
लंबे समय से थर्ड पार्टी अलाटमेंट के द्वारा दिए बड़े मकानों के आबंटन का पुनरावलोकन किया जाना चाहिए और सभी सेवानिवृत्त एवं स्थानांतरित शासकीय अधिकारियों व पूर्व जनप्रतिनिधियों का आबंटन रद्द किया जाना चाहिए। सेवानिवृत्त कार्मिकों ने संयंत्र की सेवा में अपना संपूर्ण जीवनकाल (लगभग 35 से 40 वर्ष) लगाकर संयंत्र के विकास में अपना अहम योगदान दिया है। उसके इस योगदान को देखते हुए रिक्त मकानों पर अवैध कब्जा को रोकने तथा टाउनशिप को अपराध मुक्त रखने हेतु लाइसेंस योजना सभी के लिए हितकारी होगी।

