सेल आइएसपी, डीएसपी, भिलाई, सेलम, वीआइएसएल और चंद्रपुर के करीब 35 हजार कार्मिक ईपीएस-95 हायर पेंशन से वंचित हैं।
- एनसीओए और सेफी ने डीपीई अधिकारियों के साथ चर्चा की, ताकि कमेटी का गठन जल्द से जल्द हो सके और पे-रिवीजन में देरी न हो।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। Steel Authority of India Limited के अधिकारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर सेफी पदाधिकारी दिल्ली पहुंच चुके हैं। स्टील एग्जीक्यूटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया (सेफी) के चेयरमैन नरेंद्र कुमार बंछोर के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ईपीएस-95 हायर पेंशन, चौथे वेतन पुनरीक्षण (पे-रिवीजन) और अधिकारियों के इंटर-प्लांट ट्रांसफर को लेकर चल रही कवायद पर अपना रुख स्पष्ट कर चुकी है।
एनसीओए के अध्यक्ष एम.एस. अडसुल, कार्यकारी अध्यक्ष एन.के. बंछोर और सीईओ वी.के. तोमर के साथ सेफी के वाइस चेयरमैन नरेंद्र सिंह तथा जनरल सेक्रेटरी संजय आर्या भी Department of Public Enterprises पहुंचे। बताया जा रहा है कि पे-रिवीजन के लिए अब तक कमेटी गठित नहीं की गई है। एनसीओए और सेफी ने डीपीई अधिकारियों के साथ चर्चा की, ताकि कमेटी का गठन जल्द से जल्द हो सके और पे-रिवीजन में देरी न हो।
सेफी चेयरमैन एनके बंछोर ने बताया पिछली कमेटी जून 2016 में गठित हुई थी, जबकि उसे 3 अगस्त 2017 से लागू किया गया था। यानी पिछली बार करीब 14 माह का समय लग गया था। इसी वजह से इस बार देरी से बचने के लिए अधिकारी संगठनों ने दिल्ली में सक्रियता बढ़ा दी है।
इसी तरह सेल आइएसपी, डीएसपी, भिलाई, सेलम, वीआइएसएल और चंद्रपुर इकाइयों के कर्मचारियों एवं अधिकारियों को अब तक ईपीएस-95 हायर पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस मुद्दे को लेकर भी संबंधित मंत्रालय और अधिकारियों से लगातार बातचीत की जा रही है। फिलहाल ईपीएस-95 हायर पेंशन की सुविधा केवल बोकारो, आरएसपी और रांची इकाइयों में लागू है। अकेले भिलाई में करीब 16 हजार तथा पूरे सेल में 35 हजार से अधिक कर्मचारी और अधिकारी इससे प्रभावित बताए जा रहे हैं।
सेल में इंटर-प्लांट ट्रांसफर सूची को लेकर पूछे गए सवाल पर सेफी चेयरमैन एन.के. बंछोर ने कहा कि कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। शुक्रवार को सेल अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रबंधन के साथ सभी मुद्दों पर चर्चा कर अधिकारियों का पक्ष मजबूती से रखा जाएगा।

