नाराज कर्मी कह रहे थे कि शिपिंग इंचार्ज पर एफआईआर दर्ज होना चाहिए। स्थाई कर्मियों से कहते हैं कि हमें तुम्हारी आवश्यकता नहीं है।
- “किसी के जान के कीमत पर एक टुकड़ा लोहा बनाना भी मंजूर नहीं” का नारा हुआ तार-तार।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सुरक्षा पर लंबे-लंबे वक्तव्य देना, सुंदर-सुंदर नारे जगह-जगह लिखना। उन्हीं नारों की धज्जियां उड़ाते हुए असुरक्षित कार्य करवाना अब आम बात होती जा रही है। “किसी के जान की कीमत पर एक टुकड़ा लोहा बनाना भी मंजूर नहीं” का नारा भिलाई इस्पात संयंत्र (Bhilai Steel Plant) की सुरक्षा पटल पर सुनहरे अक्षरों से लिखा गया है।
किंतु घटने वाली हर दुर्घटना इस नारे को तार-तार कर देता है। जनवरी का माह सुरक्षा माह के रूप में मनाया जाता है। इस महीने में संयंत्र के अंदर विभिन्न विभागों में सुरक्षा सप्ताह के कार्यक्रम होते हैं, जिसमें नारों की भरमार रहती है, किंतु उस सुरक्षा सप्ताह के बीत जाने के बाद अक्सर उन्हीं गलतियों को दोहरा दिया जाता है। जिन गलतियों को ना करने की शपथ सुरक्षा सप्ताह के दौरान दिलाई जाती है।
मूकदर्शक बने रहते हैं सेफ्टी के भी बड़े अधिकारी, यूनियन नेताओं से भिड़ंत
बीएसपी के मर्चेंट मिल में हादसे के बाद शुक्रवार रात मौके पर सीटू द्वारा जांच करते समय मुख्य महाप्रबंधक सेफ्टी एवं महाप्रबंधक सेफ्टी ने कहा कि असुरक्षित काम को ना होने देना एवं असुरक्षित कार्य होने पर उसे रुकवाना आपकी भी जिम्मेदारी है।
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उनके इस कथन के तुरंत बाद उनके सामने जब बिना फिरुल वाले सीलिंग से लोडिंग किया जाने लगा तो, उनसे कहा गया कि “अब तो आपके सामने ही असुरक्षित काम हो रहा है। अब आप इस काम को रूकवाइए” इस पर उन्होंने कुछ नहीं कहा एवं मुख्य दर्शक बने खड़े रहे।
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मामला यहीं नहीं रुका। सीटू के पदाधिकारी हादसे का साक्ष्य जुटा रहे थे, तभी कुछ अधिकारियों ने रोकना-टोकना शुरू कर दिया। इस बात पर कहासुनी शुरू हो गई। एचएमएस के पदाधिकारी भी सामने आए और अधिकारियों से अपनी नाराजगी जाहिर की। जमकर शोर-शराबा होने लगा। देखते ही देखते काफी भीड़ लगी। किसी तरह लोगों को समझाकर मामला शांत कराया गया।
भड़क गए शिपिंग के कर्मी
दुर्घटना स्थल पर काफी तादाद में कर्मी इकट्ठा हो गए थे। शिपिंग के कर्मियों में काफी नाराजगी थी। शिपिंग इंचार्ज महाप्रबंधक नागेंद्र को लेकर सभी ने कहा कि वे बहुत ही गलत तरीके से कर्मियों के साथ पेश आते हैं। लगातार कर्मियों की हो रही कमी के कारण जब उनसे मैनपावर की मांग की गई तो उन्होंने उल्टा धमकाते हुए कहा कि यहां बहुत ज्यादा लोग हैं। मार्च महीने के अंत तक और 100 कर्मियों को हटा दिया जाएगा।
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नाराज कर्मी कह रहे थे कि शिपिंग इंचार्ज पर एफआईआर दर्ज होना चाहिए। शिपिंग इंचार्ज अक्सर स्थाई कर्मियों से कहते हैं कि हमें तुम्हारी आवश्यकता नहीं है। मैं ठेका कर्मियों से तुमसे बेहतर काम करवा लूंगा।
दुर्घटना स्थल की तुरंत जांच करता है सीटू
भिलाई इस्पात संयंत्र में जब भी कोई दुर्घटना होती है। सीटू की टीम उस दुर्घटना की जांच करने के लिए तुरंत मौके का मुवायना करने पहुंचती है, ताकि दुर्घटना स्थल पर वास्तविक कारणों के साथ कोई छेड़छाड़ ना कर सके। छोटी से छोटी कमियों की भी बारीकी से जांच कर कारणों को खोजना है, उसके बाद उस दुर्घटना की रिपोर्ट तैयार कर तथ्यों के साथ सार्वजनिक भी करता है, ताकि सभी कर्मी एवं अधिकारी उन कमियों को अच्छे से समझ लें, जिसके कारण दुर्घटना हुई है। खामियों को दुरुस्त कर लें ताकि दोबारा से उस दुर्घटना को होने से रोका जा सके।

