Bhilai Steel Plant: 35% ठेका श्रमिकों की प्रस्तावित छंटनी के विरोध में इंटक, शांति भंग की आशंका, बवाल का संकेत

INTUC Protests Against Retrenchment of Contract Workers of Bhilai Steel Plant
  • यूनियन ने कहा-हजारों श्रमिकों एवं उनके परिवारों की आजीविका पर सीधा प्रहार है, बल्कि इससे औद्योगिक शांति भी भंग होगी।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील ठेका श्रमिक यूनियन इंटक की कार्यकारिणी की बैठक सेक्टर-4 कार्यालय में की गई, जिसमें सेल प्रबंधन द्वारा भिलाई इस्पात संयंत्र में ठेका श्रमिकों के 35% छटनी के निर्णय को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं श्रमिक विरोधी बताया गया। बैठक में कहा गया कि यह निर्णय न केवल हजारों श्रमिकों एवं उनके परिवारों की आजीविका पर सीधा प्रहार है, बल्कि इससे औद्योगिक शांति भी भंग होगी।

अध्यक्ष संजय साहू ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में, जब श्रमिक पहले से ही आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, इस प्रकार की छंटनी पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। केंद्र सरकार द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में नियमित भर्तियां लगभग बंद होने के कारण, पढ़े-लिखे युवा भी मजबूरी में ठेका श्रमिक के रूप में कार्य कर अपनी जीविकापार्जन कर रहे हैं। ऐसे में यह निर्णय और भी चिंताजनक है इससे संयंत्र के उत्पादन और रखरखाव एवं सुरक्षा पर दुष्प्रभाव पड़ेगा।

इसी संदर्भ में स्टील ठेका श्रमिक यूनियन (इंटक) द्वारा व्यापक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में ठेका श्रमिक भाग लेकर प्रबंधन के इस निर्णय का लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करेंगे।

यूनियन की प्रमुख मांगें

प्रस्तावित 35% छंटनी का निर्णय तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
सभी ठेका श्रमिकों को कार्य की निरंतरता एवं रोजगार सुरक्षा प्रदान की जाए।
श्रमिकों से जुड़े सभी निर्णय यूनियन से चर्चा के बाद ही लिए जाएं।
केंद्र सरकार के निर्धारित न्यूनतम वेतन एवं अन्य सुविधाएं सभी ठेका श्रमिकों को लागू की जाएं।
यूनियन ने प्रबंधन को चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही इस निर्णय को वापस नहीं लिया गया, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी सेल प्रबंधन की होगी।

यूनियन ने यह भी कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र के उत्पादन में लगभग 70% योगदान देने वाले ठेका श्रमिकों के साथ इस प्रकार का व्यवहार न्यायसंगत नहीं है। अतः प्रबंधन श्रमिकों एवं संयंत्र हित में इस निर्णय को तत्काल वापस ले।

बैठक में प्रमुख रूप से सी.पी. वर्मा, दीनानाथ सिंह सार्वा, आर. दिनेश, मनोहर लाल, गुरुदेव साहू, सुरेश कुमार, कान्हा राम, कुलेश्वर, देवेंद्र कुमार, महेंद्र कुमार, नरेंद्र, कामता पटेल एवं बलराम वर्मा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।