बीएमएस के केंद्रीय पदाधिकारियों ने घायलों से की मुलाकात, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग। सेफी टीम भी पहुंच रही आरआइएनएल।
- बीएमएस कार्यालय में दुर्घटना में जान गंवाने वाले सभी कर्मचारियों की स्मृति में शोकसभा का आयोजन किया गया।
सूचनाजी न्यूज, विशाखापट्टनम। राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) के विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में हुए भीषण हादसे में ज़ख्मी एक और मजदूर की मौत हो गई है। मरने वालों की संख्या अब 10 हो चुकी है। विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में हुए हादसे में पहले नौ कर्मचारियों की मौत हुई थी। उपचार के दौरान शनिवार को एक और कर्मचारी ने दम तोड़ दिया, जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। इस घटना ने पूरे इस्पात उद्योग जगत को झकझोर कर रख दिया है।
घायलों से मुलाकात करने और मौका मुआयना करने के लिए स्टील एग्जीक्यूटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया-सेफी पदाधिकारियों की टीम सोमवार को आरआइएनएल पहुंच रही है। सेफी चेयरमेन नरेंद्र कुमार बंछोर के नेतृत्व में एक टीम विशाखापट्टनम स्टील प्लांट का दौरा करेगी।
इधर-भारतीय मजदूर संघ (BMS) के केंद्रीय पदाधिकारी ने अस्पताल पहुंचकर भर्ती श्रमिकों और उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने घायलों को सांत्वना देते हुए भरोसा दिलाया कि यूनियन भविष्य में हर संभव सहयोग और सहायता के लिए उनके साथ खड़ी रहेगी।
बीएमएस प्रतिनिधियों ने कहा कि दुर्घटना में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवारों की पीड़ा को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। यूनियन लगातार पीड़ित परिवारों के संपर्क में है और उनके हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर प्रयास करेगी।
स्टील मंत्री से हस्तक्षेप की मांग
बीएमएस के महासचिव सुरेंद्र पाण्डेय ने पिछले शुक्रवार को केंद्रीय इस्पात मंत्री को पत्र भेजकर इस गंभीर घटना की ओर ध्यान आकर्षित किया था। पत्र में हादसे की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है। यूनियन का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा आवश्यक है।
मृत कर्मचारियों को दी गई श्रद्धांजलि
स्थानीय बीएमएस कार्यालय में दुर्घटना में जान गंवाने वाले सभी कर्मचारियों की स्मृति में शोकसभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्टील प्रभारी जगदीश्वर राव, इस्पात सहप्रभारी हिमांशु शेखर बल, बीएमएम अध्यक्ष श्रीनिवास राव, रिम्स के जनरल सेक्रेटरी रमन्ना, चेयरमैन रामस्वामी सहित यूनियन के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सभा में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत कर्मचारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई। वक्ताओं ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।

