पहचान पत्र, CUG सिम (यदि आवंटित हो), मेडिकल ट्रीटमेंट बुक्स और संगठन से संबंधित अन्य सामान वापस लौटाने का आदेश।
- सेल प्रबंधन ने जयकर को प्रीमेच्योर रिटायरमेंट दिया है।
सूचनाजी न्यूज, दिल्ली। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) में वॉलंटरी रिटायरमेंट (VR) के बाद अब समय से पहले सेवानिवृत्ति का मामला सामने आया है। सेल के सेंट्रल माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स ऑर्गनाइजेशन (CMLO) की किरीबुरु आयरन ओर माइंस (KIOM) में पदस्थ एक जनरल मैनेजर (GM) को प्रीमेच्योर रिटायरमेंट का आदेश जारी कर कंपनी की सेवाओं से मुक्त कर दिया गया है। सेल के किरीबुरु आयरन ओर माइंस के ह्यूमन रिसोर्स विभाग के आफिस ऑर्डर में धनंजयराज बसप्पा जयकर (Dhananjayaraj Basappa Jayakar), जनरल मैनेजर (Civil), E-7 को कंपनी की सेवाओं से मुक्त किए जाने की जानकारी दी गई है।
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29 जुलाई की शाम से सेवाएं समाप्त
सेल प्रबंधन ने जयकर को प्रीमेच्योर रिटायरमेंट दिया है। इसके बाद KIOM की ओर से जारी कार्यालय आदेश में कहा गया है कि धनंजयराज बसप्पा जयकर को 29 जुलाई 2026 के अपराह्न से कंपनी की सेवाओं से मुक्त किया जाता है। यानी आदेश जारी होने वाले दिन ही उनकी कंपनी सेवा समाप्त कर दी गई।
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कंपनी की संपत्ति लौटाने का निर्देश
ऑफिस ऑर्डर में जयकर को अपने पास मौजूद कंपनी की सभी परिसंपत्तियां और सामान वापस करने का निर्देश दिया गया है। इनमें पहचान पत्र, CUG सिम (यदि आवंटित हो), मेडिकल ट्रीटमेंट बुक्स और संगठन से संबंधित अन्य सामान शामिल हैं। इसके साथ ही उन्हें सभी लंबित देनदारियों का निपटारा सुनिश्चित करने और अंतिम भुगतान के लिए निर्धारित फॉर्म भरकर एचआर विभाग में जमा करने को कहा गया है।
प्रीमेच्योर रिटायरमेंट के आदेश के प्रावधान लागू
सेल के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उनकी सेवा से अलग होने से संबंधित सभी मामले 29 जुलाई 2026 को जारी प्रीमेच्योर रिटायरमेंट आदेश और लागू SAIL Rules के प्रावधानों के तहत संचालित होंगे। सेल में हाल ही में बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों ने वॉलंटरी रिटायरमेंट (VR) का विकल्प चुना था। अब उसके बाद किसी GM को प्रीमेच्योर रिटायरमेंट दिए जाने का यह मामला सामने आया है। इससे सेल के अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच समय से पहले सेवानिवृत्ति की नीति को लेकर चर्चा तेज होना स्वाभाविक है।
हालांकि, जारी किए गए ऑफिस ऑर्डर में प्रीमेच्योर रिटायरमेंट दिए जाने का कारण स्पष्ट नहीं किया गया है। आदेश में केवल संबंधित प्रीमेच्योर रिटायरमेंट आदेश का हवाला देते हुए सेवा से मुक्त किए जाने की बात कही गई है। इसलिए इसके पीछे किसी विशेष कारण का दावा करना फिलहाल उचित नहीं होगा।

