बीएकेएस महासचिव हरिओम ने इस्पात सचिव संदीप पौंड्रिक, श्रम सचिव और मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) को पत्र भेजा है।
- बीएकेएस ने इस्पात मंत्रालय से मांग की है कि वह वित्त मंत्रालय की तरह सेल प्रबंधन के लिए भी यूनियनों के साथ नियमित, संस्थागत और जवाबदेह संवाद की व्यवस्था लागू करने का आदेश जारी करे।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। भारत सरकार की ओर से नए श्रम कानून अधिसूचित किए जाने के बाद अब स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) में भी प्रबंधन और ट्रेड यूनियनों के बीच नियमित संवाद की व्यवस्था लागू करने की मांग उठी है। बीएकेएस ने इस्पात मंत्रालय से मांग की है कि वित्त मंत्रालय की तर्ज पर सेल प्रबंधन और उसकी सभी इकाइयों को प्रत्येक तीन माह में यूनियनों के साथ औद्योगिक संबंधों से जुड़ी बैठक आयोजित करने का निर्देश जारी किया जाए।
बीएकेएस महासचिव हरिओम ने इस संबंध में इस्पात सचिव, श्रम सचिव और मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) को पत्र भेजकर सेल की सभी इकाइयों में सक्रिय ट्रेड यूनियनों और एसोसिएशनों के साथ नियमित बैठक की व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
सरकारी बैंकों के लिए वित्त मंत्रालय का निर्देश बना आधार
बीएकेएस ने अपने पत्र में वित्त मंत्रालय की ओर से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को जारी निर्देश का हवाला दिया है। मंत्रालय ने सरकारी बैंकों को सभी मान्यता प्राप्त यूनियनों और एसोसिएशनों के साथ औद्योगिक संबंधों से जुड़ी बैठकें संस्थागत करने की सलाह दी है। इसका उद्देश्य प्रबंधन और यूनियनों के बीच संवाद के लिए नियमित और व्यवस्थित मंच उपलब्ध कराना, मुद्दों का समय पर समाधान करना और आपसी विश्वास मजबूत करना है।
वित्त मंत्रालय ने यह भी कहा है कि केवल बहुमत वाली यूनियन या एसोसिएशन के साथ बैठक करना पर्याप्त नहीं है। गैर मान्यता प्राप्त यूनियनों और एसोसिएशनों के साथ बातचीत के लिए प्रत्येक तिमाही में अलग से एक दिन निर्धारित किया जा सकता है। उस दिन संबंधित सभी यूनियनों और एसोसिएशनों को एक साथ आमंत्रित किया जा सकता है। मंत्रालय ने सरकारी बैंकों को ऐसी बैठकों का वार्षिक कैलेंडर तैयार करने और तिमाही अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने की भी सलाह दी है।
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सेल में भी बने वार्षिक कैलेंडर
बीएकेएस ने इसी व्यवस्था को सेल में लागू करने की मांग की है। यूनियन का कहना है कि सेल प्रबंधन और उसकी इकाइयों में मान्यता प्राप्त सभी यूनियनों व एसोसिएशनों के साथ कम से कम प्रत्येक तीन माह में एक औद्योगिक संबंध बैठक होनी चाहिए।
बीएकेएस ने मांग की है कि सेल प्रबंधन ऐसी बैठकों के लिए पूरे वर्ष का कैलेंडर पहले से जारी करे। इसके अलावा सेल की विभिन्न इकाइयों में पंजीकृत अन्य यूनियनों के साथ भी नियमित संवाद की व्यवस्था की जाए।
यूनियन ने सुझाव दिया है कि बहुमत वाली यूनियनों के साथ नियमित आईआर बैठक के अलावा प्रत्येक तिमाही में एक दिन अल्पसंख्यक मान्यता प्राप्त यूनियनों और एसोसिएशनों के लिए निर्धारित किया जाए। इस बैठक में संबंधित सभी यूनियनों को एक साथ बुलाया जा सकता है।
इस्पात मंत्रालय को देनी हो अनुपालन रिपोर्ट
बीएकेएस ने इस्पात मंत्रालय से यह भी मांग की है कि सेल प्रबंधन को वार्षिक बैठक कैलेंडर इस्पात मंत्रालय के साथ साझा करने का निर्देश दिया जाए। साथ ही निर्धारित प्रक्रिया के पालन के बाद सेल प्रबंधन को प्रत्येक तिमाही की अनुपालन रिपोर्ट भी मंत्रालय को सौंपने के लिए कहा जाए।
रिकॉगनाइज्ड यूनियन के लिए सेक्रेट बैलेट चुनाव की मांग
बीएकेएस ने सेल की प्रत्येक इकाई में रिकॉगनाइज्ड यूनियन के चयन के लिए निश्चित अंतराल पर सेक्रेट बैलेट चुनाव कराने की भी मांग की है। यूनियन का कहना है कि श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करने वाली मान्यता प्राप्त यूनियन का चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत कराया जाना चाहिए।
सेल में यूनियनों से संवाद की नीति कमजोर
बीएकेएस महासचिव हरिओम ने सेल प्रबंधन के एचआर विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उच्च अधिकारियों ने ऐसी अघोषित नीति बना रखी है, जिसमें यूनियनों के साथ बैठक और वार्ता से दूरी बनाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूनियनों के मांग पत्रों पर भी उचित जवाब या कार्रवाई नहीं की जाती और कर्मचारी कल्याण से जुड़े विषयों पर आवश्यक परामर्श नहीं हो रहा है।
हरिओम ने कहा कि सेल में अधिकारी कल्याण से जुड़े मामलों में लगातार नीतियां लाई जा रही हैं, जबकि कर्मचारियों के मुद्दों पर अपेक्षित स्तर पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने पे रिवीजन, पीआरपी, मोबाइल, इंटरनेट, फर्नीचर एडवांस, लैपटॉप एडवांस और हाउस परक्विजिट जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए इसे कर्मचारियों के साथ भेदभाव का उदाहरण बताया।

