सेल भिलाई स्टील प्लांट के मेन गेट पर दिखा भावुक नजारा। सेवानिवृत्त साथियों को जोश और जश्न के साथ दी विदाई।
- भिलाई इस्पात संयंत्र ने रोजगार के साथ परिवार के बेहतर भविष्य के लिए अवसर दिए और जीवन में बहुत कुछ हासिल करने में योगदान दिया।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। Steel Authority of India Limited के भिलाई इस्पात संयंत्र से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों की विदाई शुक्रवार को भावुक और यादगार क्षणों में बदल रही है। हर महीने की 30 और 31 तारीख को बड़ी संख्या में कर्मचारी और अधिकारी अपने लंबे सेवाकाल को पूरा कर संयंत्र से विदा होते हैं। विभागीय सम्मान समारोह के बाद जब वे मेन गेट या बोरिया गेट से बाहर निकलते हैं, तो उन्हें अंतिम बार विदा करने के लिए साथी कर्मचारी और पुराने सेवानिवृत्त साथी भी बड़ी संख्या में गेट पर पहुंच रहे हैं। रेल मिल के बसंत महोबिया, नारायण राव, अरुण चंद्राकर जब गेट से बाहर आए तो घर-परिवार और साथियों ने फूलों की माला से स्वागत किया।
भिलाई स्टील प्लांट के मेन गेट स्थित इस्पात भवन के सामने शुक्रवार दिन में विदाई समारोह की अलग ही तस्वीर देखने को मिली। एक ओर सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी के परिवारजन उन्हें घर ले जाने के लिए गेट पर पहुंचे, तो दूसरी ओर वर्षों तक साथ काम करने वाले सहयोगी उन्हें विदाई देने के लिए वहां मौजूद रहते हैं। कई ऐसे पूर्व कर्मचारी भी गेट पर पहुंचे, जो पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं और अपने पुराने साथियों को विदा करने के लिए विशेष रूप से आते हैं।
जब सेवानिवृत्त कर्मचारी संयंत्र को हमेशा के लिए अलविदा कहकर घर की ओर बढ़ते हैं, तो माहौल भावुक हो जाता है। वर्षों तक जिस संयंत्र में जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बिताया, उसी कार्यस्थल को अंतिम बार पीछे छोड़ते समय कई कर्मचारियों की आंखें नम हो जाती हैं। साथी कर्मचारी उन्हें गले लगाकर विदाई देते हैं और उनके बेहतर स्वास्थ्य व सुखद भविष्य की कामना करते हैं।
सेवानिवृत्त कर्मचारी भी अपने साथियों के बीच बिताए वर्षों को याद करते हुए भावुक हो जाते हैं। उनका कहना होता है कि इसी संयंत्र में उन्होंने अपने जीवन के कई दशक काम करते हुए बिताए। भिलाई इस्पात संयंत्र ने उन्हें रोजगार के साथ परिवार के बेहतर भविष्य के लिए अवसर दिए और जीवन में बहुत कुछ हासिल करने में योगदान दिया।
हालांकि इस भावुक पल का एक सकारात्मक पहलू भी है। लंबे सेवाकाल के दौरान बिना किसी बड़ी दुर्घटना या गंभीर अड़चन के अपनी सेवा पूरी कर सुरक्षित रूप से सेवानिवृत्ति तक पहुंचना भी अपने आप में उपलब्धि है। ऐसे कर्मचारियों को साथी कर्मचारी बधाई देते हुए उनके स्वस्थ, सुखी और आनंदमय सेवानिवृत्त जीवन की शुभकामनाएं देते नज़र आए। सीटू के महासचिव टी. जोगा राव के अलावा केवेंद्र, डीवीएस रेड्डी, राजेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
वीआर लेने वाले साथी भी पहुंचे गेट पर
इस दौरान उन कर्मचारियों की भी उपस्थिति रही, जिन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VR) का विकल्प चुना था। उनके लिए भी यह कार्यदिवस का अंतिम दिन था। विभागीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद जब वे संयंत्र से बाहर निकले तो पुराने साथी उन्हें विदाई देने के लिए मेन गेट पर मौजूद थे।
कुल मिलाकर भिलाई इस्पात संयंत्र के मेन गेट और इस्पात भवन के सामने का माहौल बेहद खुशनुमा और भावुक नजर आ रहा है। कहीं साथियों के चेहरे पर वर्षों की दोस्ती की यादें हैं, तो कहीं आंखों में बिछड़ने का दर्द। विदाई के इन पलों में यह अहसास साफ दिखाई देता है कि भिलाई इस्पात संयंत्र केवल कार्यस्थल नहीं, बल्कि हजारों कर्मचारियों के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।

