इस्पात भवन में कार्यरत रुक्मिणी के बेटे प्रतीक की मौके पर मौत। एसपी 3 के सुनील के बेटे भास्कर ने इलाज के दौरान तोड़ा दम।
- हादसे में मृत दोनों युवक सेक्टर 4 के रहने वाले थे।
- प्रतीक का डोंगरगढ़ में अंतिम संस्कार किया गया।
- भास्कर का पोस्टमार्टम के बाद रामनगर मुक्तिधाम में होगा अंतिम संस्कार।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। नंदिनी के दही हांडी उत्सव से लौट रहे भिलाई के 2 युवकों की सड़क हादसे में मौत हो गई। स्कार्पियों को चला रहे बीएसपी की महिला कर्मचारी के बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। बगल की सीट पर बैठे दूसरे युवक ने बीएम शाह हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। शनिवार देर रात नेहरू नगर सर्विस लेन पर हादसा हुआ। मौत की खबर लगते ही परिवार में कोहराम मच गया है।
दोनों युवक सेक्टर 4 के रहने वाले थे। सेक्टर 4 के दो जवान बेटे भास्कर नेताम सड़क 29 व प्रतीक ठाकुर सड़क 37 का रोड एक्सीडेंट में देहांत होने से शोक की लहर है। सेल भिलाई स्टील प्लांट के इस्पात भवन के General Establishment में कार्यरत महिला कर्मचारी रुक्मिणी ठाकुर का बेटा प्रतीक ठाकुर अपने मामा की स्कार्पियों लेकर दोस्तों के साथ नंदिनी में दही हांडी कार्यक्रम में गया था।
मामा ललित बीएसपी फायर ब्रिगेड में लीडिंग फायरमैन पद पर कार्यरत हैं। शनिवार रात नंदिनी से लौटते समय प्रतीक अपने दोस्त को चौहान ग्रीन वैली में छोड़कर घर लौट रहा था। नेहरू नगर सर्विस लेन पर मवेशी की वजह से गाड़ी अनियंत्रित होकर किसी पोल से टकराई।
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गाड़ी को संभालने के लिए प्रतीक ने ब्रेक पर पैर दबाने की कोशिश की, लेकिन पैर स्केलेटर पर दब गया। रफ्तार तेज़ होने से गाड़ी पेड़ से टकराकर 360 डिग्री में घुम गई। स्कार्पियों के चिथड़े उड़ गए। बगल की सीट पर सेक्टर 4 के सड़क 29 निवासी युवक भास्कर नेताम थे। वह जख्मी हालत में था। प्रतीक की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
भास्कर को बीएम शाह हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां रविवार दोपहर करीब पौने 12 बजे मौत हो गई। भास्कर के पिता सुनील कुमार एसपी 3 में कार्यरत हैं। प्रतीक का अंतिम संस्कार डोंगरगढ़ स्थित पैतृक गांव पटपड़ में किया गया। भास्कर का अंतिम संस्कार पोस्टमार्टम के बाद सोमवार दिन में रामनगर मुक्तिधाम में किया जाएगा।
हादसे के समय फोन पर था तुषार
चौहान ग्रीन वैली में प्रतीक और भास्कर अपने साथी तुषार मानिक को छोड़कर लौट रहे थे। रास्ते में तुषार से फोन पर बातचीत चल रही थी। हादसे के समय अचानक से ब्रेक लगने की आवाज तुषार ने सुनी। कुछ हड़कंप हुआ। लगातार फोन लगाता रहा, लेकिन फोन रिसीव नहीं हो रहा था। थोड़ी देर बाद पुलिस ने फोन उठाया और जानकारी दी कि हादसा हो गया है। खबर लगते ही तुषार मौके पर पहुंचा और अपने दोस्तों को पूरी जानकारी दी।
भास्कर के पिता सुनील नेताम ने ये बताया
बीएसपी के एसपी-3 मैकेनिकल में कार्यरत सुनील नेताम का बेटा भास्कर होटल मैनेजमेंट का कोर्स किए है। रायपुर के होटल बेबी लॉन में काम करता है। हर दिन शाम 4 बजे वह रायपुर के लिए रवाना होता है। शनिवार को वह रायपुर गया या नंदिनी इसकी जानकारी परिवार में किसी को नहीं थी। रात साढ़े 10 बजे भास्कर की बहन ने फोन लगाया। भास्कर ने जवाब दिया कि तेलाबांधा में है। इसके बाद फोन रिसीव नहीं हुआ। रात 1 बजे तक सब इंतजार करते रहे। करीब 2 बजे कुछ युवक पहुंचे और बोले-भास्कर का आधार कार्ड दीजिए, जरूरत है। काफी पूछने पर बताया कि एक्सीडेंट हो गया है। बीएमएस शाम में भर्ती है।
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रात 3 बजे अस्पताल पहुंचे। डाक्टर ने हालात बताए। नाजुक हालत थी। खून का बहाव बहुत ज्यादा हो गया था। आइसीयू में था। सांस लेने में दिक्कत थी। 35 से ऊपर बीपी जा नहीं रहा था। कोमा में चला गया था। सुबह 9 बजे काउंसिलिंग हुई। डाक्टरों ने बताए सफलता नहीं मिल रही है। साढ़े 11 बजे बताया गया कि चेस्ट में ब्लड जम गया है। सांस लेने में तकलीफ है। सिटी स्कैन करने के लिए ले जाने का प्रयास किए, लेकिन हालत और खराब हो गई। वापस मशीन पर लाए। पौने 12 बजे दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।
2 साल पहले हुआ था जानलेवा हमला
बताया जा रहा है कि दो साल पहले गणेश विसर्जन के समय दुर्ग में कुछ बदमाशों ने कहासुनी के दौरान प्रतीक पर हमला कर दिया था। सिर में 22 टांके लगे थे। सेक्टर 4 के सड़क 1 में रहने वाले बीएसपी के फायर मैन ललित ने एक साल पहले ही गाड़ी खरीदी थी। उसी गाड़ी को प्रतीक चला रहा था।
भांजा ट्रैवल का काम करता है। इसलिए मामा की गाड़ी लेकर वह दोस्तों के साथ नंदिनी गया था। सुपेला थाना में गाड़ी रखी गई है। रुक्मिणी के पति नंदिनी में कार्यरत थे। मेडिकल अनफिट के बाद निधन हो गया था। अनुकंपा नियुक्ति के तहत रुक्मिणी को नौकरी मिली। अब परिवार में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रुक्मिणी ने सेक्टर 4 सोसाइटी का चुनाव भी पिछले साल लड़ा था।
