भिलाई टाउनशिप के बदतर हालात: “गाय घर में रखो”, मगर सड़क पर घूमती गायों की जिम्मेदारी किसकी? अधिकारियों की लापरवाही चरम पर है।
- हादसा नहीं, बल्कि टाउनशिप में नगर सेवाओं की बदहाल व्यवस्था और प्रबंधन की लापरवाही का भी परिणाम है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारी इस्पात सचिव संदीप पौंड्रिक को याद कर रहे हैं। सेल में काफी सुधार की दिशा में काम किए। उनके तेवर की जरूरत भिलाई टाउनशिप को है। बदहाल टाउनशिप को लेकर अधिकारी लापरवाह हो चुके हैं। तस्वीर सबके सामने है। भिलाई टाउनशिप को लावारिस छोड़ दिया गया है। परिवार के साथ अधिकारी और कर्मचारी इसी टाउनशिप में रहते हैं। जिसे बदहाल करने पर नगर सेवाएं विभाग जुट गया है। लापरवाही की हद तो ये है कि न तो सड़कों से मवेशी हटाए जा रहे। और न ही सड़कों पर रोशनी का इंतजाम किया जा रहा। सुझाव देने के बाद भी सब नजर अंदाज कर रहे।
टाउनशिप की सड़कों पर बारिश के बीच मवेशियों का झुंड और उनके बीच से गुजरते वाहन की तस्वीरें किसी दुर्घटना की सूचना का इंतजार नहीं, बल्कि एक बड़े खतरे की चेतावनी हैं। बीती रात फॉरेस्ट एवेन्यू सड़क पर मवेशियों के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है। आशंका है कि किसी अज्ञात बड़े वाहन की टक्कर से 4 मवेशियों की मौत हुई और कुछ घायल हुए। यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि टाउनशिप में नगर सेवाओं की बदहाल व्यवस्था और प्रबंधन की लापरवाही का भी परिणाम है।
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नगर सेवाएं विभाग का कहना है कि किसी को घर में गाय नहीं पालनी चाहिए। शिकायत मिलने पर विभाग गाय पालने वालों की जांच और कार्रवाई करने में तत्परता दिखाता है। लेकिन सवाल यह है कि जो गाय-बैल खुलेआम सड़कों पर घूम रहे हैं, उन्हें पकड़ने की जिम्मेदारी किसकी है? मवेशियों को पकड़ने और नियंत्रित करने का काम भी नगर सेवाओं के जिम्मे है, लेकिन यह व्यवस्था लंबे समय से लगभग ठप पड़ी है। घर में गाय दिखे तो कार्रवाई, सड़क पर गाय दिखे तो “हमारे पास आदमी नहीं है।” यह कैसा नियम है?
“आदमी नहीं है” का जवाब अब हादसों के बाद भी मिलेगा?
नगर सेवाएं विभाग की ओर से हर समस्या के लिए एक ही जवाब सुनने को मिलता है-“हमारे पास आदमी नहीं है।” यदि वास्तव में कर्मचारियों की भारी कमी है तो इसका खामियाजा मवेशियों और आम नागरिकों को क्यों भुगतना पड़े? बारिश में गाय-बैल अक्सर सूखी जगह की तलाश में सड़क पर आ जाते हैं और कई बार सड़क पर ही बैठ जाते हैं। तेज रफ्तार वाहनों के बीच यह स्थिति जानलेवा बन जाती है। ऐसे हादसे के बाद जिम्मेदारी तय करने के बजाय यदि फिर वही “आदमी नहीं है” वाला जवाब मिले तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल है।
सड़क पर अंधेरा, ऊपर से मवेशी, हादसे को न्योता!
टाउनशिप के कई सेक्टरों की सड़कें रात में अंधेरे में डूबी रहती हैं। सिस्टी एवेन्यू, फॉरेस्ट एवेन्यू और सेंट्रल एवेन्यू जैसे प्रमुख मार्गों पर भी लंबे हिस्सों तक स्ट्रीट लाइट बंद रहने की शिकायतें सामने आती हैं। अंधेरी सड़क, बारिश, फिसलन और सड़क पर बैठे मवेशी। इन सबका मेल किसी बड़े हादसे को आमंत्रण देने के लिए काफी है। ऐसे में मोटरसाइकिल, साइकिल या छोटे वाहन चालकों के लिए खतरा और बढ़ जाता है।
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बिजली व्यवस्था भी “एक आदमी” के भरोसे!
टाउनशिप की व्यवस्था का हाल यह है कि रात में कहीं बिजली चली जाए तो उसे संभालने के लिए एक बीएसपी कर्मी और उसके साथ वाहन चलाने वाला एक ठेका कर्मचारी ही उपलब्ध रहता है, वे जब कंप्लेंट अटेंड करने जाते हैं तो कई बार बिजली न होने से गुसाईं भीड़ उन्हें घेर लेती है। सवाल यह है कि इतने बड़े टाउनशिप की रात की विद्युत व्यवस्था क्या “एक कर्मचारी और एक ड्राइवर” के भरोसे चलाई जा सकती है?
प्रबंधन को अब “आदमी नहीं है” कहकर जिम्मेदारी से बचने के बजाय रिक्त पद भरने, मवेशियों को पकड़ने की व्यवस्था मजबूत करने और सभी प्रमुख सड़कों की स्ट्रीट लाइट तत्काल दुरुस्त करने की ठोस कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि अगली दुर्घटना में किसी और मवेशी या इंसान की जान न जाए।
