बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ (BAKS) ने सीजीएम एचआर प्रशांत ओझा के सामने मांगों का विस्तृत एजेंडा रखा है। सकारात्मक आश्वासन मिले।
- BSP में HR से जुड़े लंबित मुद्दों पर BAKS ने प्रबंधन को सौंपा मांगपत्र।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के गैर-कार्यपालक कर्मचारियों से जुड़े कई लंबित मुद्दों को लेकर बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ (BAKS) ने प्रबंधन के सामने मांगों का विस्तृत एजेंडा रखा है। यूनियन ने सीजीएम एचआर प्रशांत ओझा के साथ बैठक कर 17 बिंदुओं वाला मांगपत्र सौंपा और वर्षों से लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण की मांग की।
यूनियन का कहना है कि एचआर से जुड़े कई मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं, जिसका कर्मचारियों पर आर्थिक और मानसिक प्रभाव पड़ रहा है। BAKS ने कर्मचारी हित में इन मामलों में संशोधन और आवश्यक निर्णय जल्द लेने की मांग की।
वार्ताकारी संघ के गठन की प्रक्रिया पूरी करने की मांग
BAKS ने नई श्रम संहिता और औद्योगिक संबंध व्यवस्था के तहत वार्ताकारी संघ/वार्ताकारी परिषद के चयन की प्रक्रिया पूरी करने की मांग प्रमुखता से उठाई। यूनियन का कहना है कि प्रतिनिधित्व की प्रक्रिया पूरी होने से कर्मचारियों से जुड़े सामूहिक मुद्दों के समाधान के लिए प्रभावी संवाद का रास्ता मजबूत होगा।
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ACR की ग्रेडिंग कर्मचारियों को दिखाने की मांग
गैर-कार्यपालक कर्मचारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) से संबंधित व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग भी उठाई गई। BAKS ने मांग की कि कर्मचारियों की ACR ग्रेडिंग मोबाइल एप या BSP इंट्रानेट पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि कर्मचारी अपने कार्य मूल्यांकन में दर्ज ग्रेडिंग की जानकारी प्राप्त कर सकें। यूनियन ने आधा आकस्मिक अवकाश (1/2 CL) लागू करने की मांग भी रखी।
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2007 के बाद इंसेंटिव फॉर्मूले में बदलाव नहीं होने पर सवाल
BAKS ने कर्मचारियों के इंसेंटिव और रिवार्ड फॉर्मूले में संशोधन की मांग की। यूनियन का तर्क है कि वर्तमान फॉर्मूले में अंतिम संशोधन 2007 में हुआ था। इसके बाद सेल और BSP की उत्पादकता तथा उत्पादन से जुड़े विभिन्न मानकों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ऐसे में इंसेंटिव फॉर्मूले की समीक्षा जरूरी है।
पदोन्नति नीति की विसंगतियां दूर करने की मांग
यूनियन ने नॉन-एक्जीक्यूटिव कर्मचारियों की पदोन्नति नीति में सुधार की मांग की। BAKS का आरोप है कि वर्तमान व्यवस्था में कई विसंगतियां हैं। वरिष्ठ कर्मचारी की पदोन्नति लंबित रहने की स्थिति में उसके नीचे के कनिष्ठ कर्मचारियों की पदोन्नति भी प्रभावित होती है। यूनियन ने एक्सटेंडेड क्लस्टर में पदनाम, अगले क्लस्टर और पदोन्नति से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने की मांग की।
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उच्च शिक्षा पर 10 हजार की जगह 75 प्रतिशत शुल्क की मांग
कर्मचारियों की उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए BAKS ने प्रोफेशनल इंसेंटिव में बढ़ोतरी की मांग की। यूनियन के अनुसार वर्तमान में उच्च योग्यता हासिल करने वाले कर्मचारियों को ₹10,000 तक की प्रोत्साहन राशि मिलती है। इसे बढ़ाकर कुल शिक्षण शुल्क का 75 प्रतिशत किए जाने की मांग की गई। साथ ही कर्मचारियों की उच्च शैक्षणिक योग्यता को उनकी पर्सनल फाइल में दर्ज कर पदोन्नति में इसका लाभ देने की मांग भी रखी गई।
18 साल से ₹5 हजार त्योहार अग्रिम, अब बढ़ाने की मांग
त्योहार अग्रिम की राशि बढ़ाने की मांग भी प्रमुख रही। BAKS ने कहा कि वर्ष 2008 से कर्मचारियों को ₹5,000 फेस्टिवल एडवांस दिया जा रहा है और लंबे समय से इसमें कोई वृद्धि नहीं हुई है। यूनियन ने इसे बढ़ाकर एक माह के DA-बेसिक के बराबर करने की मांग की।
मोबाइल, इंटरनेट और वाई-फाई सुविधा का मुद्दा भी उठा
BAKS ने विभागीय और व्यक्तिगत कार्यों के लिए कर्मचारियों को मोबाइल सेट, सिम, इंटरनेट एवं कॉलिंग रिचार्ज तथा वाई-फाई सुविधा देने की मांग की।
यूनियन के अनुसार कर्मचारी दैनिक हाजिरी, ऑनलाइन कार्य, चिकित्सा संबंधी सेवाओं और विभागीय काम के लिए अपने निजी मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में इन सुविधाओं के लिए संस्थागत व्यवस्था की मांग की गई।
लॉन्ग सर्विस अवार्ड में सोने का सिक्का देने की मांग
25 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को दिए जाने वाले लॉन्ग सर्विस अवार्ड में बदलाव की मांग करते हुए BAKS ने सोने के सिक्के देने का प्रस्ताव रखा।
यूनियन ने NMDC की व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि वहां अलग-अलग अवधि की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को स्वर्ण सिक्के प्रदान किए जाते हैं। BAKS ने BSP में भी लॉन्ग सर्विस अवार्ड की समीक्षा की मांग की।
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सेवानिवृत्ति पर हॉलिडे पैकेज या स्वर्ण सिक्के की मांग
सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के सम्मान में दिए जाने वाले उपहार में बदलाव की मांग भी की गई। BAKS ने हॉलिडे पैकेज अथवा स्वर्ण सिक्के को विकल्प के रूप में रखने की मांग की।
बंद क्लब खोलने और कैंटीन व्यवस्था सुधारने की मांग
यूनियन ने BSP टाउनशिप में बंद पड़े कर्मचारियों के क्लबों को फिर शुरू करने की मांग की। इसके साथ ही सभी क्लबों का रंग-रोगन, पूर्ण अनुरक्षण और आवश्यक फर्नीचर व मनोरंजन सामग्री उपलब्ध कराने की मांग रखी गई।
BAKS ने रिसाली, मरोदा, सेक्टर-1, सेक्टर-2 और सेक्टर-5 के क्लबों का विशेष रूप से अनुरक्षण कराने की मांग की। क्लबों की ऑनलाइन बुकिंग और कैंटीन सुविधा शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा गया।
इसके अलावा BSP की कैंटीन व्यवस्था को SAIL कॉर्पोरेट कार्यालय, लोधी रोड की तर्ज पर उच्च गुणवत्ता और नियंत्रित दरों के साथ संचालित करने की मांग की गई।
नियमित बैठक के लिए वार्षिक-त्रैमासिक कैलेंडर की मांग
BAKS ने प्रबंधन और यूनियन के बीच कर्मचारियों से जुड़े मामलों पर नियमित बैठक और संवाद के लिए वार्षिक अथवा त्रैमासिक कैलेंडर बनाने की मांग की। यूनियन का कहना है कि नियमित संवाद से छोटे-छोटे मुद्दे लंबे समय तक लंबित रहने से बच सकते हैं।
विभिन्न कमेटियों में यूनियन को प्रतिनिधित्व
यूनियन ने सुरक्षा समिति, शिकायत निवारण समिति, कर्मचारी कल्याण समिति, आवास आवंटन समिति, नगर सेवा शिकायत निवारण समिति, अस्पताल समिति, भविष्य निधि समिति, विभागीय समिति और कैंटीन समिति के पुनर्गठन की मांग की।
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इन समितियों में BAKS को प्रतिनिधित्व देने की मांग भी की गई
लेबर वेलफेयर अधिकारियों की नियुक्ति शुरू करने की मांग
BAKS ने BSP में लेबर वेलफेयर अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी उठाई। यूनियन का कहना है कि संयंत्र के भीतर 40 से अधिक फैक्ट्रियां हैं और श्रमिकों से जुड़े स्थानीय एवं विभागीय मामलों के समाधान के लिए कल्याण संबंधी व्यवस्था को मजबूत किया जाना आवश्यक है।
यूनियन के अनुसार लेबर वेलफेयर अधिकारियों की उपलब्धता से कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों की समस्याओं के समाधान में मदद मिलेगी।
नियमित संवाद से बेहतर होंगे औद्योगिक संबंध
BAKS महासचिव किशोर कुमार साव ने कहा कि बेहतर औद्योगिक संबंधों के लिए प्रबंधन और यूनियन-कर्मचारियों के बीच नियमित बैठक और संवाद जरूरी है। उनके अनुसार बैठक में सीजीएम एचआर ने कई मुद्दों पर सकारात्मक रुख दिखाया है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों से जुड़े लंबित मुद्दों का समाधान होने से न केवल औद्योगिक संबंध बेहतर होंगे, बल्कि कर्मचारियों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।
बैठक में BAKS अध्यक्ष अमर सिंह, महासचिव किशोर कुमार साव, कोषाध्यक्ष नवीन कुमार मिश्रा, कार्यकारिणी सदस्य विजय बहादुर सिंह, मनोज कुमार कौशिक और राकेश बोरगरिया शामिल रहे।
