छत्तीसगढ़ के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडेय के पुत्र मनीष पांडेय के जन्मदिन पर शनिवार सुबह से शाम तक आयोजन।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। छत्तीसगढ़ के युवा नेताओं में मनीष पांडेय का नाम किसी तारीफ का मोहताज़ नहीं है। भारतीय जनता पार्टी के उभरते नेता मनीष पांडेय का 38वां बर्थडे मनाया जा रहा है। 12 सितंबर 1988 को जन्मे मनीष पांडेय का बर्थ डे मनाने के लिए समर्थक सेक्टर 9 स्थित आवास पहुंचे। जैसे ही घड़ी की सुई 12 पर पहुंची, आतिशबाजी और केक काटकर जश्न का सिलसिला शुरू हो गया। शनिवार सुबह आई लव भिलाई चौक से सेक्टर 9 चौक तक मैराथन है। नक्सल मुक्त बस्तर की थीम पर मैराथन है। इसके बाद धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम शाम तक होंगे। आप भी शामिल होइए। इस स्टोरी में आप दिन भर होने वाले कार्यक्रम और मनीष पांडेय के सियासी सफर के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे।
खास है मैराथन, उपहार भी खास
समिति की युवा शाखा के अध्यक्ष मनीष पाण्डेय के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित मैराथन की शुरुआत सुबह 6 बजे आई लव भिलाई चौक, सिविक सेंटर से होगी। 5 किलोमीटर की इस मैराथन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 1500 पुरुष एवं महिला प्रतिभागी शामिल होंगे। पुरुष एवं महिला वर्ग के विजेताओं के लिए अलग-अलग नकद पुरस्कार रखे गए हैं। इसके साथ ही आयोजन में पहुंचने वाले लोगों के लिए लकी ड्रॉ भी रखा गया है, जिसमें साइकिल, ट्रॉली बैग, स्कूल बैग, टिफिन बॉक्स सहित अनेक उपहार दिए जाएंगे।
आदिवासी और अनाथ बच्चों संग मनीष पांडेय देंगे ये संदेश
मैराथन का विशेष आकर्षण दुर्ग के छात्रावासों में रहने वाले आदिवासी एवं अनाथ बच्चे होंगे। ‘नक्सल मुक्त बस्तर’ की सकारात्मक भावना के साथ इन बच्चों के लिए 100 एवं 200 मीटर की विशेष दौड़ आयोजित की जाएगी। वहीं, बस्तर से भी युवाओं की टीम मैराथन में हिस्सा लेने पहुंच चुकी है। इसके माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें खेलों से जोड़ने और बस्तर की बदलती तस्वीर का संदेश देने का प्रयास किया जाएगा।
शाम को सनातन आस्था का भव्य आयोजन
शाम को श्रीराम जन्मोत्सव समिति द्वारा भिलाई-दुर्ग में सनातन आस्था का एक और भव्य आयोजन किया जाएगा। सेक्टर-9 चौक में शाम 4:30 बजे विशाल 51 फीट ऊंचे भगवा ध्वज का ध्वजारोहण किया जाएगा। हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ एवं महाआरती के साथ भगवा ध्वज फहराकर रामभक्ति की ज्योति प्रज्ज्वलित की जाएगी। समिति ने भिलाई-दुर्ग सहित आसपास के क्षेत्रवासियों, युवाओं, मातृशक्ति एवं सनातन धर्मावलंबियों से दोनों आयोजनों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।
जानिए मनीष पांडेय का सियासी सफर
खेल के जरिए मैदान में उतरे। धर्म की राह तय करते हुए सियासी बिसात पर माहिर हो चुके हैं। 15 साल से सेवा का मार्ग चुने हुए हैं। हर जन्मदिन को खास बनाते हैं। दिव्यांगों के बीच समय गुजारते हैं। इस बार भी सेक्टर 9 हॉस्पिटल के सामने भगवा ध्वज फहराकर बड़ा संदेश देंगे। भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा रायपुर के प्रभारी, रामजन्म उत्सव समिति युवा विंग अध्यक्ष और यंगिस्तान के चेयरपर्सन हैं।
शंकरा से बी.कॉम, पुणे से एमबीए
छत्तीसगढ़ के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय के बेटे मनीष पांडेय की प्राथमिक शिक्षा भिलाई में हुई। शंकरा महाविद्यालय से बीकॉम किए और पुणे से एमबीए करने गए। साल 2013 में दादी का निधन हो गया। खबर मिलते ही फाइनल सेमेस्टर का एग्जाम छोड़कर भिलाई लौट आए। परिवार के गम में ऐसा खो गए कि पढ़ाई से दूरी होती गई।
कुछ इस तरह सियासत में पड़े कदम
पिता प्रेम प्रकाश पांडेय छत्तीसगढ़ की सियासत में एक धाकड़ नेता की पहचान बना चुके। घर का माहौल देखते हुए मनीष पांडेय ने युवाओं के बीच अपनी पहचान बनानी शुरू की। यंगिस्तान क्रिकेट टूर्नामेंट का आगाज 2013 से शुरू कराया। साल 2013-14 विधानसभा चुनाव प्रचार अभियान में भी उतर गए। पापा प्रेम प्रकाश पांडेय के चुनाव प्रचार अभियान का जिम्मा खुर्सीपार और छावनी में संभाला।
सेक्टर 9 स्थित आफिस में बैठने लगे। साथ में यंगिस्तान क्रिकेट लीग शुरू किया। छत्तीसगढ़ क्रिकेट लीग कराया। 8 देशों में लाइव प्रसारण हुआ था। जनता के बीच पैठ बनाने का सिलसिला थमा नहीं और 2018 में और सक्रिय हो गए।
राम जन्मोत्सव समिति को दिलाई नई पहचान
मनीष पांडेय क्रिकेट के साथ धर्म और आस्था की पिच पर भी जमकर खेलते रहे। राम जन्मोत्सव समिति को नई पहचान दिलाई। 1986 में खुर्सीपार से 1 ध्वज यात्रा निकलती थी। 2017 में राम जन्म समिति से 322 मंदिर जुड़ गए। देखते ही देखते 1000 हजार मंदिरों से ध्वज यात्रा निकाली जाती है।
बीएसपी के मुद्दे और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई, सरकार से भी टकराए
साल 2018 में मुक्ति पखवाडा शुरू हुआ था। भिलाई नगर निगम के भ्रष्टाचार के खिलाफ 70 वार्ड से अभियान शुरू किया। वहीं, धर्मांतरण के खिलाफ 250 किलोमीटर की पदयात्रा की। कुम्हारी, जामुल, वैशालीनगर, दुर्ग-भिलाई शहर, टाउनशिप, हुडको, रिसाली, रुआबांधा, जोरातराई को कवर किया।
भिलाई टाउनशिप में दूषित जलापूर्ति के खिलाफ मानव श्रृंखला बनाई। बीएसपी के श्रमिकों के मुद्दों पर सड़क पर बैठ गए थे। मनीष पांडेय के संघर्षों की बात की जाए तो छत्तीसगढ़ विधानसभा घेराव खास रहा है। सीजीपीएससी घोटाले के खिलाफ भयानक रूप अपनाया और पुलिस के नाक में दम कर दिया था। गुस्साई सरकार ने एफआइआर तक कराया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ भ्रष्टाचार की बारात निकाली थी।
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