30 अगस्त को सेक्टर 2 कला केंद्र में मजदूर कन्वेंशन होगा। संयुक्त मोर्चा ने किया मजदूरों से संवाद। आंदोलन ही एकमात्र विकल्प।
- यूनियन नेता बोले-सेल प्रबंधन ने वर्तमान नीति शासन की जघन्य मंशा से मेल खाते हुए हर यूनिट में 40% ठेका मजदूरों को कम करने के लिए सर्कुलर जारी किए हैं।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। सेल बोकारो स्टील प्लांट की ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारी कर्मचारियों से लगातार संवाद कर रहे हैं। सिंटर प्लांट में मजदूरों से संवाद किया गया। मजदूरों से संवाद करते हुए एटक के महामंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा कि इस्पात उद्योग की सभी यूनियनों ने नियमित मजदूरों के साथ-साथ ठेका मजदूरों के लिए एक साथ वेतन-पुनरीक्षण/वृद्धि की अपनी मांग को सर्वसम्मति से उठाया था, क्योंकि सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात उद्योग को जीवित और टिकाऊ बनाए रखने में उनके उत्पादक योगदान को किसी भी तरह से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
यह चौंकाने वाला है कि ठेका मजदूर वेतन और लाभ, सामाजिक सुरक्षा सहित सेवा शर्तों के मामले में घृणित शोषण के शिकार हैं और उनके लिए कार्यस्थल सुरक्षा को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है, जो इस्पात उद्योग के उत्पादन, उत्पादकता और लाभप्रदता में ठेका मजदूरों के भारी योगदान को नकारता है। उन्हें बहुत कम मजदूरी दी जाती है। संबंधित उप-समिति में हमने सभी ठेका मजदूरों के लिए एक अच्छी तरह से परिभाषित भुगतान संरचना की मांग की, लेकिन उसे प्रबंधन ने अस्वीकार कर दिया।
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हमने ठेका मजदूरों की नौकरी बचाने के लिए “ठेकेदार बदल सकता है लेकिन ठेका मजदूर नहीं” का नारा उठाया है। कई क्षेत्रों में ठेका मजदूरों को 26 दिनों की ड्यूटी करने के बावजूद भी पूरी मजदूरी का भुगतान नहीं किया जाता है। समान काम के लिए समान वेतन के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जानबूझकर उल्लंघन किया जा रहा है।
अतिरिक्त कल्याण सुविधाओं, एडब्लूए में कुछ वृद्धि से काम नहीं चलेगा। ठेका मजदूरों को एक विशिष्ट वेतन संरचना प्रदान की जानी चाहिए। उनके बुनियादी अधिकारों और वैध बकाया राशि को सुनिश्चित करने के लिए लगातार संघर्षों के विपरीत, सरकार ने ठेका मजदूरों का जितना संभव हो उतना शोषण करने और अधिक लाभ निकालने की चाल के साथ लेबर कोड लागू किए हैं। सेल प्रबंधन ने वर्तमान नीति शासन की जघन्य मंशा से मेल खाते हुए हर यूनिट में 40% ठेका मजदूरों को कम करने के लिए सर्कुलर जारी किए हैं।
मजदूरों से सीधा संवाद करते हुए सीटू के महामंत्री आर के गोरांई ने कहा कि आज जो मजदूरों ने अपनी बात बेबाकी से रखी है वो काबिले तारीफ है। वहां उपस्थित मजदूरों ने सिंटर प्लांट में बुनियादी सुविधाओं पर भी प्रश्न उठाया और कहा कि पीने के लिए पर्याप्त सुद्ध पानी,सांस लेने के लिए प्लांट के अंदर फैला प्रदूषित हवा,धूल धक्कड़, समुचित रेस्ट रूम आदि के अभाव को चिन्हित किया।
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वहीं सड़क सुरक्षा की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए मजदूरों ने ब्लास्ट फर्नेस से होते हुए कुलिंग पोंड की ओर जाने वाली गेट नं पांच की खस्ता हालत पर भी गहरी चिंता जताई। मजदूरों ने कहा कि अधिकारियों के लिए पीआरपी का भुगतान बड़ी सहजता से हो जाती है लेकिन जब मजदूरों की बारी आती है तो फार्मूला बनता रहता है।
उन्होंने मजदूरों से आह्वान किया कि बीएसएल के कर्मचारियों के साथ साथ ठेका मजदूरों को मिलकर एक साथ बड़े आंदोलन की ओर जाना होगा। इसलिए भारी संख्या में आगामी 30 अगस्त को सेक्टर 2 कला केंद्र पहुंचकर मजदूर कन्वेंशन को सफल बनाएं। संवाद कार्यक्रम में राजीव गुप्ता, सिकंदर कुमार, प्राण सिंह,देव कुमार आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।








