- 18वें साल में भी ₹5000 फेस्टिवल एडवांस के संदर्भ में सर्कुलर निकाला गया है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल बीएसपी प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों को 5 हजार रुपए फेस्टिवल एडवांस देने का सर्कुलर जारी किया गया है। पूर्व मान्यता प्राप्त यूनियन सीटू ने प्रबंधन से मांग की है कि 5 हजार से कुछ नहीं होने वाला है। फेस्टिवल एडवांस 50 हजार रुपए किया जाए।
सीटू ने प्रबंधन के द्वारा फेस्टिवल एडवांस को लेकर जारी किए गए सर्कुलर पर औद्योगिक संबंध विभाग के माध्यम से कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) को पत्र देते हुए कहा कि फेस्टिवल एडवांस को ₹5000 से बढ़ाकर ₹50000 किया जाना चाहिए।
इस पर महाप्रबंधक (औद्योगिक संबंध विभाग) विकास चंद्रा ने कहा कि पूर्व में भी आपके द्वारा फेस्टिवल एडवांस बढ़ाने की मांग पर कारपोरेट को भेजा गया था।
इस हेतु उच्च स्तर पर निर्णय लेकर फेस्टिवल एडवांस को बढ़ाकर ₹50,000 किए जाने के संबंध में सर्कुलर जारी किया जाना चाहिए।
हैप्पीनेस बढ़ाने के हर संभव सुझाव पर काम करना चाहिए प्रबंधन को
प्रबंधन कर्मियों के हैप्पीनेस के लिए कई कार्यक्रम चला रहा है कभी सुरक्षा को लेकर तो कभी कार्य के दौरान दिए जाने वाले सुविधाओं को लेकर तो कभी कर्मियों के वेलफेयर के संदर्भ में किए जा रहे कामों को बता कर हैप्पीनेस की बात करता है।
इन्हीं सबके मद्देनजर सीटू की सहायक सचिव सविता मालवीय ने कहा कि कर्मियों की ओर से लंबे समय से फेस्टिवल एडवांस बढ़ाने की मांग की जा रही है किंतु अभी तक फेस्टिवल एडवांस बढ़ाने के संदर्भ में कोई उचित निर्णय नहीं लिया जा सका है। कर्मियों के हैप्पीनेस के लिए इसी वर्ष से फेस्टिवल एडवांस को बढ़ाकर ₹50,000 किया जाना चाहिए।
उचित है फेस्टिवल एडवांस को ₹5,000 से बढ़ाकर ₹50,000 करना
सीटू महासचिव टी जोगा राव ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यरत कर्मचारियों को फेस्टिवल एडवांस 2005 में शुरू हुआ। 2005 में ₹2000 दिया जाता था जिसे बढ़ाकर 2007 में ₹3000 और उसके बाद 2009 में इसे ₹5000 किया गया।
विगत मार्च 2009 से अर्थात पिछले 17 सालों से फेस्टिवल एडवांस के रूप में ₹5000/- रूपए दिया जा रहा है। अब 18वें साल में भी ₹5000 फेस्टिवल एडवांस के संदर्भ में सर्कुलर निकाला गया है। ज्ञात हो कि एक समय अंतराल के बाद फेस्टिवल एडवांस की राशि बढ़ाई जाती रही है।
पिछले 17 सालों में फेस्टिवल एडवांस में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है जबकि रुपए के अवमूल्यन के साथ-साथ स्कूल एवं कॉलेज की फीस से लेकर त्योहार मनाने सहित सभी खर्चो में बेतहाशा वृद्धि हुई है। ऐसे में फेस्टिवल एडवांस की राशि को ₹5,000 से ₹50,000 करना हर तरह से जायज है।
वेतन वृद्धि के अनुपात में बढ़ाना चाहिए फेस्टिवल एडवांस की राशि
सीटू के सहायक महासचिव जगन्नाथ प्रसाद त्रिवेदी ने अपने ही वेतन वृद्धि का विश्लेषण करते हुए कहा कि 2009 में उनका मूल वेतन ₹7480 था जो बढ़कर 2026 में ₹86600 हो गया है यदि प्रतिशत में तुलना किया जाए तो मूल वेतन में लगभग 1150% अर्थात 11.5 गुना की वृद्धि हुई है, उसी अनुपात में यदि फेस्टिवल एडवांस की तुलना किया जाए तो ₹5,000 को बढ़ाकर ₹50,000 करना कोई अतिशयोक्ति नहीं है, जिसे प्रबंधन को कर देना चाहिए। ज्ञात हो कि इस राशि को कर्मियों द्वारा 10 किस्तों में वापस कर दिया जाता है।
अधिकतम ₹50,000 के अंदर जितना मांगे उतना दिया जाए फेस्टिवल एडवांस
सीटू नेता ने कहा कि फेस्टिवल एडवांस को ₹50,000 करने के साथ-साथ इस आशय का भी सर्कुलर जारी किया जाना चाहिए कि जिस भी कर्मचारियों को ₹50000 की राशि के अंदर जितनी आवश्यकता होगी वह उतना भर देवें, उन्हें उनके भरे हुए राशि को फेस्टिवल एडवांस के रूप में भुगतान किया जाएगा।
अर्थात सर्कुलर निकालकर सबको बताया जाना चाहिए कि सभी को ₹50,000 ही फेस्टिवल एडवांस लेने की आवश्यकता नहीं है कोई यदि चाहे तो ₹5,000 से लेकर ₹50,000 के बीच जितना लेना चाहेंगे उतनी राशि फेस्टिवल एडवांस के रूप में दिया जाएगा।













