WhatsApp, Telegram, ऑनलाइन सदस्यता, Google Forms तथा डिजिटल शिकायत प्रणाली के प्रभावी उपयोग पर चर्चा की गई।
- सुरक्षित कार्यस्थल , स्वास्थ्य और मजबूत यूनियन निर्माण पर मुंबई में कार्यशाला आयोजित।
सूचनाजी न्यूज, मुंबई। आधार धातु (बेस मेटल) उद्योग में व्यावसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य (Occupational Safety & Health–OSH) तथा यूनियन संगठन निर्माण विषय पर 8–9 अगस्त 2026 को मुंबई में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में कार्यस्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, ठेका एवं आउटसोर्स श्रमिकों के संगठन निर्माण, डिजिटल सदस्यता अभियान तथा यूनियन को मजबूत बनाने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम में smmeesf के महासचिव रघुनाथ पांडेय, snmfi के महासचिव संजय वाडेकर, साउथ एशिया रीजनल सेक्रेटरी आशुतोष भट्टाचार्य, डायरेक्टर इंडस्ट्री एएलएल एलेक्स, भिलाई इंटक से संजय साहू, बालको से जयप्रकाश यादव, भिलाई एचएमएस से प्रमोद मिश्रा, राउरकेला इंटक से प्रशांत बेहरा, दुर्गापुर इंटक से रजत दिक्षित आदि ने रिपोर्ट पेश किए।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए इंटक के राष्ट्रीय संगठन सचिव संजय कुमार साहू ने कहा कि “सुरक्षित श्रमिक ही मजबूत उद्योग की आधारशिला हैं। श्रमिकों की सुरक्षा को उत्पादन से अलग नहीं किया जा सकता। सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि आधार धातु एवं इस्पात उद्योग में ब्लास्ट फर्नेस, स्टील मेल्टिंग शॉप, रोलिंग मिल, कोक ओवन, पावर प्लांट और मटेरियल हैंडलिंग जैसे कार्यस्थल अत्यधिक जोखिम वाले हैं। गर्म धातु, गैस रिसाव, क्रेन दुर्घटना, ऊंचाई पर कार्य, विद्युत दुर्घटना, आग एवं विस्फोट जैसी घटनाओं को प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था, नियमित प्रशिक्षण और निगरानी से रोका जा सकता है।
कार्यशाला में ठेका, आउटसोर्स एवं अस्थायी श्रमिकों की सुरक्षा को विशेष महत्व दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि ठेका श्रमिकों को पर्याप्त सुरक्षा प्रशिक्षण, PPE, स्वास्थ्य जांच और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना नियोक्ता एवं संबंधित संस्थानों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ठेका बदलने के कारण श्रमिकों की नौकरी और सामाजिक सुरक्षा प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
वक्ताओं ने कहा कि एक ही कार्य करने वाले स्थायी और ठेका श्रमिकों के बीच वेतन एवं सुविधाओं की असमानता दूर करने के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन, केंद्रीय न्यूनतम वेतन का प्रभावी क्रियान्वयन, समय पर वेतन भुगतान तथा लंबित एरियर का भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
कार्यशाला में महिलाओं और युवाओं की यूनियन में भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्यस्थल, उचित शौचालय, मातृत्व सुविधाएं एवं यौन उत्पीड़न की रोकथाम के प्रभावी प्रावधानों की आवश्यकता बताई गई। वहीं युवाओं को नेतृत्व, डिजिटल तकनीक और संगठन निर्माण का प्रशिक्षण देने की बात कही गई।
डिजिटल यूनियन संगठन निर्माण को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए WhatsApp, Telegram, ऑनलाइन सदस्यता, Google Forms तथा डिजिटल शिकायत प्रणाली के प्रभावी उपयोग पर चर्चा की गई। यूनियन को प्रत्येक विभाग और प्रत्येक ठेका श्रमिक तक पहुंच बनाने तथा डिजिटल माध्यम से श्रमिकों से लगातार संवाद स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
कार्यशाला में आउटसोर्सिंग, निजीकरण, मल्टी-लेयर कॉन्ट्रैक्ट व्यवस्था तथा प्रवासी श्रमिकों की समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि SAIL → Contractor → Sub-Contractor → Labour जैसी बहुस्तरीय व्यवस्था में श्रमिकों के अधिकार कमजोर होने की संभावना रहती है। इसलिए यूनियन को सप्लाई चेन के प्रत्येक स्तर तक संगठन का विस्तार करना होगा।
कार्यस्थल दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए Safety Audit, Toolbox Talk, Daily Inspection, अनिवार्य PPE, Near Miss Reporting और Emergency Mock Drill को नियमित रूप से लागू करने की आवश्यकता बताई गई।
कार्यशाला में आगामी कार्ययोजना के रूप में प्रत्येक संयंत्र में OSH समिति का गठन, प्रत्येक दुर्घटना की निष्पक्ष जांच, सभी श्रमिकों को सुरक्षा प्रशिक्षण, ठेका श्रमिकों को समान सुरक्षा सुविधा, केंद्रीय न्यूनतम वेतन का प्रभावी क्रियान्वयन, महिलाओं एवं युवाओं की भागीदारी, डिजिटल यूनियन सदस्यता अभियान और नियमित श्रमिक संवाद को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया।
“संगठित श्रमिक ही अपने अधिकारों की प्रभावी रक्षा कर सकता है। सुरक्षित कार्यस्थल, सम्मानजनक रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के लिए मजबूत यूनियन संगठन समय की आवश्यकता है।” कार्यशाला का मुख्य संदेश रहा-“सुरक्षित श्रमिक-मजबूत उद्योग”“संगठित श्रमिक-सशक्त यूनियन”।

