- डिस्पैच प्रक्रिया में होने वाली देरी में कमी आएगी तथा रेलवे को दिए जाने वाले डेमरेज शुल्क का भी बचाव होगा।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बोकारो इस्पात संयंत्रमें हॉट रोल्ड कॉइल्स के सुरक्षित एवं सुचारु प्रेषण को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत एडिशनल कॉइल यार्ड के समीप ट्रैक संख्या 642 पर नवनिर्मित “कॉइल डिस्पैच यार्ड” का उद्घाटन निदेशक प्रभारी प्रिय रंजन द्वारा किया गया।
इस अवसर पर अधिशासी निदेशक (संकार्य) अनुप कुमार दत्त, मुख्य महाप्रबंधक (मेंटेनेंस) शरद गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक (सर्विसेज) अरविंद कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (मैकेनिकल मेंटेनेंस) प्रकाश कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (ट्रैफिक) मनोज ह्यांकी तथा मुख्य महाप्रबंधक (एचआरसीएफ) आरके. राय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
इस परियोजना का निष्पादन कैपिटल रिपेयर (मैकेनिकल) विभाग द्वारा किया गया, जिसे सीमित समयावधि में पूर्ण करने की चुनौती सौंपी गई थी। मुख्य महाप्रबंधक (मैकेनिकल मेंटेनेंस) प्रकाश कुमार के नेतृत्व तथा मुख्य महाप्रबंधक (एचआरसीएफ) आरके राय एवं मुख्य महाप्रबंधक (ट्रैफिक) मनोज ह्यांकी के सक्रिय सहयोग से यह परियोजना मात्र 45 दिनों की उल्लेखनीय अवधि में पूर्ण की गई।
परियोजना के क्रियान्वयन का नेतृत्व सहायक महाप्रबंधक (सीआर-मैकेनिकल) वेंकटेश्वर कुमार एवं उनकी टीम द्वारा किया गया। इस कार्य के अंतर्गत क्षेत्र चिह्नांकन, भूमि समतलीकरण, कॉलम फाउंडेशन हेतु खुदाई, कंक्रीट कार्य, संरचनात्मक निर्माण, फैब्रिकेशन एवं इंस्टॉलेशन के साथ-साथ रूफ शीटिंग जैसे व्यापक कार्यों को सफलतापूर्वक निष्पादित किया गया।
परियोजना के दौरान एचआरसीएफ, ट्रैफिक एवं एसआईजीएस विभागों द्वारा सामग्री एवं डिज़ाइन संबंधी आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया। नवनिर्मित कॉइल डिस्पैच यार्ड के संचालन से चौबीसों घंटे, रेलवे वैगनों के माध्यम से एचआर कॉइल्स के सुरक्षित एवं त्वरित प्रेषण को सुनिश्चित किया जा सकेगा। इससे डिस्पैच प्रक्रिया में होने वाली देरी में कमी आएगी तथा रेलवे को दिए जाने वाले डेमरेज शुल्क का भी बचाव होगा।
यह पहल न केवल वित्तीय बचत सुनिश्चित करेगी, बल्कि मौजूदा डिस्पैच शेड पर निर्भरता को भी कम करेगी, जिससे लॉजिस्टिक दक्षता में वृद्धि होगी। यह परियोजना कॉइल हैंडलिंग संचालन में आत्मनिर्भरता,लागत अनुकूलन एवं परिचालन दक्षता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी।












