लंच/मील कूपन चुनने वाले कर्मचारियों के लिए राशि 100 रुपए प्रति कार्य दिवस से बढ़ाकर 400 रुपए प्रति कार्य दिवस कर दी गई है।
- SAIL कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत: नॉन-एग्जीक्यूटिव कर्मचारियों के पर्क्स में बदलाव, मील कूपन पर मिलेगा अधिक टैक्स लाभ।
सूचनाजी न्यूज, राउरकेला। SAIL Variable Perks-Allowances Circular 2026: स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने नॉन-एग्जीक्यूटिव कर्मचारियों के लिए कैफेटेरिया अप्रोच के तहत मिलने वाले वैरिएबल पर्क्स एवं अलाउंस में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नए आयकर अधिनियम-2025 एवं आयकर नियम-2026 के अनुरूप यह संशोधन जून 2026 से लागू किया गया है। इस संबंध में राउरकेला स्टील प्लांट (RSP) ने पॉलिसी सर्कुलर जारी किया है। विकल्प चुनने की आखिरी तारीख 20 जून तय की गई है।
सबसे बड़ा फायदा लंच/मील कूपन लेने वाले कर्मचारियों को मिलेगा। अब कर्मचारियों को पहले की तुलना में चार गुना अधिक राशि का लाभ मिलेगा और आयकर में भी छूट प्राप्त होगी। 25 कार्य दिवस के आधार पर कर्मचारियों को अधिकतम 10,000 रुपए प्रतिमाह तक मील कूपन का लाभ मिल सकेगा। हालांकि वास्तविक राशि कर्मचारी द्वारा चुने गए प्रतिशत और निर्धारित सीमा के अनुसार तय होगी।
SAIL प्रबंधन ने सभी नॉन-एग्जीक्यूटिव कर्मचारियों से समय सीमा के भीतर ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपने विकल्प अपडेट करने की अपील की है, ताकि संशोधित पर्क्स एवं टैक्स लाभ का फायदा लिया जा सके।
वहीं, राउरकेला इस्पात कर्मचारी संघ के मुखिया हिमांशु शेखर बल का कहना है कि जो कर्मचारी मील कूपन में अपना आयकर बचाना चाहते हैं, वे पर्क्विसाइट टेबल के पहले तीन आइटम चुनेंगे और उसमें कैंटीन/मील कूपन में 10% लेंगे। अन्य दो (1&3) जोड़ने में 6.5% लेंगे।
फिर आप वाहन मेंटेनेंस के लिए 10% लेंगे, क्योंकि इसमें आपको इनकम टैक्स छूट मिलती है। RSP के कर्मचारी ज़ोन पोर्टल में लॉ- इन करके यह विकल्प ले सकते हैं। चयन करने की अंतिम तिथि 20 जून है। सभी कर्मचारी इसका लाभ उठाएं। New Tax Regime में दो आइटम लाउंज कूपन और व्हीकल मेंटेनेंस एलाउंस पर टैक्स में छूट मिलती है। इसलिए इन दोनों को अधिकतम चुनें।
आप भी जानिए महत्वपूर्ण तारीख
आदेश जारी : 12 जून 2026
संशोधित व्यवस्था लागू : जून 2026 से
ऑनलाइन विकल्प भरने की अंतिम तिथि : 20 जून 2026
अधिकतम पर्क्स सीमा : बेसिक वेतन का 26.5%
मील कूपन पर टैक्स छूट : 10,000 रुपए प्रतिमाह तक
मील कूपन की राशि 100 से बढ़कर 400 रुपए प्रतिदिन
सर्कुलर के अनुसार, कैफेटेरिया योजना के तहत लंच/मील कूपन चुनने वाले कर्मचारियों के लिए राशि 100 रुपए प्रति कार्य दिवस से बढ़ाकर 400 रुपए प्रति कार्य दिवस कर दी गई है। कंपनी ने यह वृद्धि दो समय के भोजन/रिफ्रेशमेंट के लिए प्रतिदिन 200-200 रुपए की दर को ध्यान में रखते हुए की है।
10,000 रुपए तक टैक्स छूट का लाभ
नए आदेश के तहत मील कूपन पर मिलने वाली राशि पर 10,000 रुपए प्रतिमाह तक आयकर छूट उपलब्ध होगी। यह छूट प्री-पेड मील इंस्ट्रूमेंट (Meal Coupon/Card) के माध्यम से दी जाएगी। हालांकि कर छूट का वास्तविक लाभ कर्मचारी द्वारा चुने गए टैक्स रिजीम (Old Tax Regime या New Tax Regime) पर निर्भर करेगा।
कुल पर्क्स सीमा में कोई बदलाव नहीं
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि नॉन-एग्जीक्यूटिव कर्मचारियों के लिए पर्क्स एवं अलाउंस की कुल अधिकतम सीमा बेसिक वेतन के 26.5 प्रतिशत तक ही रहेगी। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
कर्मचारियों को फिर से देना होगा विकल्प
नए संशोधन लागू होने के कारण सभी नॉन-एग्जीक्यूटिव कर्मचारियों को अपने पर्क्स विकल्प (Option) दोबारा भरने होंगे। इसके लिए ऑनलाइन सुविधा RSP पोर्टल के Employee Zone में उपलब्ध कराई गई है। विकल्प जमा करने की अंतिम तिथि 20 जून 2026 निर्धारित की गई है।
संशोधित पर्क्स बास्केट: किस मद में कितना प्रतिशत चुन सकेंगे कर्मचारी, बेसिक वेतन के अधिकतम 26.5 प्रतिशत तक
मद: बेसिक वेतन का प्रतिशत
कन्वेयंस/ट्रांसपोर्ट अलाउंस: 10% तक
कैंटीन/लंच/मील कूपन: 10% तक
LTC/LTA: 5% तक
शिक्षा सहायता: 5% तक
हॉस्टल सब्सिडी: 10% तक
समाचार पत्र/प्रोफेशनल साहित्य: 2% तक
ऊर्जा/फ्यूल अलाउंस: 3% तक
इंटरनेट/कम्युनिकेशन अलाउंस: 5% तक
वाहन मरम्मत एवं रखरखाव: 10% तक
घरेलू सहायक भत्ता: 5% तक
हाउस अपकीप अलाउंस: 5% तक
अन्य भत्ता: 10% तक
किन 3 मदों को चुनना अनिवार्य (Compulsory)
कन्वेयंस/ट्रांसपोर्ट अलाउंस
कैंटीन/लंच/मील कूपन
LTC/LTA
कर्मचारियों के लिए क्या है सबसे बड़ा फायदा?
इस संशोधन का सबसे बड़ा लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा जो अपने पर्क्स बास्केट में मील कूपन का विकल्प चुनेंगे। पहले जहां प्रतिदिन केवल 100 रुपए का लाभ मिलता था, अब यह बढ़कर 400 रुपए प्रतिदिन हो गया है।
इसके साथ ही प्रति माह 10,000 रुपए तक की राशि पर टैक्स छूट मिलने से कर्मचारियों की वास्तविक बचत भी बढ़ेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि नए आयकर नियमों के अनुरूप किया गया यह संशोधन SAIL के हजारों नॉन-एग्जीक्यूटिव कर्मचारियों को अतिरिक्त कर लाभ दिलाने में मदद करेगा।

