मैनपॉवर सप्लाई करने 3 एजेंसियां इम्पैनल। SAIL में ठेका मजदूरों की नई भर्ती नीति। आउटसोर्स कर्मियों को मिलेगा ₹7 लाख तक पैकेज।
- कागज पर ₹580 रोज, मजदूर को ₹380 रुपए तक मजदूरी देने की बात आ रही सामने।
- SAIL में मैनपावर सप्लाई का बदला सिस्टम, 3 कंपनियों को मिला देशभर का जिम्मा
अज़मत अली, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने अपनी मैनपावर सप्लाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए तीन केंद्रीय एजेंसियों को इम्पैनल कर दिया है। अब भिलाई, बोकारो, राउरकेला, दुर्गापुर, इस्को-बर्नपुर, अलॉय स्टील प्लांट, सेलम स्टील प्लांट, विश्वेश्वरैया आयरन एंड स्टील प्लांट तथा SAIL की विभिन्न खदानों के लिए आउटसोर्स कर्मियों की आपूर्ति इन्हीं एजेंसियों के माध्यम से की जाएगी।
SAIL कॉरपोरेट ऑफिस की ओर से जारी आदेश के अनुसार Quess Corporation Ltd., Randstad India Pvt. Ltd. और Innovsource Services Pvt. Ltd. को अधिकृत एजेंसी बनाया गया है। यह फैसला इस्पात मंत्रालय की अनुशंसा के बाद लिया गया है।
पहली बार CTC का खुला उल्लेख
जारी दस्तावेज में आउटसोर्स्ड रिसोर्स पर्सन (ORP) के लिए वार्षिक CTC का संकेतात्मक ढांचा भी दिया गया है। इसके अनुसार विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों को सालाना 1.75 लाख रुपये से 7 लाख रुपये तक का CTC मिल सकता है। दस्तावेज में स्पष्ट किया गया है कि वास्तविक वेतन संबंधित प्लांट, कार्य की प्रकृति, अनुभव, योग्यता और न्यूनतम मजदूरी नियमों के आधार पर तय किया जाएगा।
ORP कैटेगरी के अनुसार CTC
कैटेगरी: वार्षिक CTC
ORP-I: ₹3.50 लाख से ₹7 लाख
ORP-II: ₹2.50 लाख से ₹3.50 लाख
ORP-III: ₹1.75 लाख से ₹2.50 लाख
यूनियन ने उठाया भुगतान का मुद्दा
SAIL के इस नए आदेश के बीच श्रमिक संगठनों ने ठेका मजदूरों को मिलने वाले वास्तविक भुगतान पर सवाल उठाए हैं। यूनियन नेताओं का दावा है कि भिलाई स्टील प्लांट में वर्तमान में हाई स्किल श्रेणी के लिए न्यूनतम मजदूरी करीब 580 रुपये प्रतिदिन निर्धारित है, लेकिन कई ठेका मजदूरों को 380 से 450 रुपये प्रतिदिन ही भुगतान किया जाता है।
इसी तरह स्किल्ड श्रेणी की मजदूरी लगभग 560 रुपये प्रतिदिन है, जबकि भुगतान 440 रुपये के आसपास होने की शिकायतें लगातार मिलती रही हैं। वहीं अनस्किल्ड श्रेणी में निर्धारित मजदूरी करीब 520 रुपये प्रतिदिन बताई जाती है, लेकिन कई मजदूरों को सिर्फ 300 से 320 रुपये प्रतिदिन ही मिलने का आरोप लगाया जाता रहा है।
अब बढ़ेगी निगरानी
श्रमिकों का कहना है कि यदि SAIL ने केंद्रीकृत एजेंसियों के माध्यम से भर्ती और भुगतान प्रणाली लागू की है, तो सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना होगी कि दस्तावेज में तय मजदूरी और CTC का लाभ वास्तव में मजदूरों तक पहुंचे। अब कंपनी के पास भुगतान की निगरानी और जवाबदेही तय करने का बेहतर अवसर है। यदि व्यवस्था पारदर्शी रही तो हजारों ठेका मजदूरों को इसका सीधा लाभ मिल सकता है।
सभी प्लांटों पर होगा असर
नई व्यवस्था का प्रभाव केवल भिलाई स्टील प्लांट तक सीमित नहीं रहेगा। बोकारो, राउरकेला, दुर्गापुर, बर्नपुर, सेलम, VISL और SAIL की खदानों में भी कुशल, अर्धकुशल और अकुशल श्रमिकों की नियुक्ति इन्हीं इम्पैनल एजेंसियों के माध्यम से की जाएगी। इस फैसले को SAIL की ठेका श्रमिक नीति में पिछले कई वर्षों का सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
जानिए किन एजेंसियों को मिला ठेका
- Quess Corporation Ltd.
- Randstad India Pvt. Ltd.
- Innovsource Services Pvt. Ltd.
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कहां-कहां लागू होगी व्यवस्था
- भिलाई स्टील प्लांट
- बोकारो स्टील प्लांट
- राउरकेला स्टील प्लांट
- दुर्गापुर स्टील प्लांट
- इस्को-बर्नपुर स्टील प्लांट
- सेलम स्टील प्लांट
- अलॉय स्टील प्लांट
- विश्वेश्वरैया स्टील प्लांट-VISL
- SAIL की विभिन्न खदानें

