बीएकेएस ने सेल सीएमडी, श्रम मंत्रालय को भेजा पत्र। महासचिव बोले-“मैं स्वयं एडीएम के सामने निर्धारित धरना स्थल पर आमरण अनशन पर बैठूंगा।”
- BAKS ने 45 लंबित मांगों को लेकर पहले चरण का कार्यक्रम किया घोषित, 23 सितंबर से विभागाध्यक्ष कार्यालयों के सामने विरोध प्रदर्शन।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बोकारो स्टील प्लांट के अनाधिशासी कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर बोकारो अनाधिशासी कर्मचारी संघ (बीएकेएस) ने आंदोलन का बिगुल बजा दिया है। मजदूर मैदान, बोकारो में मंगलवार को सदस्यों के साथ हुई बैठक में यूनियन ने आंदोलन के पहले चरण के कार्यक्रम की घोषणा की। यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों की 45 लंबित मांगों को लेकर अब आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से व्यापक बनाया जाएगा।
बैठक में तय किया गया कि 21 और 22 सितंबर को बीएसएल के सभी कर्मचारी सभी शिफ्टों में काला बैज अथवा काली पट्टी लगाकर काम करेंगे। काले बैज पर कर्मचारियों की प्रमुख लंबित मांगों को अंकित किया जाएगा, ताकि प्लांट के भीतर मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया जा सके।
इसके बाद 23 सितंबर से 1 अक्टूबर तक बोकारो स्टील प्लांट के प्रमुख विभागों में संबंधित विभागाध्यक्ष कार्यालय के समक्ष सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। यूनियन के मुताबिक, यह विरोध प्रदर्शन कर्मचारियों की लंबित मांगों के प्रति प्रबंधन का ध्यान आकर्षित करने के लिए किया जा रहा है।
27 सितंबर की आमसभा में होगा बड़ा ऐलान
बीएकेएस ने आंदोलन के अगले चरण को लेकर भी संकेत दिए हैं। यूनियन के अनुसार, 27 सितंबर को आयोजित आमसभा में आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जाएगी। इसी दौरान आमरण अनशन की तारीख भी घोषित किए जाने की बात कही गई है।
यूनियन ने स्पष्ट किया है कि बोनस फॉर्मूले में संशोधन, श्रम कानूनों को लागू करने, इंसेंटिव फॉर्मूले में संशोधन समेत कर्मचारियों की अन्य लंबित मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
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सेल चेयरमैन से लेकर श्रम मंत्रालय तक भेजा पत्र
बीएकेएस के अनुसार, कर्मचारियों की मांगों के समाधान के लिए सेल चेयरमैन, केंद्रीय इस्पात मंत्री, इस्पात राज्य मंत्री, इस्पात सचिव, श्रम सचिव, डीपीई सचिव, श्रम एवं रोजगार मंत्री तथा मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) को पत्र भेजा गया है।
यूनियन का कहना है कि सेल कॉर्पोरेट कार्यालय और बीएसएल प्रबंधन के स्तर पर मांगों को लंबे समय से लंबित रखा गया है। ऐसे में अब देश के संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की गई है। बीएकेएस ने कहा है कि संबंधित स्तर से प्रबंधन को लंबित मामलों के समाधान के लिए निर्देश दिए जाएं, अन्यथा यूनियन को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
‘मैं स्वयं आमरण अनशन पर बैठूंगा’
बीएकेएस महासचिव हरिओम ने आंदोलन को लेकर कहा कि अब उनके पास आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि सेल प्रबंधन और इस्पात मंत्रालय तथा श्रम मंत्रालय को कई पत्र साक्ष्यों के साथ भेजे गए हैं। इसके बावजूद कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।
हरिओम ने कहा, “मैं स्वयं एडीएम के सामने निर्धारित धरना स्थल पर आमरण अनशन पर बैठूंगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि देश का पूरा तंत्र एक-दूसरे को बचाने में लगा हुआ है। उनके मुताबिक, कर्मचारियों की मांगों को लेकर भेजे गए पत्रों और उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बीएकेएस महासचिव ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की मांगों के समाधान तक आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।




