क्या कर्मचारियों की हर समस्या के समाधान के लिए बार-बार ईडी वर्क्स स्तर से हस्तक्षेप का इंतजार करना पड़ेगा?
- असुरक्षित और अस्वच्छ माहौल में रेल मिल के कर्मचारी कर रहे टॉयलेट का उपयोग।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। देश की सबसे बड़ी महारत्न कंपनी सेल की लाभप्रद इकाई भिलाई इस्पात संयंत्र के रेल एवं स्ट्रक्चरल मिल के पुरुष और महिला कर्मचारी इन दिनों असुरक्षित और अस्वच्छ माहौल में टॉयलेट का उपयोग करने को मजबूर हैं। एक ओर संयंत्र में सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर अलग-अलग स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रेल मिल के कर्मचारी बिना दरवाजे वाले या बिना लॉक वाले टॉयलेट, गंदे फ्लोर और पानी से भरे वॉश बेसिन का इस्तेमाल कर रहे हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि टॉयलेट की यह समस्या आज की नहीं है। वे पिछले करीब चार महीने से इस परेशानी का सामना कर रहे हैं। इस संबंध में सक्षम अधिकारियों और लेबर अधिकारी को भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक समस्या के समाधान के लिए ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
रेल मिल के इस विभाग में विभिन्न अनुभागों के कर्मचारियों के साथ-साथ दूसरे विभागों के कर्मचारी भी आकर कार्य करते हैं। ऐसे में जब बाहरी कर्मचारी यहां के टॉयलेट की स्थिति देखते हैं तो रेल मिल की कार्यशैली को लेकर गलत संदेश जाता है। दशकों से उत्कृष्ट कार्यशैली और पहचान रखने वाला रेल मिल आज बुनियादी सुविधाओं के मामले में लाचार नजर आ रहा है।
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कर्मचारियों का आरोप है कि ऐसा प्रतीत होता है कि संयंत्र स्तर पर विभाग के प्रभाव और वजन को देखकर समस्याओं के समाधान की प्राथमिकता तय की जा रही है। इससे पहले भी रेल मिल फर्नेस अनुभाग स्थित पुलपिट-4 की खस्ता हालत का मामला सामने आया था। सूचनाजी. कॉम की खबर के बाद ईडी वर्क्स ने मामले का संज्ञान लिया था, जिसके बाद वर्षों से लंबित समस्या का निराकरण हो सका था। वर्तमान में जिस टॉयलेट की स्थिति खराब है, वह भी फर्नेस के पास ही स्थित है।
रेल मिल में तीन रीहीटिंग फर्नेस हैं। इनमें से एक फर्नेस हमेशा रिपेयर की स्थिति में रहता है। विशालकाय फर्नेस की मरम्मत के लिए उसे आरईडी विभाग को हैंडओवर किया जाता है। रिपेयर के दौरान तीनों शिफ्टों में करीब दो दर्जन ठेका श्रमिक, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं, इसी टॉयलेट का उपयोग करते हैं। कर्मचारियों के अनुसार टॉयलेट की स्थिति इतनी खराब है कि वहां हमेशा गंदगी और दुर्गंध बनी रहती है तथा फर्श पर पानी जमा रहता है।
कर्मचारियों का कहना है कि टॉयलेट जैसी बुनियादी सुविधा की खराब स्थिति सीधे स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। ऐसे में रेल मिल के जिम्मेदार अधिकारियों को स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या कर्मचारियों की हर समस्या के समाधान के लिए बार-बार ईडी वर्क्स के स्तर से हस्तक्षेप का इंतजार करना पड़ेगा? रेल मिल के जिम्मेदार अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए कर्मचारियों को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराना चाहिए।
