कर्मचारी से अधिकारी बनने की राह में रोड़ा। बीएसपी के कई विभागों के एचओडी को प्रबंधन ने दो-टूक जवाब, ग्रेडिंग खारिज।
- पहली बार ऐसा हो रहा है कि एचओडी द्वारा ग्रेडिंग देने के बाद उसे वापस कर दिया गया है।
अज़मत अली, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल में जबरिया रिटायरमेंट (Compulsory Retirement) की आंधी आने वाली है। कर्मचारियों को रडार पर ले लिया गया है। सेल प्रबंधन ने कर्मचारियों के लिए ग्रेड का फॉर्मूला अब अनिवार्य कर दिया है। एचओडी मनपसंद के कर्मचारियों को रेवड़ी की तरह ग्रेड नहीं बांट पा रहे हैं। जिन विभागों में ग्रेड बांटा जा चुका है, उसे खारिज कर दिया गया है। उन्हें दोबारा रिव्यू के लिए बोला गया। हर तरफ हड़कंप मचा हुआ है।
सेल भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारियों को जबरिया रिटायरमेंट के दायरे में लाने के लिए बड़ा दांव खेला गया। प्रबंधन के मुताबिक विभागों में नए नियम के तहत 20% से ज्यादा कर्मचारियों को O ग्रेड नहीं देगा। 25% कर्मचारियों को B ग्रेड देना ही है।
55% कर्मचारियों में A और C ग्रेड बंटेगा
भिलाई स्टील प्लांट के अधिकारियों की आज़ादी पर रोक लगा दी गई है। 45 प्रतिशत कर्मचारियों को ही ओ और बी ग्रेड दिया जाएगा। शेष 55% कर्मचारियों में A और C ग्रेड बंटेगा। सी ग्रेड को लेकर कोई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है। नॉन परफॉर्मेंस के आधार पर सी ग्रेड तय है।
सेल कारपोरेट आफिस के आदेश पर अमल करो
ग्रेड तय होने के बाद प्रबंधन दौरा इसे वापस लौटाने का मामला तूल पकड़ चुका है। विभागों में माथापच्ची हो रही है। एचओडी स्तर के अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों से इस विषय पर बात की। सबको एक ही जवाब दिया जा रहा है कि सेल कारपोरेट आफिस के आदेश पर अमल करना है। इसके अलावा कोई बात नहीं सुनी जाएगी।
मन चाहे कर्मचारी को लाभ पहुंचाने पर रोक
नॉन एक्स को ग्रेड पहले से दिया जाता रहा है। लेकिन, इसका संबंध प्रमोशन से नहीं होता था। सी-ग्रेड पाने वाले कर्मचारी ही फंसते थे। अब पर्सनल विभाग की नई गाइडलाइन ने सबको हैरान कर दिया है।
पहली बार ऐसा हो रहा है कि एचओडी द्वारा ग्रेडिंग देने के बाद उसे वापस कर दिया गया है। दोबारा पूरी प्रक्रिया हो रही है। कइयों का समीकरण बिगड़ गया है। अब नॉर्म्स से ही ग्रेड देना है। मन चाहे कर्मचारी को लाभ नहीं पहुंचा सकते हैं।
एनईपीपी का खामियाजा अब भुगतेंगे कर्मचारी
नॉन एक्जीक्यूटिव प्रमोशन पॉलिसी-एनईपीपी आने के बाद अब यह तय हो गया है कि 3 बी ग्रेड पाने वाले कर्मचारी का प्रमोशन रुक जाएगा। नए नियम से कर्मचारी इसकी जद में आएंगे ही। नई प्रक्रिया को सीआर की कैटेगरी के रूप में देखा जा रहा है।
कर्मचारी से अधिकारी बनने की राह में रोड़ा
बीएसपी के कई विभागों के अधिकारियों ने पर्सनल विभाग से बात करके बोला कि कुछ कर्मचारी जूनियर मैनेजर परीक्षा के लिए तैयार हैं। इसलिए उनका ग्रेड कैसे खराब कर दिया जाए। प्रबंधन की तरफ से स्पष्ट जवाब दिया गया है कि ई-0 के लिए कोई आवेदन करता रहे, इसका ये मतलब नहीं कि उन्हें ओ ग्रेड दिया जाए। कई सेक्शन में तनाव का माहौल बन गया है। लोगों को समझाया जा रहा है।








