SAIL Lease Policy 2026: नया सर्कुलर जारी, जमीन की नई वैल्यूएशन से लेकर 30-33 साल की लीज तक, जानिए क्या बदला

यदि लीजधारक नई नीति के अनुसार लीज का नवीनीकरण नहीं कराता है, तो उसे कब्जेदार मानकर बेदखली की कार्रवाई की जाएगी। सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल ने नई लीज पॉलिसी को लागू किया है। बोकारो की एक संस्था का अथक प्रयास रंग लाया और सेल ने पूरी पॉलिसी को ही बदल दिया है। सेल बोकारो,

  • यदि लीजधारक नई नीति के अनुसार लीज का नवीनीकरण नहीं कराता है, तो उसे कब्जेदार मानकर बेदखली की कार्रवाई की जाएगी।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल ने नई लीज पॉलिसी को लागू किया है। बोकारो की एक संस्था का अथक प्रयास रंग लाया और सेल ने पूरी पॉलिसी को ही बदल दिया है। सेल बोकारो, भिलाई, दुर्गापुर, इस्को बर्नपुर, राउरकेला, खदान आदि टाउनशिप में नई पॉलिसी का सीधा असर है। जमीन की नई वैल्यूएशन, लीज अवधि, शुल्क आदि को लेकर सेल बीएसपी प्रबंधन ने नया सर्कुलर जारी कर दिया है। सेल के आभिलाई स्टील प्लांट (BSP) की जमीन पर लीज पर काबिज सरकारी विभागों, संस्थाओं, दुकानों, शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक-सामाजिक संगठनों और अन्य एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। सेल बोर्ड ने लीज/सब-लीज पर दी गई जमीन के नवीनीकरण के लिए नई Policy Guidelines-2026 को मंजूरी दे दी है। यह नीति 15 मई 2026 से प्रभावी है। ये खबर भी पढ़ें: SAIL CMD की फोटो लगाकर WhatsApp पर फर्जीवाड़े की कोशिश, प्रबंधन ने किया सतर्क भिलाई स्टील प्लांट के टाउन सर्विसेज डिपार्टमेंट ने 3 अगस्त 2026 को नया सर्कुलर जारी किया है। नई नीति के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी है। ऐसे में शहर में सेल की जमीन पर लीज रखने वाले लोगों और संस्थाओं के लिए लैंड वैल्यूएशन, कैटेगरी, रिन्यूअल चार्ज, सिक्योरिटी डिपॉजिट, ग्राउंड रेंट, सर्विस चार्ज, लीज अवधि और देरी की स्थिति में लगने वाले ब्याज को समझना बेहद जरूरी है। सूचनाजी.कॉम पूरी जानकारी को एक साथ साझा कर रहा है। ये खबर भी पढ़ें: Bhilai Steel Plant: इस्पात भवन घेराव आज नहीं, अब 8 अगस्त की शाम को, और बड़ा हुआ आंदोलन नई गाइडलाइन दो तरह के मामलों पर लागू होगी जिन लीज की अवधि 15 मई 2026 से पहले समाप्त हो चुकी थी। जो लीज 15 मई 2026 या उससे पहले अस्तित्व में थीं और 15 मई 2026 के बाद नवीनीकरण के लिए देय हो रही हैं। यह नीति केवल मौजूदा लीज के नवीनीकरण के लिए है। जमीन के नए आवंटन के मामले में सेल बोर्ड की मौजूदा फ्रेश अलॉटमेंट गाइडलाइन लागू रहेगी। ये खबर भी पढ़ें: वेतन-पेंशन पर भड़के कर्मचारी, BMS का 17 अगस्त को देशव्यापी आंदोलन जमीन की कीमत अब अधिकृत वैल्यूअर तय करेगा लीज नवीनीकरण के समय जमीन का मूल्यांकन SAIL/BSP द्वारा नियुक्त अधिकृत वैल्यूअर करेगा। इसी मूल्यांकन के आधार पर Applicable Land Premium निर्धारित किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर सेल/बीएसपी किसी दूसरी अधिकृत एजेंसी या संस्था से मूल्यांकन का Validation या Cross-Verification भी करा सकता है। यानी पुराने समय में जमीन किस दर पर आवंटित हुई थी, उसी आधार पर रिन्यूअल चार्ज तय नहीं होगा। नई नीति में नवीनीकरण के समय की जमीन की लागू वैल्यूएशन महत्वपूर्ण होगी। ये खबर भी पढ़ें: SAIL Rourkela Steel Plant: 31 अधिकारियों ने लिए वीआर, 6 का रिटायरमेंट, एग्जीक्यूटिव्स एसोसिएशन ने दी विदाई लीजधारकों को तीन कैटेगरी में बांटा गया Category-1: कमर्शियल और सामान्य संगठन-इसमें Central Public Sector Undertakings (CPSEs) State Public Sector Undertakings Banks ATMs Insurance Companies Private Shops Shop-cum-Residence/Establishments Petrol Pumps Cinema Halls अन्य Commercial Organisations ये खबर भी पढ़ें: SAIL BSL के अधिकारियों का सामना डीआइसी-ईडी से, दनादन दगे सवाल… Category-2: सरकारी, गैर-वाणिज्यिक, हाउसिंग और शैक्षणिक संस्थान (A) Government Authorities ऐसे सरकारी विभाग जो संप्रभु, कानून-व्यवस्था या नागरिक प्रशासन से जुड़े कार्य करते हैं। Income Tax Department ESIC CISF Post Office State Government Departments District Administration Police Authorities Municipal Corporation (B) Non-Commercial Organisations ICAI ICMAI QCFI IIM NIPM आदि Professional Bodies ये खबर भी पढ़ें: पति-पत्नी दोनों को HRA नहीं, केंद्र सरकार ने राज्यसभा में दिया जवाब (C) Group Housing Societies Employee Housing Cooperative Societies, जिन्हें आवासीय उद्देश्य से जमीन आवंटित की गई है। (D) Educational Institutions Schools Colleges Institutes Academic Institutions आदि। Category-3 में धार्मिक, सामाजिक और चैरिटेबल संस्थाएं मंदिर मस्जिद चर्च गुरुद्वारा Cremation Grounds Cemeteries सामाजिक-सांस्कृतिक एवं परोपकारी संस्थाएं रामकृष्ण मिशन ब्रह्मा कुमारी अरबिंदो सोसाइटी जैसी संस्थाएं Public Libraries/Archives Charitable Schools/Hospitals Special Schools/Centers for specially-abled महिला समितियां Employee Associations ये खबर भी पढ़ें: SAIL Rourkela Steel Plant: 31 अधिकारियों ने लिए वीआर, 6 का रिटायरमेंट, एग्जीक्यूटिव्स एसोसिएशन ने दी विदाई लीज कितने साल की होगी नई नीति में लीज अवधि को 30/33 वर्ष तक सीमित किया गया है। इसके बाद उसी अवधि के लिए एक बार नवीनीकरण का प्रावधान है। लेकिन नवीनीकरण अपने आप नहीं होगा। लीजधारक को आवेदन करना होगा और उस समय लागू नियम एवं शर्तों के अनुसार Competent Authority की मंजूरी जरूरी होगी। नवीनीकरण के समय कैटेगरी बदल सकती है यह प्रावधान शहरवासियों और संस्थाओं के लिए खासा महत्वपूर्ण है। लीज के नवीनीकरण के समय जमीन का वास्तविक स्वरूप और उपयोग देखा जाएगा। इसके लिए SAIL/BSP द्वारा गठित Standing Committee जमीन की प्रकृति और उपयोग का आकलन करेगी। यदि समिति को लगता है कि लीज को उच्च श्रेणी में रखा जाना चाहिए, तो वह Higher Category में रखने की सिफारिश कर सकती है। अंतिम निर्णय Competent Authority की मंजूरी के बाद होगा। ये खबर भी पढ़ें: भारतीय जीवन बीमा निगम: सरकार और कम कर रही अपनी हिस्सेदारी, LIC कर्मी भड़के, 5 को देशभर में प्रदर्शन ₹50 लाख या अधिक औसत आय वाली संस्थाओं पर भी नजर Category-2(B), Category-2(D) और Category-3 में आने वाली ऐसी संस्थाएं जिनकी पिछले पांच वित्तीय वर्षों में औसत वार्षिक आय ₹50 लाख या उससे अधिक है, उनके Audited Income-Expenditure Statements की हर पांच साल में समीक्षा होगी। यदि औसत आय, औसत खर्च से 15 प्रतिशत या उससे अधिक ज्यादा पाई जाती है, तो Competent Authority की मंजूरी के बाद अगली उच्च श्रेणी के Ground Rent और Service Charges लागू किए जा सकते हैं। ये खबर भी पढ़ें: रिश्वतबाज AGM को 3 साल की सजा, सीबीआई कोर्ट ने भेजा जेल सबसे अहम: Renewal Charges कितना देना होगा नई नीति में नवीनीकरण के समय लागू Land Premium के आधार पर शुल्क तय होगा। कैटेगरी Renewal Charges Category-1 Applicable Land Premium का 25% Category-2 Applicable Land Premium का 10% Category-3 ₹1 टोकन अमाउंट यह शुल्क नवीनीकरण की तारीख पर लागू दर के आधार पर होगा, चाहे शुरुआती जमीन आवंटन किस दर पर हुआ था। Category-3 के लिए खास बात Category-3 संस्थाओं को Renewal Charges के मामले में ₹1 का Token Amount देना होगा। लेकिन उन्हें Interest-free Security Deposit, Annual Ground Rent और Annual Service Charges Category-2 की दरों पर देने होंगे। ये खबर भी पढ़ें: वित्त मंत्रालय की तर्ज पर SAIL में हर तिमाही यूनियनों संग करें बैठक, BAKS की चिट्ठी से नई बहस Category-2 के लिए जमीन के उपयोग पर विशेष राहत नई नीति में Category-2 मामलों के लिए एक विशेष प्रावधान है। यदि आवंटित कुल जमीन में वास्तविक Built-up Area 50% से कम है, तो लीजधारक को 1.5 गुना वास्तविक Built-up Area के संबंध में Renewal Charges, Interest-free Security Deposit, Annual Ground Rent और Annual Service Charges देने का विकल्प दिया जा सकता है। इसके बाद बची हुई खाली जमीन, जिसे BSP सत्यापित करेगा, Right to Use के आधार पर Category-2 में लागू Annual Ground Rent और Annual Service Charges का भुगतान करने पर इस्तेमाल की जा सकती है। ये खबर भी पढ़ें: SAIL में फास्ट ट्रैक जीएम प्रमोशन के खिलाफ SEFI, CMD को पत्र, सीनियर को कीजिए पहले प्रमोट Renewal के समय तीन गुना Annual Charges का Security Deposit हर लीजधारक को नवीनीकरण के समय Interest-free One-time Security Deposit देना होगा। यह राशि उस समय लागू… Annual Ground Rent + Annual Service Charges की तीन गुना राशि के बराबर होगी। Ground Rent कितना होगा Annual Ground Rent Applicable Renewal Charges का 1 प्रतिशत होगा। इसके अलावा इसमें हर पांच साल बाद पिछले भुगतान की गई राशि पर 10 प्रतिशत की वृद्धि होगी। ये खबर भी पढ़ें: SAIL मजदूरों के AWA पर गहराया संकट, CMO में भुगतान रोकने का आदेश, क्या सभी प्लांट के श्रमिकों का रुकेगा पैसा Service Charges भी बढ़ेंगे Annual Service Charges Applicable Renewal Charges का 2 प्रतिशत होंगे। इसमें भी हर पांच साल बाद पिछले भुगतान की गई राशि पर 10 प्रतिशत की वृद्धि होगी। इसके अलावा पानी और बिजली के शुल्क समय-समय पर लागू दरों के अनुसार अलग से देय होंगे। 2008 के बाद रिन्यू हुई लीज के लिए भी बड़ा प्रावधान जिन लीज मामलों का नवीनीकरण 1 अप्रैल 2008 या उसके बाद हुआ है, उनमें Annual Ground Rent और Annual Service Charges को नई Policy Guidelines के अनुसार दोबारा निर्धारित किया जाएगा। यदि पहले से कोई अतिरिक्त राशि जमा हो चुकी है तो संभव होने पर उसे बाकी लीज अवधि में भविष्य के Service Charges में समायोजित किया जा सकता है। लेकिन पहले जमा अतिरिक्त राशि का नकद रिफंड नहीं मिलेगा। ये खबर भी पढ़ें: वेतन पर डाका नहीं डाल पाएंगे ठेकेदार, रिटायरमेंट से चंद घंटे पहले जेएन ठाकुर रच गए इतिहास, BSP में ये योगदान, देखें फोटो… लीज रिन्यू कराने के लिए एक साल का समय लीज को नवीनीकरण की देय तारीख से एक वर्ष के भीतर रिन्यू कराना होगा। इस अवधि में देरी के लिए अलग से Delay Charges नहीं लगाए जाएंगे। इसके अलावा नई नीति के तहत पात्र पुराने मामलों के लिए Circular जारी होने की तारीख से एक वर्ष की One-time Amnesty भी दी गई है। Amnesty अवधि में क्या होगा इस अवधि में Renewal Charges पर देय तारीख से भुगतान की तारीख तक SBI Cash Credit Rate के हिसाब से Simple Interest लगेगा। लेकिन कोई Penal Interest नहीं लगेगा। Security Deposit, Annual Ground Rent और Annual Service Charges नई दरों के अनुसार बिना किसी ब्याज के देय होंगे। ये खबर भी पढ़ें: SAIL BIG NEWS: प्रमोशन ऑर्डर आया नहीं, एक और CGM इंटरव्यू की तैयारी शुरू एक साल के बाद क्या होगा यदि आवेदन निर्धारित एक साल की अवधि समाप्त होने के बाद किया जाता है, तो बकाया Renewal Charges पर 12 प्रतिशत सालाना Simple Penal Interest लगेगा। इसके अलावा नई नीति के तहत लागू अन्य शुल्क भी देने होंगे। उन अन्य शुल्कों पर कोई ब्याज नहीं लगेगा। लीज रिन्यू नहीं कराई तो क्या होगा यह प्रावधान सबसे गंभीर है। यदि लीजधारक नई नीति के अनुसार लीज का नवीनीकरण नहीं कराता है, तो उसे अनधिकृत कब्जाधारी (Unauthorised Occupant) माना जा सकता है। ऐसी स्थिति में SAIL/BSP को कानून के अनुसार कार्रवाई करने का अधिकार होगा। लीज समाप्त करना, जमीन से बेदखली, बकाया राशि की वसूली, नुकसान/डैमेज की वसूली जैसी कार्रवाई होगी आवेदन कहां करना होगा जो लीजधारक नई नीति के तहत पात्र हैं और अपनी लीज रिन्यू कराना चाहते हैं, वे निर्धारित दस्तावेजों के साथ Bhilai Steel Plant के Town Services Department के संबंधित Section में आवेदन जमा कर सकते हैं। भिलाई स्टील प्लांट समय-समय पर यदि आवेदन का कोई अन्य माध्यम निर्धारित करता है तो उस माध्यम से भी आवेदन किया जा सकेगा। ये खबर भी पढ़ें: बोकारो स्टील प्लांट के सीजीएम संग 12 अधिकारी, 54 कर्मचारी रिटायर्ड नई SAIL Lease Policy 2026 को आसान भाषा में समझिए नई जमीन की कीमत: अधिकृत Valuer तय करेगा। लीजधारक: Category-1, Category-2 या Category-3 में आएगा। लीज अवधि: 30/33 साल। Renewal: एक समान अवधि के लिए, लेकिन आवेदन और Competent Authority की मंजूरी जरूरी। Category-1 Renewal Charge: Land Premium का 25% Category-2: Land Premium का 10% Category-3: ₹1 Token Amount। Security Deposit: 3 गुना Annual Ground Rent + Service Charges। Ground Rent: Renewal Charges का 1% Service Charges: Renewal Charges का 2% हर 5 साल: Ground Rent और Service Charges में 10% वृद्धि। एक साल के भीतर Renewal: बिना Delay Charges। Amnesty: Circular की तारीख से एक साल। एक साल के बाद: Renewal Charges पर 12% सालाना Simple Penal Interest। Renewal नहीं कराया: Unauthorised Occupant मानकर कार्रवाई संभव। ये खबर भी पढ़ें: SAIL Director Finance Interview: सेल, रेलवे, GAIL, NBCC और गुजरात सरकार के 12 अधिकारी देंगे 10 अगस्त को इंटरव्यू, पढ़ें नाम अपने दस्तावेज को तैयार रखिए इस तरह नई नीति में केवल लीज की अवधि ही नहीं, बल्कि जमीन की वर्तमान वैल्यूएशन, जमीन के वास्तविक उपयोग, संस्था की कैटेगरी, आय-व्यय की समीक्षा और नवीनीकरण के बाद लगने वाले वार्षिक खर्च को भी महत्वपूर्ण बनाया गया है। इसलिए सेल की जमीन पर लीज रखने वाले संस्थानों और एजेंसियों के लिए अपने दस्तावेज, लीज की स्थिति और निर्धारित नवीनीकरण तारीख की समय रहते जांच करना बेहद जरूरी है। येे खबर भी पढ़ें: Steel Authority of India Limited: 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