सेल मेगा PSU को तैयार। सेल, RINL, मेकॉन, मॉयल, नगरनार स्टील प्लांट के मर्जर के लिए अब मंत्रालय में होगी बात।
- सेल अधिकारी, सेफी पदाधिकारियों की सीएमडी डाक्टर अशोक कुमार पंडा, सेफी चेयरमैन एनके बंछोर की मौजूदगी में बैठक।
अज़मत अली, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड अफसरों के मुद्दों पर सेफी और सेल प्रबंधन के बीच अहम बैठक दिल्ली में हुई। सीएमडी डॉक्टर अशोक कुमार पंडा की मौजूदगी में अधिकारियों के लंबित मुद्दों पर चर्चा हुई। 10 हजार करोड़ के प्रॉफिट को हासिल करने में अधिकारी पूरा योगदान करने को तैयार हो गए हैं।
कई विषयों पर सीएमडी ने हामी भरी और मंजूरी दे दी है। सेल में जबरन रिटायरमेंट पर सीएमडी ने कहा-अब कुछ नहीं हो सकता है। जो होना था, वह हो गया है। लेकिन, जिन्हें सीआर दिया गया है। वे अपील कर सकते हैं। सेल प्रबंधन रिव्यू करेगा। सेफी की तरफ से कहा गया कि विजिलेंस और सीबीआई आदि गंभीर केस में कार्रवाई समझ में आती है। लेकिन, यहां तो टार्गेट करके कंपनी से बाहर किया गया है।
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खुन्नस में सी-बी ग्रेड देकर फंसाया जा रहा है। अधिकारियों को ही सीआर बार-बार क्यों दिया जा रहा है? मनोबल गिर रहा है। डर के साये में अधिकारी काम कर रहे हैं। कम मैनपॉवर में ज्यादा काम करने वाले अधिकारियों के साथ ये बर्ताव समझ से परे है। ऐसे में सीआर की परंपरा कंपनी हित में नहीं है।
बैठक में सीएमडी डाक्टर अशोक कुमार पंडा, डायरेक्टर पर्सनल केके सिंह, डायरेक्टर माइनिंग मनीष राज गुप्ता, डायरेक्टर कामर्शियल टीएन नटराजन और सेफी चेयरमैन एनके बंछोर, वाइस चेयरमैन अजय कुमार पांडेय, जनरल सेक्रेटरी संजय आर्या, बीएसएल ओए अध्यक्ष एके सिंह, बीएसपी ओए महासचिव अंकुर मिश्र, सेफी नामिनी अखिलेश मिश्र, आरएसपी एसोसिएशन अध्यक्ष अबकाश बेहरा, महासचिव संपद मिश्रा, दुर्गापुर अध्यक्ष तमल भट्टाचार्य आदि मौजूद रहे।
बीएसएनएल का साथ छूटने जा रहा
सेफी पदाधिकारियों ने सेल प्रबंधन के सामने बीएसएनएल के नेटवर्क का मुद्दा उठाया। दिल्ली में बैठे पदाधिकारी ऑनलाइन ऑर्डर कर रहे थे, लेकिन ओटीपी तक नहीं आ रहा था। प्लांट में नेटवर्क न होने से परेशानी बताई गई। इस पर प्रबंधन ने कहा-जहां जिस कंपनी का बेहतर नेटवर्क हो, उसकी सेवा ली जाएगी।
एक्सीडेंटल केस में पत्नी के इलाज की सुविधा कंपनी देती है। बच्चों की सेवा बंद कर दी जाती थी। अब 25 साल तक के बच्चों को मेडिकल सुविधा मिलेगी।
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सेल के किसी भी अस्पताल में अब कराइए इलाज
सेल-सेफी बैठक में एक और अहम मुद्दे पर बात हुई है, जिसको सेल प्रबंधन ने मंजूरी दे दी है। जल्द ही इसे लागू कर दिया जाएगा। सेल के किसी भी अस्पताल में दूसरे प्लांट के कार्मिक इलाज करा सकेंगे। नई व्यवस्था जल्द ही लांच होने वाली है। उदाहरण के रूप में बोकारो के कार्मिक भिलाई के सेक्टर 9 या राउरकेला जनरल हॉस्पिटल में इलाज करा सकेंगे। प्रबंधन से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी। पॉलिसी बनाई जाएगी। यूनिफॉर्म मेडिकल बुक होगी। इसको लागू करने के लिए सीएमडी राजी हो गए हैं।
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लाइसेंस पर देंगे पूर्व कार्मिकों को मकान
सेल के स्टील प्लांट से रिटायर कार्मिकों को लाइसेंस पर आवास देने की बात सामने आ रही है। मेंटेनेंस आदि का पैसा लेंगे। कब्जे में जमीन और मकान है तो उसको खाली कराया जाएगा। एनबीसीसी समेत अन्य एजेंसियों से बातचीत चल रही है। जरूरत के हिसाब से टाउनशिप में नए मकान बनाए जाएंगे। बाकी एरिया सरकारी एजेंसी को हैंडओवर कर दिया जाएगा, ताकि वे मकान आदि बनाकर उसे बेच सकें। किस तरह का प्लान होगा, इस पर मंथन चल रहा है। सारी बातें सामने आने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
